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ईस्टर सन्डे क्या हे ? (What is Easter Sunday in hindi)

JESUS RESURRECTION

क या आप जानते हे ईस्टर क्या हे और इसे क्यूँ मनाया जाता हे ? अगर नहीं ! तो यह अर्तिक्ल आपके लिए बोहुत ही INFORMATIVE होने वाली हे  | ईसाई धर्म के अनुयायिओं  और बाइबिल के मुताबिक ईस्टर यानि पुनुरुथान(RESURRECTION) यीशु मसीह(ईशाई धर्म के संस्थापक) इस रबिवर के  दिन में मृत्यु कों मेंसे जीवित हो उठे थे |

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जो इसी सप्ताह के फ्राइडे(FRIDAY) को इस्राइल देश के सस्त्रिओं और पुरोंहितों और रोमी सामराज्य के हकीमों के द्वारा यीशु मसीह को कलवारी पहाड़/खोपड़ी की स्थान पर क्रुस्म्रुत्यु दे दी गयी थी  और तीसरे दिन यानि रबिवर को जीवित हो उठे थे |

इसका मतलब यह था की यीशु मसीह मृत्यु को जित लिया जो पहले कभी एसा हुआ था और न आगे हुआ हे | इसीलिए ईशाई धर्म के अनुयायिओं साल के इस रबिवर को ईस्टर सन्डे, पुनुरुथान और बिजाई की के रूप में इस त्यौहार को मानते हे |

ईस्टर सन्डे को पूरी DETAILS में जानकारी और इसकी इतिहास जो बोहुत ही अद्भुत और सची घटनाओं में आधारित हे  जानकारी प्राप्त  कने के लिए, चलिए सुरु करते हैं |

ईस्टर सन्डे क्यूँ मनाया जाता हे ?(Why celebrate Easter Sunday in hindi ?)

ईस्टर सन्डे इसे बिस्तर रूप से समझने के लिए गुड फ्राइडे क्यूँ मनाया जाता हे और इसकी इतिहास क्या हे जानने से ईस्टर को और आसानी से स्टेप बय  स्टेप समझ सकते हे

NWGEL CHURCH KABRASTHAN PIC By – ONY

गुड फ्राइडे शौक,प्रेम और श्यामा का त्यौहार हे लकिन उसी सप्ताह के तीसरे दिन रबिवर को ईस्टर सन्डे हर्ष और उह्ल्हाश, सेलिब्रेशन के साथ मनाया जाता हे क्यूँ की इसी ईस्टर के दिन यीशु मसीह मृत्यु मेंसे जीवित हो उठे थे |

इसीलिए पूरी दुनिया के ईशाई धर्म के अनुयायी इस रबिवर के दिन को हैप्पी  ईस्टर,पुनुरुथान और मृत्यु से बिजाई के रूप में बड़े खुसी से इस त्यौहार को मनाते हे |

ईस्टर सन्डे का इतिहास (History of Easter Sunday)

बाईबल और कई यहूदी धर्म इतिहास करों के अनुसार यह 2000 साल पहले की घटनाएं हे जब इस्राइल देश में रोमी समरज्याओं के हकीमों का सासन था | इस्राइल देश में रहने वाले  यहूदी धर्म के भ्रष्ट  सस्त्रिओं और पुरोहितों और कापती लोगों के हिंशा साजिश में यीशु मसीह को फाषा कर रोमी सामराज्य के हकीमों द्वारा क्रुश्म्रुत्यु दे दिया गया |

लकिन वोह लोग जाने अनजाने ही सही यीशु मसीह के इस प्रुथिवी में आने से पहले ही पुराना नियम में 300 से अधिक बार भविष्यवाणी को हकीकत में बदल रहेथे | क्यूंकि  परमेश्वर पिता के एक लौते पुत्र यीशु मसीह का आने का उदेश्य अपनी इछा नहीं वल्कि अपने परमेश्वर पिता की इछा पूरी हो सके |

इसीलिए क्यूंकि यीशु मसीह को खुद ही जानकारी थी और स्वंयम अपने पकडवाया जाने से पहले तीन बार भविष्यवाणी कर चुके थे |

यहूदी धर्म के भ्रष्ट सस्त्रिओं,पुरोहितों और कपटी लोगों के  द्वोरा यीशु मसीह को मृत्यु दंड दिया गया |

जब यह घटना घाट रही थी तब रोमी सामराज्य के हाकिम पिन्तियुश पिलातुस के पास लिया गया  तब कोई भी एसा पुक्ता साबुत नहीं था की यीशु मसीह को दंड के योग्या माना जाता लेकिन दो यहूदी लोग यीशु मसीह की कही बात को स्मरण करते हुए कहा ‘’यह हमारी परमेश्वर के मंदिर को तीन दिन में ढह दूंगा कहता हे ‘’

पिन्तियुस पिलातुस यीशु को पूछा ‘’क्या तू यहूदियों का राजा हे ‘’ यीशु ने कहा ‘’ तू आप ही कह रहा  हे ‘’ जब प्रधान याजक और पुरनिए उस पर दोष लगा रहे थे, तो उसने कुछ उतार नहीं दिया ईस पर पिलातुस ने काहा ‘’क्या तू नहीं सुनता कि य्ढ़ तेरे विरोध में कितनी गवाह दे रहे हैं’’ |

परन्तु यीशु ने एक बात की भी उतार ना दिया | यहाँ तक की हाकिम को बड़ा अस्चर्या हुआ | हाकिम की रीती थी की साल के उस फसह पर्ब में जिसे वे चाहे एक बन्दी को छोड़ देते थे | उस समय बरआबा नामक मन हुआ बन्दी गृह में था  |

पिलातुस ने बरआबा को बुलवा कर  भीड़ से कहा देखो इन दोनों में से किस  को छोड दूं | बरआबा जो एक चोर,डाकू और गुन्हेगार हे और दूसरा  जो ‘’मसीह कहलाता’’ हे | भीड़ जोर से कही ‘’बरआबा को छोड़ दिया जाये’’ तो पिलातुस ने कहा ‘’क्यूँ ‘’ ?

क्यूंकि  पिलातुस संव्य जनता था की यीशु को दाह से पकड्वोया गया हे और अपने पत्नी के कहने के मुताबिक यीशु धर्मी ब्यक्ति हे | लकिन भीड़ की हुल्लड़ ओर तेज हुई कि यीशु को क्रूस पर मृत्यु दी जाये |

तब पिलातुस ने भीड़ के आगे पानी से अपने हाथ धो कर कहा ‘’में इस धर्मी के लहू से निर्दोष हूँ, तुम ही जानो’’ | सब लोग ने उतर दिया ‘’ इसका लहू हम पर और हमारी संतानों पर हो’’ | इस पर उसने बरआबा को छोड़ दिया और यीशु को कोड़े लगवाकर सौप दिया |

ईस्टर के दिन क्या हुआ था ?( what’s  happened on Easter Sunday in hindi )

सुकृवार(Good Friday) को क्रूसमृत्यु दंड दिया गया था उसके तीसरे दिन के भोर शुबहा मरियम  मगदलीनी और दूसरी मरियम  कब्र को देखने गए क्यूंकि यीशु मसीह की  भविष्यवाणी यह था ‘’तीसरे दिन में  मे मृत्यु में से जीवित हो उठूँगा |

जब वोह दोनों मरियम कब्र के पास पोहुचे तो देखा कब्र का पथल लुड्काया  गया हे यह देख दोनों दोड़ते हुए कब्र के अन्दर गये देखा यीशु मसीह का सरीर नहीं हे सिर्फ कपडा हे जो उससे ढाका गाया था | उनके दाहिनी ओर एक स्वर्ग दूत था जो उसका रूप बिजली का सा और वस्त्र पले के सामान उज्जवल था |

उसने कहा जेसे यीशु मसीह का कहना था की ‘’में मृत्यु में से  तीसरे दिन जीवित हो उठूँगा ‘’ वेसा ही यीशु मसीह जीवित हो उठे हैं | और वोह गालील की ओर जारहा हे |

यह बात सुनने के बाद भय से दोनों सिग्रह गालील की ओर जाने लगे |

फिर यीशु मसीह अपने चेलों से मिले और 40 दिन इस पृथिवी पर रहा उसके बाद | एक पहाड़ (चोटी) में 300 से भरी भीड़ के सामने यीशु मसीह अपने उपदेश देते हुए | असमान की ओर स्वर्ग में उठालिया गया |

ईस्टर सन्डे केसे मानते हें ? (How celebration of Easter Sunday in Hindi)

ईस्टर सन्डे को ईशाई धर्म के अनुयायी बड़े सेलिब्रेशन के साथ त्यौहार मानाते हैं | इस रबिवर को पवित्र इतवार ,Happy  Easter,Resurrection, कब्र पर्ब या पुनुरुथान का इतवार रूप में मानते हैं | सुबह सुबह ईशाई लोग अपने चर्च जाते हैं और बाईबल के पाठ प्रार्थना और गीत और भजन गाते हुए यीशु की स्तुति और प्रसंसा की जाती हे |

NWGEL CHURCH KABRASTHAN PIC Credit – ONY

ईशाई धर्म के कई सरे कलिस्या  हैं जो अपने रीती से पर्व मानाते हैं | जेसे की N.W.G.E.L. CHURCH, G.E.L. CHURCH, C.N.I. CHURCH ओर एसे कलिस्या  हैं |

जो सुबह के 3,4 बजे से ही अपने परिवार के स्वर्गवासी लोग के कब्रों को फुल और दीप से सजाते हुए यीशु की बढाई और प्रभु यीशु की सुसमाचार पास्टर द्वारा  सुनाई जाती हे |

ईस्टर का सन्देश ( What’s the message of Easter Sunday in hindi)

जेसे की परमेश्वर की इछा यह था की अपने लौते पुत्र को मृत्यु दंड दिया जाये और मृत्यु में से जीवित हो उठे |क्यूंकि परमेश्वर पिता संसार के लोगो में विस्वास दिलाना चाहता था की यीशु की ज्ञान और उसके बनाये हुए मार्ग पर चलने से और यीशु मसीह पर पुरे मन और बोधि ज्ञान से भरोषा रखो तो तुम मर भी जाओ तोभी जिओ गे जेसा यीशु मसीह कहते हैं ‘’ अगर तुम मुझमे विश्वास करते हो तो मर भी जाओ तो भी जिओगे अनंत कल तक’’|

ईस्टर हमे प्रेम और विश्वास को प्रकट करती हे अगर हम पुरे मन से येस्शु की बचन जो हमे बाईबल में मिलती हे | उसके अनुसार चले तो हम मर भी जाये तो भी जियेंगे और अनंत कल तक यीशु के साथ स्वर्ग में रहेंगे जहा आनंदमय जीवन हे |

असा करता हूँ यह ARTICLE ईस्टर क्या हे और इसे क्यूँ मनाया जाता हे और इसकी इतिहास से सम्भंधित यह बाईबल की शिक्स्या जो परमेश्वर पिता और पुत्र और पवित्र आत्मा के अनुसार हे | आपको समझने में थोड़ी मदत हुआ हो | अगेर आप कुछ सवाल या जवाब याफिर कुछ कहना चाहते हैं तो कमेंट बॉक्स में टाइप करें | धन्यवाद

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Amit kujur: नमस्ते दोस्तों मेरा नाम Amit Kujur हे ,में इंडिया के Odisha States के रहने वाला हूँ | आछा लगता हे जब इन्टरनेट के मदत से कुछ सीखते हैं और उसे website/blog के जरिये आपही जसे दोस्तों के बिच शेयर करना आछा लगता हे और मुझे भी सिखने को बोहुत कुछ मिलता हे | इसी passion को लेकर sikhnaasanhe.com website नाम का ब्लॉग बनाएं जहा हिंदी भाषा के आसान सब्दों में हार तरह के technology और skills related आर्टिकल जरिये मेरा जितना जो experience और knowledge हे शेयर करता हूँ |

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