Kisi ki Jivan me Dakhal dena !

Kisi ki Jivan me Dakhal dena !

1 थिस्सलुनीकियों 4:11-12👇

 

11 जैसी हम ने तुम्हें आज्ञा दी, वैसे ही चुपचाप रहने और अपना-अपना काम-काज करने, और अपने-अपने हाथों से कमाने की कोशिश करो, 12 ताकि बाहर वालों से तुम्हें आदर (इज़्ज़त) मिले, और तुम्हें किसी वस्तु की कमी न हो।

 

  • पौलुस हमें एक लक्ष्य दिखाता है, जो सही है। परमेश्वर ने हम में से प्रत्येक को वहाँ रखा है जहाँ वह चाहते हैं और एक कार्य करने के लिए दिया है। हम शान्ति से इस कार्य में लग जाएँ

और दूसरों के कार्यों में हाथ न डालें। आलस्यपन और दूसरों के कामों में हाथ डालने से कुछ लाभ नहीं होतो 👉 नीति. 24:29-34.

 

यूहन्ना 21:19-22👇

 

19 यीशु ने इन बातों से बता दिया कि पतरस कैसी मौत से परमेश्वर की महिमा करेगा। यह कह कर यीशु ने उससे कहा, “मेरे पीछे हो लो।”

20 पतरस ने मुड़कर उस शिष्य को पीछे आते देखा, जिससे यीशु प्रेम रखते थे, और जिसने खाने के समय उनके सीने की ओर झुक कर पूछा कि, “हे प्रभु, आपका पकड़वाने वाला कौन है?”

21 उसे देखकर पतरस ने यीशु से कहा, “हे प्रभु, इसका क्या होगा?”

22 यीशु ने उससे कहा, “यदि मैं चाहूँ कि वह मेरे आने तक ठहरा रहे, तो तुम्हें क्या? तुम मेरे पीछे आओ।”

 

  • यहाँ पर एक डाँट है जो सभी परमेश्वर के सेवकों के लिये चेतावनी है। प्रभु ने पतरस को याद दिलाया, कि उसका मुख्य ध्यान, उसके प्रभु के प्रति उसकी वर्तमान की ज़िम्मेदारी होनी चाहिये, न कि किसी और का भविष्य।

यीशु यहाँ यह नहीं सिखा रहे हैं कि हमें अपने सभी विश्वासियों के लिये फ़िकर नहीं करनी चाहिये (13:34; 1 कुरि. 12:25-26; गल. 6:2) से तुलना करें।

लेकिन व्यक्ति को मसीह और दूसरे लोगों के विषय में अनुचित उत्सुकता हो सकती है। दूसरे लोग क्या कर सकते हैं, आदि बातों में व्यक्ति इतना अधिक दिलचस्पी ले सकता है, कि प्रभु के पीछे चलने के अपने कर्तव्य को नज़रअन्दाज़ कर दे।

 

 

पति पत्नी के रिश्ते के बीच दखल देने के बारे में परमेश्वर पिता क्या शिक्षा देते हैं ?👇

मत्ती 19:5

5 और कहा था, ‘इस वजह से आदमी अपने माता-पिता को छोड़ देगा और अपनी पत्नी से जुड़ा रहेगा और वे दोनों एक तन होंगे’?

 

  • मसीहियों में विवाह को आदरणीय समझना चाहिये क्योंकि इसे परमेश्वर ने ठहराया है वास्तव में, एक पति और पत्नी को एक साथ “जुड़ कर रहना चाहिए “, पहली बात तो ये है

जब परमेश्वर ने कहा था आदम और हवा से तब उनके तो कोई माता पिता तो नहीं थे तो परमेश्वर ये समझाना चाहते थे कि आदम अपने आगे कि पीडी को परमेश्वर के इस वचन के बारे में समझाना है।

और दूसरा अर्थ है यहाँ पर माता पिता को छोड़ने का मतलब ये नहीं है कि उनसे अपना संबंध तोड़ लो संबंध तो हमेसा रहेगा उन के साथ क्यों की बाईबल कहीं वचनों पे लिखा गया है

अपने माता पिता का आदर और समान करो उनसे प्रेम रखो और उनके प्रति अपने जिमेदारियों को पूरी तरह निभाओ जैसे उनके बीमारी में उनके दुखों कस्टटों में उनके आर्थिक स्थिती में ;

जब एक लड़का और लड़की परिवार में बड़े होते हैं तो उनका रिश्ता अपने माता पिता के साथ भावुक(sentimental) रिश्ता हो जाता है तो परमेश्वर उन्हें ये सीखाना चाहते थे कि जब आप कि शादी हो जाती है

तो आप के भावुक( sentimental) रिश्ते जैसे माता पिता या दोस्तों रिश्तेदारों इन सभी रिश्तों को पीछे करना है और अपने बीच पति और पत्नी का भावनाओ वाले रिश्ते को संबंध जो बनेगा उस रिश्ते को उपर करना है ;

कभी कभी क्या होता है शादीशुदा रिश्तों में लड़का या लड़की अपने माता पिता से इतना प्रेम कर बैठते हैं कि अपने ही पति या पत्नी को नीचे कि दरजा दे देते हैं ;

जो कि परमेश्वर पिता के योजनाओं में ऐसा करना बिलकुल ग़लत है क्यों ? इससे क्या होगा शादी शुदा जिंदगी सुखी नहीं हो पाएगा उस में हमेशा क्लेश रहगें लड़ाई झगड़े रहेंगे वो रिश्ता सही दिशा में नहीं जा पाएगा ।

इसलिए परमेश्वर ने कहा है आदमी माता पिता को छोड़ कर पत्नी से जुड़ जाएगा मतलब आपके जीवन में प्रधानता(Priority) जो है वो बदल जाएगी अब माता पिता जो हैं नीचे और पति पत्नी जो होंगे एक तन हो जाएंगे ;

पर आपको अच्छे बेटे बेटी कि तरह अपने माता पिता से उतना ही प्रेम रखना है जितना अपनी जीवन साथी से पर इन सबसे उपर प्रभु यीशु मसीह को सबसे पहला स्थान देना है

उसके बाद अपने जीवन साथी उसके बाद परिवार वालों को।  इस लिए 👉(उत्पति 2:24 इस वजह से आदमी अपने माता-पिता को छोड़ देगा और अपनी पत्नी से जुड़ा रहेगा और वे दोनों एक तन होंगे।)

एक तन का क्या मतलब होता है ? एक तन का मतलब है जो कभी अलग नहीं किए जा सकते।

जब हम परमेश्वर पिता की योजना के साथ दखल अंदाजी करते हैं तब हमारे साथ क्या होता है ? आईए देखते ?👇

  • कई बार ऐसा होता है कि हमारे मन में परमेश्वर के आगे भागने की हड़बड़ी होती रहती है जब हमें लगता है कि वह जल्दी से हमारे लिए कुछ काम नहीं कर रहा है तो हम परमेश्वर पिता को विश्वास करना छोड़ देते हैं।

हम खुद ही परमेश्वर पिता के योजनाओं में बाधा डालना शुरू कर देते हैं । और खुद के लिए गढ़ा खोदने लगते हैं। जैसे अब्राहम और सारा ने खोदा गड्ढा अपने लिए और परमेश्वर के योजनाओं में दखल अंदाजी करना शुरू कर दिया।

यहां देखिए उन्होंने ने क्या किया 👉(उत्तप्ती 16:1 सारा अब्राम की पत्नी थी। अब्राम और उसके कोई बच्चा नहीं था। सारै के पास एक मिस्र की दासी थी। उसका नाम हाजिरा था।

2 सारा ने अब्राम से कहा, “देखो, यहोवा ने मुझे कोई बच्चा नहीं दिया है। इसलिए मेरी दासी को रख लो। मैं इसके बच्चे को अपना बच्चा ही मान लूँगी।” अब्राम ने अपनी पत्नी का कहना मान लिया।)

 

  • परमेश्वर ने हमें एक स्वतंत्र इच्छा दी है और हमें आगे बढ़ने की अनुमति भी देता है, लेकिन वह हमारे दखल देने के परिणामों को भी हमारे जीवन में होने वाले ग़लत प्रभाव को भी जानते हैं ।

सारा के दखल के कारण, हैगर के बेटे, इश्माएल का जन्म हुआ था और इस वजह से सारा को बहुत तकलीफों का सामना भी करना पड़ा था।

इस लिए परमेश्वर के बनायेगे समय का इंतजार करें और परमेश्वर पिता के योजनाओं में दखल अंदाजी मत कीजिए इस में आपका ही घाटा होगा। जैसे सारा और अब्राम का घाटा हुआ था। तो सोच समझ के कदम उठाएं।

परमेश्वर जो भी आपके लिए काम करने वाला होता है आपके भले के लिए ही होता है और परमेश्वर पिता अपने सही समय में आपके लिए उस योजनाओं को पूरा करता है।

शैतान के हस्तक्षेप के बारे में बाइबल क्या कहती है ? शैतान हमारे जीवन दखल अंदाजी  करता है तब हमारा हाल क्या होता है ?आइए इसके बारे में जानते हैं ?👇

 

यूहन्ना 6:70

70 यीशु ने उन्हें उत्तर दिया, “क्या मैंने तुम बारहों को नहीं चुन लिया? तौभी तुम में से एक व्यक्ति शैतान है।”

 

  • यहूदा एक दुष्टात्मा नहीं था, किंतु उसने शैतान को यह अवसर दिया कि वह उसे इतना प्रभावित करे, कि वह शैतान के समान ही कार्य करे। 12:4-6; 13:2, 26, 27 भी देखें।

यहूदा का स्वभाव 👉भजन 109:2-19 में वर्णित है👉 (प्रे.काम 1:20 में प्रेरित पतरस इस भजन के आठ पद यहूदा पर लागू करता है।)

 

  • बाईबल में लिखा है जब परमेश्वर पिता ने यीशु से कहते हैं तुझे चेलों को चुनना है। और लिखा है बाईबल में चेलों को चुनने के लिए यीशु ने सारी रात परमेश्वर पिता से प्रार्थना कि थी।

आप एक अजीब बात देखोगे हर चेले का सिर्फ नाम ही लिखा है वहां ; पर आप ने वहां कुछ ध्यान से पढ़ा है कि यहूदा के नाम के साथ कुछ और भी जुड़ा हुआ है ;

बाईबल कहती है यीशु पहाड़ पे गए उन्होंने प्रार्थना में सारी रात बिताई फिर यीशु जैसे नीचे उतरे और अपने बारा चेलों का चुनाव किया और जब ये सब हो जाने के बाद जब सुसमाचार लिखा गया तब हर एक का नाम लिखा गया

जैसे मत्ती और भी बहुतों का नाम लिखा गया लेकिन जब नाम यहूदा इस्करियोती का आया वहां पर लिखा गया है जो उसका पकडवाने वाला बना।

 

उदाहरण : मान लीजिए अगर आप के घर पे एक बच्चा जनम ले और आप उसका नाम रखने को किसी पास्टर को बोलोगे और वो उसका नाम यहूदा रखे तो शायद आपको बुरा न लगे

अगर पास्टर उस बच्चे का नाम यहूदा इस्करियोती रखे तो आप रखने दोगे सायद रखने ना दोगे क्यों रखने नही दोगे क्यों आपको ये नाम पसंद नहीं है , क्यों आपको गोलियत नाम पसंद नहीं है।

कहीं बार हम बाईबल पड़ते हैं तो बस यूंही पढ़ते हैं लेकिन उनके पीछे के काम को ध्यान से नहीं पढ़ते हैं। कोई अपने बच्चे का नाम  यहूदा इस्करियोती क्यों रखने देगा क्यों कि आपको भी पता है ये एक बदनाम नाम है

इसलिए आप रखने नहीं दोगे। आज कल लोग झगड़ों में एक दूसरे को क्या नाम देते हैं ये हिटलर है। क्यों लोग अच्छे काम पर नहीं पर बुरे कामों में हिटलर बोलते हैं क्यों कि आपको पता है वो एक बुरे करैक्टर वाला व्यक्ति था।

 

  • आप जानते हो यहूदा इस्करियोती वो व्यक्ति था जिसने अपने आंखों से देखता था केसे यीशु पानी पे चलता था उसने अपने आंखों से देखा था केसे यीशु तूफानों को शांत किया था

ये भी देखा था केसे यीशु ने दुष्ट आत्माओं को निकालते थे और आपको पता है उसने अपने आंखों से एक और चीज देखी थी जिसे बहुत सारे लोग ध्यान से नहीं पढ़े होंगे उसने ये भी देखा था

कि केसे यीशु पापियों के साथ बैठ के उन्हें सलाह(counsel) देता था। आप बहुत सारे जगा में पढ़े होंगे यीशु को पापियों का मित्र कहते थे।

 

  • क्यों ऐसा लिखा गया है यीशु को पापीयों का मित्र कहते थे देखिए कुछ बातें लिखी नहीं गई है फिर भी परमेश्वर प्रकाशन के जरिये आपको समझाता है क्यों कि लिखा है

एक एक बात लिखी जाती तो वो किताब पूरे संसार में नहीं समाती। कोन सी चीज वहां पर लिखी गई है कि वो पापीयों का मित्र है क्यों हम विश्वास से ये बात समझ सकते हैं कि यीशु हमेशा अपनी प्रचार के बाद

अपनी दोपहर का भोजन का हिस्सा देते थे उनका खाना खाते थे उनके बीच बैठते थे अपना समय बिताते थे उनके बीच सोते थे।

 

  • बाईबल में लिखा गया है एक समय था जब यहूदा इस्करियोती और यीशु के साथ बाकी चेले भी वहां पर थे हुआ क्या एक औरत आई

और उसने अपने इत्र का बोतल तोड़ी और प्रभु यीशु के पेरो पर डाल दिया अब ये चीज देख कर यहूदा इस्करियोती को बहुत गुस्सा आया आप ये वचन यहां देखें 👉

(यूहन्ना 12:3 तब मरियम ने जटामांसी का कीमती करीब आधा लीटर इत्र लेकर यीशु के पाँवों पर उण्डेला, और अपने बालों से उनके पाँव पोछे। इत्र की खुशबू से सारा घर भर गया।

4 लेकिन उनके शिष्यों में से यहूदा इस्करियोती नामक एक शिष्य जो उन्हें पकड़वाना चाहता था, कहने लगा, 5 “यह इत्र तीन सौ चाँदी के सिक्कों में बेचकर गरीबों को क्यों न दिया गया?”

6 उसने यह बात इसलिए न कही, कि उसे गरीबों की चिन्ता थी, परन्तु इसलिए कि वह चोर था लेकिन उसके पास उनकी थैली रहती थी, और उसमें जो कुछ डाला जाता था, वह निकाल लेता था।)।

 

अब मैं आपको एक बात समझाना चाहता हूं प्रभु यीशु मसीह के साथ एक ऐसा व्यक्ति रहता था जिस के अंदर पैसों का भूख और प्रेम था आपको पता है कितने सारे लोगों के जिन्दगी आज पैसों का प्रेम से बरबाद सी हो गई है।

कभी कभी आप को पता है शैतान ने नया झूठ भरा है और जानते हैं वो झूठ क्या है बहुत पैसा होगा तो बहुत आराम होगा। भले ही आप एक धर्म(denomination) के हो पर तुम एक चीज में एक जैसे लगते हो

और वो है पैसों का प्रेम।आज बहुत सारे लोग लकड़ियों के मूर्तियाँ भले ही छोड़ दिया हो लेकिन उनके अंदर पैसों का प्रेम अभी तक नहीं गया और आप देखो पैसों का प्रेम आहिस्ते आहिस्ते उनके आत्मिक जीवन को भी खतम कर दिया है।

 

  • आपको केसे पता चलेगा आपके अंदर पैसों का प्रेम है कि नहीं याद रखिएगा अगर यीशु किसी को अंतिम दोनों में किसी को आर्थिक रूप से किसी को मदद करते हैं तो किसी वजह से आशीष देगा ।

जब यीशु कहते हैं अपने लिए धन इकठा मत करो इसका मतलब दूसरों के लिए ईकठा करना है लेकिन इस बात को भी याद रखिये वो पैसें किसी गलत आदमी के पास नहीं जाने चाहिए याद रखना ।

आपको लोगों के मदद बहुत बुद्धि मानी से और बड़े ही गुप्त तरीके से करनी चाहिए ।

 

  • अब देखिये यहूदा इस्करियोती के अंदर ये पैसों का प्रेम आहिस्ते आहिस्ते फैलता ही गया और एक दीन जानते हो उसके साथ क्या हुआ ये बहुत खतरनाक चीज लिखा गया है यहाँ देखें (लूका 22:3 बारहों में से एक,

जिसका नाम यहूदा इस्करियोती था, उसमें शैतान दाखिल हो गया।)  में भूत ग्रस्त के तमाम उदाहरण हैं। लेकिन सिर्फ़ यहूदा इस्करियोती के बारे में कहा गया कि भूतों का प्रधान शैतान यहूदा में बैठ गया।

इसका मतलब है कि अपने काम के लिए उसने यहूदा को पूरी तरह से अपने कब्ज़े में कर लिया। फिर भी यह सच है कि हर एक जन जो यीशु मसीह को स्वीकार नहीं करता है, किसी हद तक शैतान उस में काम करता है।

 

  • यहूदा इस्करियोती पैसों के प्रेम में इतना डूब रहा था कि बहुत दुःख की बात है यीशु पैसों के प्रेम से बहार निकालने वाला साथ है लेकिन ये आदमी उसको नहीं जानता है ।

जानते हैं क्या हुआ यीशु मस्सी को पता था अब वो उठाएं जाने पर है उससे पहले यीशु ने रोटी को तोडा और हर एक को दिया आप विश्वास नहीं करेंगे प्रभु भोज हर एक के लिए आशीष गति(blessings movements) होती है

लेकिन यहूदा इस्करियोती ने जैसे रोटी का तुकडा खाया लिखा है शैतान समा गया । क्यों यहूदा इस्करियोती के अंदर शैतान समा गया उसके बाद वो अलग ही कंट्रोल में हो गया।

कभी कभी आपने इस बात को ध्यान से देखे हो आप नोर्मल होते हो और अचानक कोई आपको कंट्रोल करना शुरू कर देता है आप इतना नेगेटिव हो जाते हो आपको गुस्सा आ जाता और सब कुछ तेहेस् नेहस् कर दूँ

या कभी ऐसा खयाल आता है ब्लेड लूँ और खुद को काटना शुरू करदूँ  ।

 

  • आपको पता है कभी कभी शैतान आपको क्यों कंट्रोल करता है,? उसने तो सिर्फ पाऊँ रखे थे फिर उसमे शैतान पुरा कैसे समा गया आपको पता है यहूदा इस्करियोती में एक बात थी जानते हो वो कोनसा है

यहूदा इस्करियोती ने अपने जीवन में पाप को अंगीकार करना नहीं शिखा था । मान लीजिये एक प्रचार हो रहा है वहाँ पर पतरस और यहूदा दोनों बैठे हैं और यीशु कहरहे हैं माफ करो हर एक को

पतरस सुन रहा था और उसने सवाल किया अगर मेरा भाई सात बार गलती करता है तो कितनी बार माफ करू पर यहूदा ने कभी ये पूछा प्रभु मुझे बहुत बार खयाल आतें हैं कि इस थैली में से पैसें निकालने के लिए मुझे लगता है

मुझ में पैसों का प्रेम है वहाँ यीशु सरलता से प्रचार कर रहे थे क्या यहूदा इस्करियोती को रास्ता नहीं दिखाते। पर उसने ऐसा नहीं किया उसने शैतान का रास्ता को चुना उसके कामों को चुनाव किया।

जब पवित्र आत्मा आपको आपका पाप दिखाए तो उस पाप को पवित्र आत्मा के सामने मान लीजिए इससे शैतान को अवसर नहीं मिलेगा आपके जीवन में दखअंदाजी करने में।

इसलिए हमेशा याद रखिएगा कि जो भी करते हैं पवित्र आत्मा के दिखाए गए मार्ग में चले।

 

दखल देने कि आयतें :👇

 

1 पतरस 4:15

15 किसी भी तरह से तुम में कोई खूनी, चोर, दुष्टता का काम करने वाला और दूसरों के कामों में दखल देने वाला होने की वजह से दुख न उठाए।

 

नीतिवचन 18:6

6 मूर्ख की बातें झगड़े पैदा करती हैं, वह अपनी ही ज़बान की वजह से पिटता है।

 

सभोपदेशक 7:9

9 किसी बात का जल्दी बुरा मत मान क्योंकि मूर्ख ही जल्दी बुरा मानता है।

 

नीतिवचन 20:3

3 जो झगड़ा करने से दूर रहता है, उसके लिए यह आदर की बात है, लेकिन मूर्ख झगड़े में उलझता है।

 

1 तीमुथियुस 5:13

13 साथ ही उन्हें खाली रहने और घर-घर घूमने की आदत पड़ जाती है। हाँ, वे न सिर्फ खाली रहती हैं बल्कि उन्हें गप्पे लड़ाने की आदत पड़ जाती है

और वे दूसरों के मामलों में दखल देती रहती हैं। वे ऐसी बातों के बारे में बोलती हैं जो उन्हें नहीं बोलनी चाहिए।

 

1 पतरस 2:20

20 क्योंकि अगर तुम्हें पाप करने की वजह से पीटा जाता है और तुम सहते हो, तो इसमें तारीफ की क्या बात है? लेकिन अगर तुम अच्छा काम करने की वजह से दुख सहते हो, तो परमेश्वर की नज़र में यह अच्छी बात है।

 

यूहन्ना 7:24

24 मुँह देखा न्याय न करो लेकिन ईमानदारी से इन्साफ़ करो

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