Permeswar ki awaz kaise sunne ?

Permeswar ki awaz kaise sunne ? (परमेश्वर  कि आवाज  केसे सुने ?)

  • परमेश्वर कि आवाज को हम किस तरह से सुने और परमेश्वर कि आवाज केसे होती है । प्रभु हर एक से बात करते हैं। कहीं लोगों को लगता है

प्रभु पुराने नियम में लोगों से बात करते थे और नए लोगों से बात नहीं करते हैं ऐसा बिल्कुल नहीं है पुराने नियम में केन ने जब हाबिल कि हत्या कि तब परमेश्वर ने उसे काहा तेरा भाई कहां है

तो यहां पर एक हत्यारा भी प्रभु के आवाज को सुनपा रहा है तो आप और में जिस पर यीशु मसीह कि खून कि छाप लगी हुई है जिस के द्वारा हमें धर्मी ठहराए गए हैं तो हम क्यों नहीं सुन सकते हैं।

परमेश्वर हममें से हर एक से बात करते हैं। लेकिन सवाल ये है कि जब परमेश्वर बात करता है तो हम परमेश्वर कि बात क्यों नहीं सुन पाते या समझ पाते हैं ?

इसका कुछ कारण है कुछ लोग हैं जो सिर्फ चर्च attend करने से मतलब होता है परमेश्वर के साथ उनका कोई संबंध नहीं है ; याद रखना चर्च जाना और प्रभु के साथ संबंध रखने में जमीन और आसमान का अंतर है।

आप चर्च जाते हैं वचन को सुनने प्रभु कि आराधना करने लेकिन छे दिन आप प्रभु के साथ केसे चलते हैं ये आपको ही पता है ।

  • परमेश्वर के आवाज़ को ना सुनने के पीछे पहला कारण है आप चर्च जाने वाले मस्सी हैं प्रभु से संबंध ना रखने वाले मस्सी हैं। दूसरा कारण है कि जो लोग मस्सी होने के कारण बहुत सारे आवाज़ को allow करते हैं अपने अंदर आने के लिए

उदाहरण : आप जब टीवी ऑन करते हो आप टीवी पर क्या देखते हो झूठी खबरें न्यूज पर , कॉमेडी सीरियल या तो पूरी तरह सांसारिक है याद रखिएगा जो भी आप देखोगे सुनोगे वो आपके अंदर फिट होजाता है

और आप देखिए समय समय पर आपके दिमाग पर वोही वोही बातें घूमते रहते हैं इन सारी चीजों से बचते रहिए बहुत सारे चीजों को avoid करिए अगर हम इन्हें ignore ना करें तो ये सरी चीजें हमें हैंडल करना सुरु कर देगी ।

 

  • सब से पहले प्रभु अपने वचन में से सिखाता है कि परमेश्वर अपने वचन के द्वारा क्या सीखा रहा है और जब हम उस पे खड़ा रहेंगे तब हम और साफ तरीके से सुन पाएंगे इसका मतलब है

directly जो heaven से परमेश्वर के मुख से निकल कर आती है यीशु मसीह ने कहा था मनुष्य केवल रोटी ही से नहीं परन्तु परमेश्वर के मुहूं से निकले गए वचन के द्वारा ज़िंदा रहेगा

तो हम परमेश्वर पिता के ज़िंदा आवाज़ वचन को तभी सुन पाएंगे जब हम प्रभु के वचन में खड़े रहना सीखेंगे। प्रभु से ये कहिए कि परमेश्वर आप मुझे बाईबल में से बात करिए।

यीशु ने एक बात दिखाई है धन्य है वे जो मन के धिन हैं स्वर्ग का राज्य उन्हीं का है। मन में गरीब का मतलब है अगर आप किसी अमीर को भिकारी केहेदो तो वो नाराज़ हो जाएगा

पर भिकारी को भिकारी केहे दो तो वो बुरा नहीं मानता क्यों कि वो अपने मन में भी गरीब होता है सुन्य होता है जो लोग अपने आपको अपने thought’s में अपने विचारों में खुद को कुछ समझते हैं

इसलिए उनको कोई कुछ बोल देता है या respect नहीं देते हैं तो उनको बुरा लगता है। तो सबसे पहले उनको छोटा बनने कि जरूरत है। सबसे पहले वचन क्या सीखा रहा है

वो सीखिए परमेश्वर पिता अपने हर एक वचन में से बात करना चहरहा है। जब आप बाईबल उठा रहे हैं और पढ़ना सुरु करते हैं कि प्रभु मुझसे बात कीजिए तो प्रभु हर वचन के द्वारा हमसे बात करता है

और जब हम सीखते हैं और उस वचन में चलते हैं धीरे धीरे हम परमेश्वर कि आवाज को सुनना सुरु करते हैं। सबसे पहले सिक्षा प्राप्त करना है उस सीक्षा में अगर हम खड़े रहेंगे तब परमेश्वर को भी सुन पाएंगे।

 

  • क्या कहती है बाईबल जब गरीब लाजर इब्राहिम के पास गया और धनवान आग में नरक में गया तो उसने क्या कहा हे पिता इब्राहिम लाजर को मेरे घर पर भेज ताकि मेरे और लोग बच जाएं

तब इब्राहिम ने क्या कहा उनके पास नबियों कि पुस्तकें हैं और वो उनकी सुने पर किताब पढ़ी जाती है सुनि नहीं जाती रोमियो कि किताब में क्या लिखा गया है

विश्वास सुनने ओर सुनना मस्सी के वचन से होता है बड़ी बड़ी बातों को पकड़ने के पीछे बहुत छोटी छोटी बातों को भूल जाते हैं यीशु ने कहा जो छोटे में विश्वास योग्य हैं परमेश्वर उसे बड़ी बड़ी बातों का अधिकारी बनाता है

अगर हमको परमेश्वर कि आवाज को सुनना है तो ये बाईबल से ही शुरू हो सकती है जैसे हम परमेश्वर कि वचन को follow करते जाएंगे आज्ञाओं को मानते जाएंगे दुनिया के बातों

और उन चीजों से दूर होते जाएंगे एक समय आएगा परमेश्वर हमसे रेमा शब्दों में बात करेगा एक ऐसा शब्द जो परमेश्वर के सिंहासन से आता है और हमारे अंदर आता है ;

यीशु मसीह ने जो भी बाते कि चेलों से या लोगों से वो सब रेमा शब्द थे ; यीशु ने जो सामरी स्त्री से कहा जो जल में तुझे दूंगा उसे पिकर तू प्यासी ना होगी तो ये शब्द यीशु ने स्वर्ग से सुनी थी।

जब यीशु ने एक व्यक्ति से कहा क्या तू चंगा होना चाहता है ये उनका शब्द नहीं था ये स्वर्गीय पिता का शब्द थीं। यीशु ने कहा एक जगा पुत्र अपने आप कुछ नहीं करता जब तक वो पिता को करते हुए नहीं देखता यीशु हर बात कहता था जो स्वर्गीय पिता उनसे कहते थे।

 

  • तो हम को हर दिन बाईबल में से समझना होगा कि परमेश्वर आप से क्या बात करना चाहते हैं और यीशु ने एक बात कही है कि मेरी भेड़ मेरी आवाज को सुनती है।

भेड़ में सबसे अच्छी बात क्या होती है उसके सिंघ नहीं होते वो लड़ना नहीं जानती। अगर आप ऐसे व्यक्ति हो जो नम्र है लड़ने में विश्वास नहीं रखते हो झगड़ा करने में मारपीट करने में रूटली बात करने में

अगर आप इन बातों से दूर हो तो में सच कहता हूं आपके अंदर वो ग्राउंड बन चुका है अब परमेश्वर बहुत जल्द आपसे बात करेगा। जैसे हम परमेश्वर के साथ समय बिताते जाएंगे हम प्रभु कि आवाज़ को और जोर सुन पाएंगे

और याद रखियेगा जब आप प्रभु के साथ बैठोगे प्रभु आपको सिखाएगा आप धीरे धीरे उसकी आवाज़ को सुनेंगे जो आप को सिखाना चाहता है आप समझोगे और आप प्रभु के आवाज से वाखिफ हो जाओगे

की आप जहां पर जाओगे वही आवाज़ को समझ जाओगे कि ये मेरा परमेश्वर है जरा सोचिए जब आप बहुत सालों से अपने मा बाप के साथ रहें हैं तो वो लोग आपको 30 लोगों के बीच में भी बुलाएंगे तो भी आप जान जाते हो

कि ये मेरे मा बाप कि आवाज़ है। क्यों आप जान सकते हो ? क्यों कि आप अपने मा बाप के साथ बचपन से उनके साथ रहे हो और अपना समय दिए हो इसलिए जानते हो।

 

  • वैसे ही जब आप परमेश्वर के वचन को पड़ते हैं समझने की कोशिश करते हैं प्रभु आप से बात करता है और उस बातों को सुन सुन कर इतने पक्का हो जाते हैं कि आप को कुछ सेकंड में पता चल जाता है

कि ये मेरे प्रभु के आवाज़ है। मेरी भेड़ मेरी आवाज को सुनती है और मेरे पीछे चलती है और में उन्हें अनन्त जीवन देता हूं।

  • परमेश्वर मेरे लिए सारी बातों में से भलाई उत्पन्न करेंगे विश्वास से कहिए में पुंच नहीं परन्तु में सर ठहरूंगा , में आने वाले दिनों में प्रभु का निवास स्थान बनुगा परमेश्वर मेरे अंदर चला फिरा करेंगे ,

में आने वाले दिनों में पवित्र आत्मा से परिपूर्ण हो के ज़िन्दगी जियुंगा परमेश्वर मुझे अपने वचन के ऊपर महान प्रकाशन देंगे , प्रभु मुझे दान और वरदानों से भरेंगे , ओर में विश्वास करता हूं

आने वाले दिनों में मेरे जीवन के द्वारा प्रभु को महिमा मिलेगी। प्रभु में आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने मेरे लिए अपनी जान दी , में आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने मेरे लिए अपना खून बहाया ,

में आपको धन्यवाद देता हूं कि आप मेरे लिए श्रापित हुए , में आपको धन्यवाद देता हूं कि मेरे बिमारी के लिए आपने कोड़े खाएं में आपको धन्यवाद देता हूं कि आपने मुझे पाने के लिए खुद को दे दिया , प्रभु में आपका हूं।

परमेश्वर की आवाज छंद यहां लिखे हैं :👇

यूहन्ना 10:27-28  मेरी भेड़ें मेरी आवाज़ सुनती हैं, और मैं उन्हें जानता हूँ। वे मेरी बातें मानती हैं। मैं उन्हें अनन्त जीवन देता हूँ, और वे कभी बर्बाद न होंगी, न ही कोई उन्हें मेरे हाथों से छीन लेगा।

उत्पत्ति 1:29-30   परमेश्वर ने कहा, “देखो, मैंने तुम लोगों को सभी बीज वाले पेड़ पौधे और सारे फलदार पेड़ दिए हैं। ये अन्न तथा फल तुम्हारा भोजन होगा। मैं प्रत्येक हरे पेड़ पौधो जानवरों के लिए दे रहा हूँ।

ये हरे पेड़—पौधे उनका भोजन होगा। पृथ्वी का हर एक जानवर, आकाश का हर एक पक्षी और पृथ्वी पर रेंगने वाले सभी जीवजन्तु इस भोजन को खाएंगे।” ये सभी बातें हुईं।

उत्पत्ति 3:11,13-19    यहोवा परमेश्वर ने पुरुष से पूछा, “तुम्हें किसने बताया कि तुम नंगे हो? तुम किस कारण से शरमाए? क्या तुमने उस विशेष पेड़ का फल खाया जिसे मैंने तुम्हें न खाने की आज्ञा दी थी?”

तब यहोवा परमेश्वर ने स्त्री से कहा, “यह तुने क्या किया?” स्त्री ने कहा, “साँप ने मुझे धोखा दिया। उसने मुझे बेवकूफ बनाया और मैंने फल खा लिया।” तब यहोवा परमेश्वर ने साँप से कहा,

“तुने यह बहुत बुरी बात की। इसलिए तुम्हारा बुरा होगा। अन्य जानवरों की अपेक्षा तुम्हारा बहुत बुरा होगा। तुम अपने पेट के बल रेंगने को मजबूर होगे। और धूल चाटने को विवश होगा जीवन के सभी दिनों में।

मैं तुम्हें और स्त्री को एक दूसरे का दुश्मन बनाऊँगा। तुम्हारे बच्चे और इसके बच्चे आपस में दुश्मन होंगे। तुम इसके बच्चे के पैर में डसोगे और वह तुम्हारा सिर कुचल देगी।” तब यहोवा परमेश्वर ने स्त्री से कहा,

“मैं तेरी गर्भावस्था में तुझे बहुत दुःखी करूँगा और जब तू बच्चा जनेगी तब तुझे बहुत पीड़ा होगी। तेरी चाहत तेरे पति के लिए होगी किन्तु वह तुझ पर प्रभुता करेगा।” तब यहोवा परमेश्वर ने मनुष्य से कहा,

“मैंने आज्ञा दी थी कि तुम विशेष पेड़ का फल न खाना। किन्तु तुमने अपनी पत्नी की बातें सुनीं और तुमने उस पेड़ का फल खाया। इसलिए मैं तुम्हारे कारण इस भूमि को शाप देता हूँ

अपने जीवन के पूरे काल तक उस भोजन के लिए जो धरती देती है। तुम्हें कठिन मेहनत करनी पड़ेगी। तुम उन पेड़ पौधों को खाओगे जो खेतों में उगते हैं।

किन्तु भूमि तुम्हारे लिए काँटे और खर—पतवार पैदा करेगी। तुम अपने भोजन के लिए कठिन परिश्रम करोगे। तुम तब तक परिश्रम करोगे जब तक माथे पर पसीना ना आ जाए।

तुम तब तक कठिन मेहनत करोगे जब तक तुम्हारी मृत्यु न आ जाए। उस समय तुम दुबारा मिट्टी बन जाओगे। जब मैंने तुमको बनाया था, तब तुम्हें मिट्टी से बनाया था और जब तुम मरोगे तब तुम उसी मिट्ट में पुनः मिल जाओगे।”

 

1 शमूएल 3:10  यहोवा फिर से वहाँ आया और खड़ा हुआ। उसने पहले की तरह शमूएल को बुलाया, “शमूएल, शमूएल!” तब शमूएल ने कहा, “हे परमेश्वर, बोल। तेरा सेवक सुन रहा है।”

 

यूहन्ना 10:3   दरबान उसके लिए दरवाज़ा खोलता है और भेड़ें अपने चरवाहे की आवाज़ सुनती हैं। वह अपनी भेड़ों को नाम ले-लेकर बुलाता है और उन्हें बाहर ले जाता है।

 

 

यूहन्ना 16:13  लेकिन जब वह, अर्थात् सत्य का आत्मा आएगा, तो तुम्हें सब कुछ सिखाएगा क्योंकि वह अपनी ओर से न कहेगा, लेकिन जो कुछ सुनेगा, वही कहेगा, और आने वाली बातें तुम्हें बताएगा।

 

 

रोमियों 10:17 इसलिए विश्वास सुनने से और सुनना परमेश्वर के वचन से है।

 

 

यशायाह 28: 23 मेरी बात पर कान लगाओ, ध्यान से सुनो मैं क्या कह रहा हूँ।

 

भजन 34:15 यहोवा की आँखें नेक लोगों पर लगी रहती हैं और उसके कान उनकी मदद की पुकार सुनते हैं।

 

यूहन्ना 18:37  पीलातुस ने उससे कहा, “तो क्या तू एक राजा है?” यीशु ने जवाब दिया, “तू खुद कह रहा है कि मैं एक राजा हूँ।

मैं इसीलिए पैदा हुआ हूँ और इस दुनिया में आया हूँ कि सच्चाई की गवाही दूँ। हर कोई जो सच्चाई के पक्ष में है वह मेरी आवाज़ सुनता है।”

 

 

यिर्मयाह 22:29  हे धरती, हे धरती, हे धरती, यहोवा का संदेश सुन।

 

लूका 11:28  लेकिन यीशु ने कहा, “सच पूछो तो धन्य वे लोग हैं जो परमेश्वर का संदेश सुनते और उसको मानते हैं।”

 

गिनती 12:6 परमेश्वर ने उनसे कहा, “तुम दोनों मेरी बात ध्यान से सुनो। अगर तुम लोगों के बीच यहोवा का कोई भविष्यवक्ता होता, तो मैं उस पर दर्शन के ज़रिए खुद को प्रकट करता और उससे सपने में बात करता।

 

दानियेल 4:5 मैंने एक सपना देखा जिससे मैं बहुत घबरा गया। जब मैं बिस्तर पर लेटा था तब मुझे ऐसे दृश्य और दर्शन दिखायी दिए कि मैं बहुत डर गया।

 

अय्यूब 33:15  वह सपने में, हाँ, दर्शन में अपनी बातें बताता है,रात के उस पहर जब लोग गहरी नींद में,अपने बिस्तर पर सोए होते हैं,  16 तब वह अपनी बातें उन पर ज़ाहिर करता है,उनके अंदर अपनी हिदायतें बिठाता है,

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