Agar hume koi dukh de to kya karna chahiye ?

Agar hume koi dukh de to kya karna chahiye

Agar hume koi dukh de to kya karna chahiye ?   भजन 34:18   18 यहोवा टूटे मनवालों के करीब रहता है, वह उन्हें बचाता है जिनका मन कुचला हुआ है।   इफ़िसियों 3:16 कि उनकी महिमा के धन के अनुसार वह ऐसा होने दें, कि तुम भीतरी जीवन में उनकी आत्मा की मदद से … Read more

Bible hume Nakaratmak soch ke vare me kya kehti he ?

(nakaratmak soch)negative thought

बाईबल हमें नकारत्मक सोच के बारे में क्या शिक्षा देती है ?(Bible hume Nakaratmak soch ke vare me kya kehti he ?) नकारत्मक सोच से हमें आजादी कैसे मिल सकता है ?   मरकुस 5:36  36 जो बात वे कह रहे थे , उस को येशु ने अनसुना करके , आराधनालय के अधिकारी से कहा … Read more

Kisi ki Jivan me Dakhal dena !

KISI ki jivan me dakhal dena

Kisi ki Jivan me Dakhal dena ! 1 थिस्सलुनीकियों 4:11-12👇   11 जैसी हम ने तुम्हें आज्ञा दी, वैसे ही चुपचाप रहने और अपना-अपना काम-काज करने, और अपने-अपने हाथों से कमाने की कोशिश करो, 12 ताकि बाहर वालों से तुम्हें आदर (इज़्ज़त) मिले, और तुम्हें किसी वस्तु की कमी न हो।   पौलुस हमें एक … Read more

Kya Bible hume Nyay karne ki adhikar deti he ?

Kya Bible hume Nyay karne ki adhikar deti he

Kya Bible hume Nyay karne ki adhikar deti he ? रोमियों 14:1-4👇 1 जो विश्वास में नया (शुरूआती विश्वास वाला) है, उसे अपना लो, और मतभेद (शंका) वाले विषयों पर वाद विवाद मत करो। 2 एक यह मानता है कि सब कुछ खाया जा सकता है। दूसरा व्यक्ति मात्र साग सब्ज़ी खाता है। 3 इसलिए … Read more

Anugrah ke vare me Bible kya kehti he ?

Anugrah ke vare me bible kya kehti he

  Anugrah ke vare me Bible kya kehti he ? (अनुग्रह के बारे में बाईबल क्या कहती है ?) यह नए नियम का एक महत्वपूर्ण पद है और 100 से अधिक बार उपयोग किया गया है। अयोग्य गुनाहगारों को परमेश्वर द्वारा मुफ़्त में उद्धार का दिया जाना अनुग्रह या कृपा है। वह उन्हें वह सब … Read more

”Imandar” shabd ki asli arth

imandar shabd ki asli arth

”Imandar” shabd ki asli arth 2 तीमुथियुस 3:1-5 1 यह भी जान लो, कि अन्त के दिनों में बहुत विपत्ति के दिन आयेंगे। 2 लोग स्वयं से प्रेम करने वाले और धन के लोभी, अपनी ही डींग हाँकने वाले, घमण्डी, परमेश्वर के विरोध में कहने वाले, माता-पिता की बात टालने वाले, धन्यवाद न देने वाले … Read more

Shaitan kon he, kya chahta he, aur kya kar sakta he ?

Shaitan kon he, kya chahta he, aur kya kar sakta he

Shaitan kon he, kya chahta he, aur kya kar sakta he ?   विश्वासियों का एक चालाक शत्रु है, जो चाहता है कि उनको गिराने के लिए, हराने के लिए कुछ करे। शैतान का यह उद्देश्य है कि वह विश्वासियों के जीवन को बर्बाद कर डाले, कलीसियाओं को उजाड़े और मसीह का अपमान हो। यह … Read more

 Bible sarkar ke banaye gaye kanun ke vare me kya sikhsya deti he ?

bible aur kanun

 Bible sarkar ke banaye gaye kanun ke vare me kya sikhsya deti he ? बाईबल सरकार के बनाए गए कानून के बारे में क्या शिक्षा देती है ? रोमियों 13:1-5   1 प्रत्येक व्यक्ति को सरकार के बनाए हुए कानून को मानना चाहिए। इसलिए कि सब प्रकार का अधिकार परमेश्वर की ओर से है, जो … Read more

बपतिस्मा का क्या मतलब है ? (Baptisma ka kya matlab he ?)

Baptisma ka kya matlab he

बपतिस्मा का क्या मतलब है ? (Baptisma ka kya matlab he ?) मत्ती 28:19 19 इसलिए जाकर सभी देशों के लोगों को शिष्य बनाओ। उन्हें पिता पुत्र और पवित्रात्मा के नाम से बपतिस्मा दो।    यीशु ने अपने लोगों को तीन आज्ञाएँ दी – शिष्य बनाओे, बपतिस्मा दो, जो शिष्य बने उन्हें सिखाओ। हर पीढ़ी … Read more

Humara udhar udharkarta ke prati humari waada per nirvar karta hai

humara udhar humari waada

Humara udhar udharkarta ke prati humari waada per nirvar karta hai

  • आज हमारी जिम्मेदारियां क्या हैं? यह देखना है कि हमारा निजी जीवन शब्द को दर्शाता है और हमारे प्रभु और उद्धारकर्ता, यीशु मसीह द्वारा सिखाए गए सुसमाचार को संदर्भित करता है।

हम जो कुछ भी करते हैं और कहते हैं कि पृथ्वी पर चलने के लिए एक पापी व्यक्ति, यहां तक ​​कि प्रभु यीशु मसीह के उदाहरण के बाद पैटर्न होना चाहिए।

यूहन्ना 3:17

17 परमेश्‍वर ने अपने बेटे को जगत में इसलिए नहीं भेजा कि दुनिया पर सज़ा की आज्ञा दे, परन्तु इसलिए कि दुनिया उनके द्वारा मुक्‍ति पाए।

  • परमेश्‍वर संसार के सच्चे न्यायी हैं। समय आ रहा है जब प्रत्येक व्यक्‍ति को उसके साम्हने खड़ा होना पड़ेगा

(उत्पत्ति 18:25; व्यव. 32:36; 1 शमू. 2:10; भजन 7:8; 9:8; 82:8; 96:13; प्रे.काम 17:30-31; 2 कुरि. 5:10; प्रका. 20:11-13)। मसीह को परमेश्‍वर ने बचाव के लिये भेजा।

  • में दुष्टता की गुलामी और परमेश्‍वर की गुलामी में तुलना है। गुनाह अपने गुलामों को मौत के रूप में मज़दूरी देता है।

यह मौत सदा के लिए परमेश्‍वर से अलग का जीवन है (प्रका. 21:8; 2 थिस्स. 1:8-9; मत्ती 25:41)। गुनाह के गुलामों को वही मिलता है जिसके वे लायक हैं और जो कुछ वे कमाते हैं।

परमेश्‍वर अपने गुलामों को मज़दूरी नहीं, इनाम देते हैं। इसके वे लायक नहीं होते हैं और इसे कमा भी नहीं सकते है (देखें 4:4-5; 5:17; लूका 17:10; इफ़ि. 2:8-9; यूहन्ना 3:16; 4:14.

कोई व्यक्‍ति परमेश्‍वर का “गुलाम” कैसे बनता है? अपने मन परिवर्तन के साथ मसीह पर विश्‍वास करने के द्वारा। सभी विश्‍वासी परमेश्‍वर की खरीदी हुयी दौलत हैं और सेवा का मन रखते हैं।

वे इसलिए उसकी सेवा नहीं करते कि अनन्त जीवन हासिल करें, लेकिन इसलिए क्योंकि उनके पास अनन्त जीवन है।

  • यीशु ने किसी भी ऐसे बोझ से हम को मुक्‍त किया है। इसका मतलब यह हुआ कि हम को सब तरह के धार्मिक बन्धन से मुक्‍त किया गया है चाहे वह यहूदी मत का हो,

किसी और धर्म या बिगड़ी मसीहत का हो। आज़ाद का मतलब है बिल्कुल आज़ाद। मसीह के अपनाने वालों को चाहिए कि इस आज़ादी की कीमत जानें और हाथ से न जाने दें।

वे मसीह के साथ जोड़े गए हैं (मत्ती 11:28-30)। यही जूए (बन्धन) की ज़रूरत उन्हें है। यही बन्धन सच्ची आज़ादी लाता है।

  • में दुष्टता की गुलामी और परमेश्‍वर की गुलामी में तुलना है। गुनाह अपने गुलामों को मौत के रूप में मज़दूरी देता है।

यह मौत सदा के लिए परमेश्‍वर से अलग का जीवन है (प्रका. 21:8; 2 थिस्स. 1:8-9; मत्ती 25:41)। गुनाह के गुलामों को वही मिलता है जिसके वे लायक हैं और जो कुछ वे कमाते हैं।

परमेश्‍वर अपने गुलामों को मज़दूरी नहीं, इनाम देते हैं। इसके वे लायक नहीं होते हैं और इसे कमा भी नहीं सकते है

(देखें 4:4-5; 5:17; लूका 17:10; इफ़ि. 2:8-9; यूहन्ना 3:16; 4:14. कोई व्यक्‍ति परमेश्‍वर का “गुलाम” कैसे बनता है? अपने मन परिवर्तन के साथ मसीह पर विश्‍वास करने के द्वारा।

सभी विश्‍वासी परमेश्‍वर की खरीदी हुयी दौलत हैं और सेवा का मन रखते हैं। वे इसलिए उसकी सेवा नहीं करते कि अनन्त जीवन हासिल करें, लेकिन इसलिए क्योंकि उनके पास अनन्त जीवन है।

  • जैसा कि पहले था अभी भी है, मनुष्य जाति दो भागों में बँटी है – अच्छे चरित्र वाली और दुष्ट। बाईबल में परमेश्‍वरीय या अच्छे चरित्र वाले वे हैं जो एक सच्चे परमेश्‍वर के प्रति समर्पित हैं।

वह सच्चे प्रभु पर भरोसा करते और उनके कहे अनुसार जीते हैं। अधर्मी या दुष्ट इस प्रभु को नहीं मानते हैं (हालांकि मुँह से कह सकते हैं, कि विश्‍वास है) उनके जीवन इस बात के सबूत हैं कि वे नहीं करते हैं।

उद्धार के आयतें(Udhar ke Aayete) :👇

रोमि 6:23

23 इसलिए कि अपराध (गुनाह) की मज़दूरी मौत है, लेकिन हमारे स्वामी यीशु मसीह में परमेश्‍वर का ईनाम अनन्त जीवन (कभी खत्म न होने वाला परमेश्‍वरीय जीवन) है।

भजन 22:21-23

21 मुझे शेर के मुँह से और जंगली बैलों के सींगों से बचा ले, मुझे जवाब दे और बचा ले।

22 मैं अपने भाइयों में तेरे नाम का ऐलान करूँगा, मंडली के बीच तेरी तारीफ करूँगा।

23 यहोवा का डर माननेवालो, उसकी तारीफ करो! याकूब के वंशजो, उसकी महिमा करो! इसराएल के वंशजो, उसकी श्रद्धा करो।

भजन 50:23

23 जब कोई मुझे धन्यवाद देता है, जो कि उसका बलिदान है, तो वह मेरी महिमा करता है। जो मज़बूत इरादे से सही राह पर चलता रहता है, उसका मैं उद्धार करूँगा।”

भजन 50:15

15 मुसीबत की घड़ी में मुझे पुकार, मैं तुझे छुड़ाऊँगा और तू मेरी महिमा करेगा।”

भजन 34:17

17 यहोवा की आँखें नेक लोगों पर लगी रहती हैंऔर उसके कान उनकी मदद की पुकार सुनते हैं। פ [पे ] 16 मगर यहोवा बुरे काम करनेवालों के खिलाफ हो जाता हैताकि धरती से उनकी याद पूरी तरह मिटा दे।

צ [सादे ] 17 नेक लोगों ने यहोवा की दुहाई दी और उसने सुनी,उसने उन्हें सारी मुसीबतों से छुड़ाया।

2 इतिहास 32:22

22 इस तरह यहोवा ने हिजकियाह और यरूशलेम के निवासियों को अश्‍शूर के राजा सनहेरीब और बाकी सबके हाथ से बचाया और चारों तरफ के दुश्‍मनों से उन्हें राहत दिलायी।

प्रेरितों 12:11

11 तब पतरस को एहसास हुआ कि असल में क्या हुआ है। उसने कहा, “अब मैं जान गया हूँ कि यहोवा ने एक स्वर्गदूत भेजकर मुझे हेरोदेस के हाथ से बचाया है

और मेरे साथ वे बुरी घटनाएँ नहीं होने दीं जिनकी यहूदी उम्मीद कर रहे थे।”

प्रेरितों 12:5-7

5 जब पतरस जेल में था तो मंडली उसके लिए परमेश्‍वर से दिलो-जान से प्रार्थना कर रही थी। 6 जिस दिन हेरोदेस उसे लोगों के सामने पेश करनेवाला था,

उससे पहले की रात पतरस दो ज़ंजीरों से बँधा हुआ दो सिपाहियों के बीच सो रहा था और जेल के दरवाज़े पर पहरेदार पहरा दे रहे थे।

7 तभी अचानक यहोवा का स्वर्गदूत वहाँ आ खड़ा हुआ और जेल की वह कोठरी रौशनी से जगमगा उठी। स्वर्गदूत ने पतरस का कंधा थपथपाकर उसे जगाया और कहा,

“उठ, जल्दी कर!” तब उसके हाथों की ज़ंजीरें खुलकर गिर पड़ीं

2 पतरस 2:9

9 इस तरह यहोवा जानता है कि जो उसकी भक्‍ति करते हैं उन्हें परीक्षा से कैसे निकाले और दुष्टों को न्याय के दिन तक कैसे रख छोड़े ताकि उस दिन उनका नाश कर दे,

भजन 34:19

19 नेक जन पर बहुत-सी विपत्तियाँ तो आती हैं, मगर यहोवा उसे उन सबसे छुड़ाता है।

1 कुरिंथियों 10:13

13 तुम पर ऐसी कोई अनोखी परीक्षा नहीं आयी जो दूसरे इंसानों पर न आयी हो। मगर परमेश्‍वर विश्‍वासयोग्य है और

वह तुम्हें ऐसी किसी भी परीक्षा में नहीं पड़ने देगा जो तुम्हारी बरदाश्‍त के बाहर हो, मगर परीक्षा के साथ-साथ वह उससे निकलने का रास्ता भी निकालेगा ताकि तुम इसे सह सको।

2 तीमुथियुस 4:18

18 प्रभु मुझे हर दुष्ट चाल से बचाएगा और अपने स्वर्ग के राज के लिए मेरी हिफाज़त करेगा। उसकी महिमा हमेशा-हमेशा तक होती रहे। आमीन।

प्रकाशितवाक्य 3:10

10 तूने मेरे धीरज धरने के बारे में जो सुना है उसके मुताबिक तू चला है, इसलिए मैं परीक्षा की उस घड़ी में तुझे सँभाले रहूँगा जो सारे जगत पर आनेवाली है, जिससे कि धरती पर रहनेवालों की परीक्षा हो।

भजन 107:6

6 संकट में वे यहोवा को पुकारते रहे, उसने उन्हें बदहाली से बाहर निकाला।

यशायाह 41:17

17 “ज़रूरतमंद और गरीब पानी की तलाश में हैं, मगर उन्हें पानी नहीं मिलता, उनकी जीभ प्यास के मारे सूख गयी है। मैं यहोवा उनकी दुहाई सुनूँगा, मैं इसराएल का परमेश्‍वर उन्हें नहीं त्यागूँगा।

2 शमूएल 22:2

2 दाऊद ने कहा, “यहोवा मेरे लिए बड़ी चट्टान और मज़बूत गढ़ है, वही मेरा छुड़ानेवाला है।

भजन 18:2, 3

2 यहोवा मेरे लिए बड़ी चट्टान और मज़बूत गढ़ है, वही मेरा छुड़ानेवाला है। मेरा परमेश्‍वर मेरी चट्टान है जिसकी मैं पनाह लेता हूँ, वह मेरी ढाल और मेरा उद्धार का सींग है, मेरा ऊँचा गढ़ है।

3  मैं यहोवा को पुकारता हूँ जो तारीफ के काबिल है और मुझे दुश्‍मनों से बचाया जाएगा।

2 कुरिंथियों 1:21

21 मगर जो इस बात का पक्का यकीन दिलाता है कि तुम और हम मसीह के हैं और जिसने हमारा अभिषेक किया है, वह परमेश्‍वर है।

1 यूहन्‍ना 2:27

27 जहाँ तक तुम्हारी बात है, परमेश्‍वर ने जिस पवित्र शक्‍ति से तुम्हारा अभिषेक किया है वह तुममें बनी रहती है।

अब यह ज़रूरी नहीं कि कोई और तुम्हें सिखाए। मगर परमेश्‍वर तुम्हारा अभिषेक करने के ज़रिए तुम्हें सब बातें सिखा रहा है।

तुम्हारा अभिषेक सच्चा है, झूठा नहीं। और ठीक जैसे तुम्हें इस अभिषेक के ज़रिए सिखाया गया है, तुम उसके साथ एकता में बने रहो जिसने तुम्हारा अभिषेक किया है।

2 इतिहास 20:17

17 तुम्हें यह लड़ाई लड़ने की ज़रूरत नहीं होगी। तुम अपनी जगह खड़े रहना और देखना कि यहोवा कैसे तुम्हारा उद्धार करता है।

हे यहूदा और यरूशलेम, तुम मत डरना और न ही खौफ खाना। कल तुम उनसे युद्ध करने जाना और यहोवा तुम्हारे साथ रहेगा।’”

निर्गमन 14:13, 14

13 तब मूसा ने लोगों से कहा, “डरो मत। मज़बूत खड़े रहो और देखो कि आज यहोवा तुम्हें किस तरह उद्धार दिलाता है।

ये जो मिस्री तुम्हारे सामने हैं ये आज के बाद फिर कभी नज़र नहीं आएँगे। 14 यहोवा खुद तुम्हारी तरफ से लड़ेगा और तुम चुपचाप खड़े देखोगे।”

निर्गमन 15:2

2 याह मेरी ताकत है, मेरा बल है क्योंकि वह मेरा उद्धार करता है। वही मेरा परमेश्‍वर है, मैं उसकी तारीफ करूँगा, वह मेरे पिता का परमेश्‍वर है, मैं उसकी बड़ाई करूँगा।

1 शमूएल 2:1

1 फिर हन्‍ना ने परमेश्‍वर से प्रार्थना में कहा, “यहोवा के कारण मेरा दिल मगन है, यहोवा ने मेरा सींग ऊँचा किया है।

मैं निडर होकर अपने दुश्‍मनों को जवाब दे सकती हूँ, क्योंकि तू जो उद्धार दिलाता है उससे मैं मगन हूँ।

1 इतिहास 16:23

23 सारी धरती के लोगो, यहोवा के लिए गीत गाओ! वह जो उद्धार दिलाता है, रोज़-ब-रोज़ उसका ऐलान करो।

विलापगीत 3:26

26 इंसान की भलाई इसी में है कि वह खामोश रहकर उद्धार के लिए यहोवा का इंतज़ार करे।

भजन 40:10

10 मैं तेरी नेकी की बातें अपने दिल में दबाकर नहीं रखता, मैं तेरी वफादारी का और तेरी तरफ से मिलनेवाले उद्धार का ऐलान करता हूँ।

मैं तेरा अटल प्यार और तेरी सच्चाई बड़ी मंडली से नहीं छिपाता।”

भजन 96:1-6

1 यहोवा के लिए एक नया गीत गाओ। सारी धरती के लोगो, यहोवा के लिए गीत गाओ! 2 यहोवा के लिए गीत गाओ, उसके नाम की तारीफ करो।

वह जो उद्धार दिलाता है, उसकी खुशखबरी रोज़-ब-रोज़ सुनाओ। 3 राष्ट्रों में उसकी महिमा का ऐलान करो, देश-देश के लोगों में उसके अजूबों का ऐलान करो।

4 यहोवा महान है, सबसे ज़्यादा तारीफ के काबिल है। सभी देवताओं से बढ़कर विस्मयकारी है। 5 देश-देश के लोगों के सभी देवता निकम्मे हैं, मगर यहोवा ने ही आकाश बनाया।

6 उसके सामने प्रताप और वैभव है, उसके पवित्र-स्थान में शक्‍ति और सौंदर्य है।

गलाति. 5:1

1 जिस आज़ादी के लिए मसीह ने हमें आज़ाद किया है, उसमें मजबूती से बने रहो। गुलामी के बन्धन में बन्धे रहना स्वीकार न करो।

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