Khule Swarg ki kya Paribhasha he  ?

Khule Swarg ki kya Paribhasha he ?

  • स्वर्ग हमेसा खुला हुआ है पर जब हमें ये दिखाइ दे या मेहसुुस हो तो ऐसे समय में परमेश्वर की महिमा लोगों पर उतर आती है

और घटनाएं घटती है उदाहरण के लिए :- जैसे किसी व्यक्ति की हड्डी टूटी हुई हो तो वो जुड़ जाते हैं , कहीं लोगों को आर्थिक आशीष मिलती है।

  • और अपने लिए ये प्रार्थना करे ; भविष्यदकता कि आत्मा को पाने के लिए अपने दोनों हाँथो को अपने आँखो में रखे ओर अपने लिए एलिसा कि प्रार्थना करे प्रभु में प्रार्थना करता हूँ कि हमारी आँखे खुल जाएं कि में देख सकूँ ;

और जब आप प्रार्थना करते हैं तो विश्वास करे जो आपने माँगा है परमेश्वर ने आपको भेंट  , दान (immediate delivery) कर दिया है।

अब आपकी आत्मिक आँखे खुल चुकी है। अब फिर से अपने कानों पर हाँथ रखे और ये प्रार्थना फिर से दोहराएँ ओर कहे प्रभु मेरी प्रार्थना है कि मेरे कोनो को खुल ताकि में सुन सकूँ ।

अब फिर से प्रार्थना करे अपने हाँथ हृदय में रखे ओर कहे प्रभु में मेहसूस करने वाला दिल चाहता हूँ की मेरा दिल आत्मिक चीजों को मेहसूस करने वाला बन जाएं ।

हमें अपनी सभी इंद्रियों के लिए प्रार्थना करना चाहिए हो सकता है ये किसी को अजीब लगे । अब नाक के लिए प्रार्थना करे कि प्रभु यीशु मेरी नाक खुल जाए ताकि में स्वर्ग कि ख़ुशबू को पहचान सके यीशु  ,

पवित्र आत्मा और स्वर्गदूतों के ख़ुशबू को पहचान सके प्रभु ये चेतन जाग जाएं । अब अपने उंगलियों को अपने होंठों पर रखे और ये प्रार्थना करे

हे प्रभु यीशु मेरे स्वाद कि चेतना को जगा दो कि में तुझे चखने वाला बन जाऊँ और जान सके कि तु भला है तेरे वचन को चख सकूँ तु मधु से अधिक मिठा है प्रभु सभी पांचो इंद्रियों को जगृत् होने दे यीशु मसीह के सामर्थी नाम में आमीन !

 

  • बाईबल में याकुब ने , दानिएल ने , यशायाह ने , हमारे प्रभु यीशु ने खुला स्वर्ग देखा बाईबल के वचन में कहीं पर नहीं लिखा है कि परमेश्वर ने वापस स्वर्ग को बंद कर दिया।

स्वर्ग खुला हुआ है और परमेश्वर चाहते हैं कि हम खुला स्वर्ग देखे यीशु ने नाथनेल को कहा है तू स्वर्ग को खुला हुआ देखेगा।

और स्वर्ग दूतों को मनुष्य के पुत्र के ऊपर आते जाते देखेगा और हमारा विश्वास होना चाहिए कि वचन में लिखे हुए प्रतिज्ञा हमारे लिए है परमेश्वर ने इतिहास के रूप में रखने के लिए नहीं लिखा है

लेकिन अपने लोगों को देने के लिए लिखा है। परमेश्वर कभी भेद भाव नहीं करता बाइबल में परमेश्वर ने उनके पुरखों से जो वादे किए थे वो आज भी हमारे लिए पूरा हो रहा है।

 

  • अभी हम खुले स्वर्ग के समय काल में हैं क्यों कि ये प्रकाशन सब पर होना मांगता है। देखिए भविष्यदक्ताओं के अभिषेक में आप आत्मिक चीजों को देखते हैं पर आपके अन्य आत्मिक चेतनाएं भी जीवित हो जाती है

जैसे आप परमेश्वर के वचन को सुन सकते हैं उस पहाड़ पर जहां यीशु मसीह का चेहरा बदल गया था उसी वक्त यीशु मसीह के चलो ने मूसा और एलिया को देखा उन्होंने यीशु का बदला रूप देखा उन्होंने बादल देखा

और उन्होंने परमेश्वर के सब्दों को सुना। खुले स्वर्ग पर हम परमेश्वर का सब्द सुनते हैं ओर स्वर्गीय सुगंध हम पर जाहिर होती है और स्वाद भी वचन में लिखा है चख कर जानो यहोवा केसा भला है वो सेहद से मिठा है।

आत्मिक चेतनाओं और स्वभाविक चेतनाओं :-

  • हम स्वभाविक चेतनाओं को तो समझते हैं पर कई विश्वासी स्वभाविक चेतनाओं तक ही सीमित रहते हैं दूसरे लोगों (सांसारिक) के जैसे ही हम क्यों स्वभाविक चेतनाओं तक सीमित रहना चाहते हैं हम क्यों नहीं चाहते

कि परमेश्वर के आवाज़ को सने आज परमेश्वर हम को आत्मिक काम देना चाहते हैं। फेसले के जमाने में यहुदी लोग हठीले थे पर आज हम विश्वासी लोग हठीले हो कर अटके हुए हैं । इस तरह अटके रहने का कारण क्या है  ? 👇

व्यवस्थाविवरण 29:2-4

2 मूसा ने सभी इसराएलियों को बुलाया और उनसे कहा, “तुमने खुद अपनी आँखों से देखा है कि यहोवा ने मिस्र में फिरौन और उसके सब अधिकारियों और उसके पूरे देश का क्या हश्र किया था।

3 तुमने देखा कि उसने कैसे उन्हें कड़ी-से-कड़ी सज़ा दी और बड़े-बड़े चिन्ह और चमत्कार किए।  4 फिर भी यहोवा ने तुम्हें आज तक समझने के लिए मन, देखने के लिए आँखें और सुनने के लिए कान नहीं दिए।

 

रोमियों 11:8

ठीक जैसा लिखा है, “परमेश्वर ने उन्हें मानो गहरी नींद में डाल दिया है, उनकी आँखें ऐसी हैं जो देख नहीं सकतीं और कान ऐसे हैं जो सुन नहीं सकते। आज तक उनकी यही हालत है।”

☝इस वचन को पढ़ ने के बाद हमें ये सोचना चाहिए की आज भी हमारे विश्वासी भाईयों की यही हालत है हमें इस हद को तोड़ कर बहार निकलना होगा

और तयार होना होगा ताकि परमेश्वर हमारी तमाम आत्मिक चेतनाओं को जीवित करे ताकि हमारे आत्मिक स्तर को ऊँची की जाएं ऊँचे स्तर के लिए क्रिया शील हो जाएं यानी कि आत्मिक तोर पर स्वभाविक सिमा को तोड़ हुए ।

बाईबेल में दिये गए मिसालें कितनी हद तक शक्तिशाली व्यवहारीक मिसालें हैं हमें पुराने नियम को अंधेखा नहीं करना चाहिये ये हमारी या इस्राएलीयों की बात नहीं है

असल मे अंतिम दिनों कि बात होनी चाहिए इसे नजरअंदाज ना करे हमें परमेश्वर के पुरे वचन पर रुचि लेना चाहिए ।

2 कुरिन्थियों 1:20

क्योंकि परमेश्वर ने जो अनन्त प्रतिज्ञाएँ की हैं, वे यीशु में सब के लिए “हाँ” बन जाती हैं। इसलिए हम उसके द्वारा भी जो “आमीन” कहते हैं, वह परमेश्वर की ही महिमा के लिये होता है।

2 राजा 6:15-20

15 अगले दिन जब वह आदमी जो सच्चे परमेश्वर का सेवक था, सुबह-सुबह उठा और बाहर गया, तो उसने देखा कि घोड़ों और युद्ध-रथों समेत एक बड़ी सेना शहर को घेरे हुए है।

वह फौरन एलीशा के पास जाकर कहने लगा, “मालिक, मालिक, अब हम क्या करें?”  16 मगर एलीशा ने कहा, “घबरा मत! उनके साथ जितने हैं उनसे कहीं ज़्यादा हमारे साथ हैं।”

17 फिर एलीशा प्रार्थना करने लगा, “हे यहोवा, मेहरबानी करके इसकी आँखें खोल दे ताकि यह देख सके।” यहोवा ने फौरन सेवक की आँखें खोल दीं और उसने देखा कि एलीशा के चारों तरफ का पहाड़ी इलाका ऐसे घोड़ों

और युद्ध-रथों से भरा पड़ा है जो आग जैसे दिखायी दे रहे थे। 18 जब सीरिया की सेना एलीशा की तरफ बढ़ने लगी तो उसने यहोवा से प्रार्थना की,

“हे परमेश्‍वर, इस राष्ट्र को अंधा कर दे।” परमेश्वर ने एलीशा की बिनती सुनी और उन सबको अंधा कर दिया। 19 फिर एलीशा ने उनसे कहा, “तुम लोग गलत रास्ते आ गए हो।

तुम जिस शहर पर हमला करने आए हो, वह यह नहीं है। तुम मेरे साथ चलो, मैं तुम्हें उस आदमी के पास ले जाऊँगा जिसे तुम ढूँढ़ रहे हो।” मगर एलीशा उन्हें सामरिया ले गया।

20 जब वे सामरिया पहुँचे तो एलीशा ने प्रार्थना की, “हे यहोवा, इनकी आँखें खोल दे ताकि ये देख सकें।” तब यहोवा ने उनकी आँखें खोल दीं और उन्होंने देखा कि वे सामरिया के बीचों-बीच हैं।

☝इस वचन में जो लिखा है हमारे अंदर इसी तरह आध्यात्मिक विश्वास होनी चाहिए ताकि हम एलीशा कि अभिषेक में चल सके तो बाईबेल में लिखा है हम सभों के पास ऐसा स्वभाव है जैसा

एलीया में था और हम उस के समान काम कर सकते हैं पर एलीया ने अपना दोगुना अभिषेक एलिसा को दिया तो हम भी उस दोगुना अभिषेक में बढ़ सकते हैं

जो एलिसा में था हमें इसे जादा जटिल नहीं करना है बस लोगों के लिए प्रार्थना करनी चाहिए।

 

  • लोगों के मन के बंधन कैसे खोलेगें वो बंधन जो उन्हें बांध कर रखते हैं उन्हें रोके रखते हैं कि उनकी आत्मिक चेतनाओं को इस्तमाल ना कर सके उस मुख्य बातें है जिनसे हमें छुटकारा पाना जरूरी है

जैसे कि दूसरों को माफ ना करना, कड़वाहट रखना , झगड़ा करना, विवाद करना, बहस करना, कलह करना, बिगाड़ना, विरोध करना  क्यों की हम कुछ चीजों को पकड़े रखते हैं

सालों सालों तक जिस से हमारी आत्मा में भारीपन आजाती है इस लिए हमें उन बातों को छोड़ देना चाहिए और हल्का हो जाना चाहिए ताकि हमारी भावनाएं इन बंधनों से छुटकारा पा जाएं

ताकि प्रभु यीशु भर पुर तरीके से आत्मिक बातों को भर सके ओर जब प्रभु यीशु बोले तो हम सुन सके जब प्रभु कुछ दिखाना चाहें तो देख सके इस लिए परमेश्वर चाहते हैं हम ऐसी बंधनों से मुक्त हो जाएं।

और इन चीजों के लिए हमको प्रार्थना करना चाहिए जिन चीजों को यीशु हमेशा हमेशा के लिए भस्म कर के राख में बदल देंगे और हम और आप इन चीजों से मुक्ति पा जाएंगे ;

फिर आराम से ऊँचे स्तर में आत्मिक वरदानों ओर चेतनाओं का इस्तमाल कर पाएंगे ।

खुले स्वर्ग कि क्या परीभाषा है बाईबेल में  ?(Khule Swarg ki kya Paribhasha he ?)के आयतें : –

लूका 3:21

21 यूहन्ना द्वारा यीशु को बपतिस्मा ऐसा हुआ कि जब सब लोग बपतिस्मा ले रहे थे तो यीशु ने भी बपतिस्मा लिया। और जब यीशु प्रार्थना कर रहा था, तभी आकाश खुल गया।

व्यवस्थाविवरण 28:12

12 यहोवा तुम्हारे लिए आकाश का भंडार खोलकर तुम्हारे देश को वक्त पर बारिश देगा और तुम्हारे सभी कामों पर आशीष देगा।

तुम्हारे पास इतना होगा कि तुम बहुत-से राष्ट्रों को उधार दे सकोगे जबकि तुम्हें कभी उनसे उधार नहीं लेना पड़ेगा।

यूहन्ना 1:51

51 फिर यीशु ने उससे कहा, “मैं तुम लोगों से सच-सच कहता हूँ, तुम स्वर्ग को खुला हुआ और परमेश्वर के स्वर्गदूतों को इंसान के बेटे के पास नीचे आते और ऊपर जाते देखोगे।”

उत्पत्ति 28:10

10 याकूब बेरशेबा से निकला और हारान की तरफ बढ़ता गया।

उत्पत्ति 28:12

12 फिर उसे एक सपना आया और उसने देखा कि धरती पर एक सीढ़ी थी जो इतनी लंबी थी कि वह ऊपर स्वर्ग तक पहुँच रही थी और परमेश्वर के स्वर्गदूत सीढ़ी पर चढ़ और उतर रहे थे।

भजन 104:4

4 वह अपने स्वर्गदूतों को ताकतवर बनाता है, अपने सेवकों को भस्म करनेवाली आग बनाता है।

दानियेल 7:13

13 मैंने रात के दर्शनों में आगे देखा कि इंसान के बेटे जैसा कोई आकाश के बादलों के साथ आ रहा है! उसे ‘अति प्राचीन’ के पास जाने की इजाज़त दी गयी और वे उसे उसके सामने ले गए।

मत्ती 4:11

11 तब शैतान उसे छोड़कर चला गया। और देखो! स्वर्गदूत आकर यीशु की सेवा करने लगे।

लूका 22:43

43 तब स्वर्ग से एक दूत उसके सामने प्रकट हुआ और उसकी हिम्मत बँधायी।

2 राजा 7:19

19 मगर सहायक सेना-अधिकारी ने सच्चे परमेश्वर के सेवक से कहा था, “अगर यहोवा आकाश के झरोखे खोल दे तो भी यह नहीं हो सकता!” तब एलीशा ने कहा था,

“कल तू खुद अपनी आँखों से यह देखेगा, मगर उसमें से कुछ खा नहीं पाएगा।”

मत्ती 7:7-8

7 माँगते रहो तो तुम्हें दिया जाएगा, ढूँढ़ते रहो तो तुम पाओगे, खटखटाते रहो तो तुम्हारे लिए खोला जाएगा।  8 क्योंकि हर कोई जो माँगता है,

उसे मिलता है और जो ढूँढ़ता है, वह पाता है और हर कोई जो खटखटाता है, उसके लिए खोला जाएगा।

प्रकाशित वाक्य 4:2

2 फिर मैं तुरन्त ही आत्मा के वशीभूत हो उठा। मैंने देखा कि मेरे सामने स्वर्ग का सिंहासन था और उस पर कोई विराजमान था।

Leave a Comment