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Ghamand kya hota hai ?

Ghamand kya hota hai ?

Ghamand kya hota hai ?

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  • यह आश्चर्य की बात है कि लोग समझते हैं कि कुछ भी करने और सोचने के लिए वे आज़ाद हैं और प्रभु जान भी नहीं पाएँगे।
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इस आयत के आखिर हमें एक सिद्धान्त दिखता है जो तब तक सच रहेगा, जब तक बुरे लोग दुनिया में रहेंगे। परमेश्‍वर की निगाह में वे बातें घिनौनी हैं जिन्हें वे अच्छा समझते हैं।

यह विषय है -‘दौलत से प्यार’- इस रवैये से परमेश्‍वर नफ़रत करते हैं -लेकिन दूसरे अन्य दायरों में भी इस सिद्धान्त को लागू किया जा सकता, जिन्हें लोग बहुत अहमियत देते हैं।

अगर हम घमण्ड को अपने ऊपर राज्य करने देंगे तो परमेश्‍वर हमारे दुश्मन बन जाएँगे और हमारे खिलाफ़ लड़ेंगे।

  • जो लोग घमण्डी हैं और अपना नाम चाहते हैं, कभी प्रभु के राज्य में दाखिल नहीं होते हैं (जब तक अपनी बुराई को मान कर छोड़ न दें)।

परमेश्‍वर की आशीषों के दायरे में प्रवेश करने की शर्त है अपनी खुदी (मनमानापन और घमण्ड) छोड़ना । लोग जो कुछ भी स्वभाव से सोचते हैं यह उस सब के बिल्कुल विरोध में है।

  • जानते हैं एक घमंडी आदमी क्या करेगा मुझे पुरी तरह से पता हे मेरी उम्र हो चुकी है मैनें जिन्दगी देखी है मैंने ये देखा है उन्हें अपनी बुद्धि और समझ पर भरोसा है ।

लेकिन जानते हो जो परमेश्वर के पास जाते हैं वो क्या कर ते है वो कहते है प्रभु चाहे मुझे कितना भी अनुभव हो उसके बाद भी मैं आपके पास आऊंगा इसे कहते हैं नम्रता ।

  • आप को पता है कुछ भी हो ने के बाद चाहे खुसी हो या चाहे दुःख आप जिस किसी को पेहले फोन करते हो वो आपका फेवरेट है इसका मतलब है आपके जीवन में कुछ भी अच्छा या बुरा हुआ

आपने जिस को पेहला खबरें दी वो व्यक्ती ही आप का परमेश्वर है। क्या आप दुःख आता है तो सबसे पहले आप परमेश्वर के पास जाते हैं या दुनिया के लोगों के सामने ?

आपने पूरी दुनिया को अपना दुःख बता दिया परन्तु परमेश्वर को पेहले जा कर नहीं बताया ; या आप के साथ कुछ अच्छा हुआ तो आपने पूरी दुनिया को खुश खबरी सुना या पर यीशु को ध्यान में नहीं रखा

और ना ही धन्यवाद दिया क्या ये आपने सही किया परमेश्वर के साथ ; उसने आप को दिया और उसको ही आप धन्यवाद नहीं देना चाहते हैं । हम कुछ भी अपने से हासील नहीं करते वो प्रभु से मिलता है ।

  • जब दाऊद को परमेश्वर ने कहा अपना सब कुछ मन्दिर के लिए दे दे तब दाऊद ने बहुत सारे लकड़ी , सोना चांदी इकठ्ठा किया और

केहता है कि किसने तुझे दिया हमने पा कर तुझी को दिया वो केहता है में किस बात का घमंड करु प्रभू में एक चरवाहा था तुने मुझे प्रधान बनाया है ये मेरा है ही नहीं ।

  • इसलिए पौलुस केहता है ना तुम कुछ ले आए थे ना तुम कुछ ले के जाओगे तुम्हारे पास याहा खाने पीने के लिए है ये बहुत है ।
  • में एक बात केहता हुं अपनी खुशी या दुःख में परमेश्वर के पास ना जाना भी एक घमंड है । बहुत सारे लोग भी ये बात को समझ नहीं सकते हैं क्यों कि ज्यादा बुद्धिमानी भी एक परेशानी है ।
  • आप में से ऐसा कोन है जब उसके पास कोई प्रोब्लेम आता है तो प्रभु के पास सबसे पहले पिता के पास जाते हैं और जाकर ये केहता है

पिता ये दुःख है इसे साफ(clear) कर के दे में तुझसे प्रेम करता हूं तु जानता है प्रभु में बहुत परेशान हुं प्रभु ओर जब आपके पास खुशी आती है तब पिता से ये केहते़

है प्रभु उसने प्रार्थना की वो अलग बात है दिया तो मुझे आपने । ओर जब आप इस तरह जिते हैं अपने जीवन के हर क्षेत्र में अब येहीं पर decide होता है कि अब आपके जिन्दगी में किसको  पेहला स्थान दिया है आपने ।

जानते हो प्रोब्लेम काहां पर है जब हम पर शंकट आता है तब हम चालीस लोगों को केहतें हैं उनको प्रेयर रिक्वेस्ट करते हैं उसके बाद आख़री में प्रभु के पास जाते हैं और केहतें हैं प्रभु ये करना ,

ओर जब खुशी आती है लोगों के पास जाते हैं और मुझे ये मिला लेकिन यिशु के पास जाते हैं। येही बात दर्शाती है कि कलीशस्य घमंडी है या नम्र है।

नम्रता ये नहीं है मेरे भाई मेरे बहन कि लोगों को जेय  मस्सी कहना या किसी को अपने घर पे मेहमान नवाजी करना या ऐसा बोलेंगे कुछ काम हो तो मुझे बोलना या किसी को दान करना ;

लेकिन याद रखना सच्ची नम्रता तुम्हारे परमेश्वर के सामने दिखाई देती है। बाईबल ये नहीं कहती यीशु मसीह पैर धोया इसलिए नम्र हुआ

बाईबल ये भी नहीं केहति यीशु ये कर रहा था या वो कर रहा था पर बाईबल ये कहती है उसकी नम्रता इस बात पर दिखाई दी कि वो आज्ञा कारी  रहा क्रॉस उठाने तक !

  • कभी आपने इब्रानियों के वचन को समझा बाईबल कहती है पाप से तुम्हारी ऐसी लड़ाई नहीं हुई ; जिस समय यीशु क्रॉस पे था लोग उसे बोल रहे थे अगर तू मस्सी है

तो निचे उतर वो वहां पर भी चुप था उसका खून बह रहा था पूरे बदन से इसलिए बाईबल कहती है क्या तुम्हारी मुड़भेट हुई है क्या ऐसी पाप की लड़ाई  हुई है

ऐसी बातों का सामना किया है मेरे ख्याल से आपकी और मेरी ऐसी लड़ाई कभी नहीं हुई होगी । लोग हमें कुछ भी गन्दा वीडियो दिखाते हैं ये देखो हम उनको चिलाते है ,

लोग हमें बोलते हैं झूट बोल हम बोलते हैं नहीं बोलेंगे ये बहुत अच्छी बात है हम पाप ना करें पर क्या हमारी लड़ाई यीशु के जैसे पाप के साथ लड़ाई हुई है क्या हमारा खून बाहा है

यीशु का क्रॉस पर खून बहाया गया फिर भी यीशु चुप रहा ऐसा किसी के साथ नहीं हुआ होगा । अब मेरे भाई बहन क्या आप के बदन से खून बह रहा हो और

आप कहते हो में फिर भी पाप नहीं करुंगा यह है यीशु मसीह इसे कहते हैं यीशु मसीह का असली बेटे बेटी ।

  • इसीलिए बाईबल कहती है पिता ने उसे मुरदो में से जिलाया और वो नाम दिया जो सब नामों में श्रेष्ठ है पोलिश कहता है जो स्वर्ग में हैं जो पृथ्वी में हैं और पृथ्वी के निचें हैं बोलता है

जीवन की शोगन वो झुकेंगे अब और कहेंगे वो परमेश्वर है ।

  • कितना आसानी से पाप करते हैं हम कितना आसानी से झूट बोल देते हैं हम पर इब्रानियों के पत्री कहती है देखो उसे उसके बदन से खून निकल रहा था

फिर भी वो कह रहा था तुम्हे जो करना है करो पर में कभी पाप नहीं करुंगा।

  • कितने लोगों के पास प्रभु के साथ ऐसा संबंध है खुशी में भी प्रभु के पास जाते हैं दुःख में भी प्रभु के पास जाते हैं ।

प्रेयर रिक्वेस्ट करना कोई पाप नहीं है पर याद रखना लोगों से पहले परमेश्वर पिता के पास प्रेयर रिक्वेस्ट करो उसके बाद लोगों के पास जाओ ।

इस तरह से हमारे साथ परमेश्वर पिता का और हमारा संबंध होता है बाप और बेटे या बेटी का । तो किसी के पास पहले मत जाइये प्रभु यीशु के पास जाएं फिर किसी के पास जाते हैं तो जाएं।

क्या फायदा में पूरी दुनिया घूम के बाद में परमेश्वर पिता के पास आऊं। में आपसे एक बात बताना चाहता हूं क्या है प्रभु क्या है

घमंड आप जानते हो शैतान एक अच्छा स्वर्गदूत्त था पर जानते हो किस चिस ने उसे शैतान बना दिया घमंड ने यीशु 80 बार कहता है में मनुष्य का पुत्र हूं पर हर बार पत्री कहती है

वो परमेश्वर है ; जरा सोचिए मनुष्य को परमेश्वर किसने बनाया यीशु मसीह के नम्रता ने और परमेश्वर ने ।

  • कभी आपने यीशु को ऐसे करते देखा है पत्तरस जी आप मेरे पीछे आओ या युहन्ना जी आप मेरे पीछे आओ और वो मा को नमस्कार करे यीशु ऐसी झुटी नम्रता पे विश्वास नहीं करते थे ।
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उदाहरण : 👇

जरा सोचिए दोनों व्यक्ति प्रभु यीशु के नाम पर कहीं सेवा करने गए हैं एक जगा पे और कुछ लोगों को कहे रहे हैं हम प्रचार कर रहे हैं आप सुनिए आके और ये मालूम पड़ रहा है

800 लोग इकट्ठा हुए हैं 800 लोगों ने उनका वचन सुन लिया उनकी प्रार्थना सुन ली और हुआ क्या वो दो लोग घर पर आगये ।

अगले दिन वहां पर एक और सभा थी ; सब लोग वहां ढूंढ रहे थे वो दोनो व्यक्ति किधर है ; लेकिन जैसे वो दोनों व्यक्ति वहां पर गए तो जानते हैं

क्या हुआ उन्हों ने कहा आज हम यहां पर नहीं आएंगे तो सब सोचने लगे आरे क्या हुआ क्या होगया ! आपको पता है मरकुस की पत्री क्या कहती है पत्तरस यीशु से आके कहता है

सब तुझे ढूंढ रहे हैं यीशु बोलता है छोड़ो हमें कहीं और जाना है ! यीशु प्रार्थना करके नीचे उतरा था यीशु से परमेश्वर पिता ने कहा था आज यहां नहीं आज कहीं और जाना है ।

जो परमेश्वर से प्रार्थना करता है परमेश्वर उन्हें मार्गदर्शन (lead) करता है आज यहां से जाना है । अगर यीशु के जगाह कोई और होता तो ये कहता क्या कहता है

प्रभु बनी बनी 800 कलिश्या को छोड़ दे क्या हमारी मिनिस्ट्री हायर लेवल पर है अभी तो फॉर्म भी भरना चालू नहीं हुआ है ; अभी तो YouTube पे नहीं आया हूं अभी तो नेशनल पे हूं

अभी इंटरनेशनल लेवल पर आना है कितनी बात बनाते प्रभु के सामने । पर यीशु मसीह उन दिनों में उनकी मिनिस्ट्री ज्यादा ही हायर लेवल पर थी फिर भी

यीशु मसीह परमेश्वर पिता के बताए गए मार्ग पर चल रहे थे। उन्हें कोई फरक नही पड़ता था कि उनकी लेवल कहां तक जा रही है उन्हें बस

स्वर्गीय पिता के बताए गए मार्ग पर चलना उनकी आज्ञाओं को मानना पसंद था । पर एक समय आया जब यीशु मसीह के हांतो पे सब कुछ आ गया सेवकाई ऊंचाई तक पहुंच गई

फिर परमेश्वर पिता ने यीशु से कहा सब कुछ छोड़ और अगले दिन क्रॉस पर चड जा युहन्ना 16 अध्याय में लिखा है यीशु ने सब कुछ छोड़ दिया फिर यीशु अपने चेलों से कहते हैं

आओ हम प्रार्थना करे और चेलों के साथ प्रभु भोज खाया और अगले दिन उसे सब चेलें क्रॉस पर देखे। इस तरह यीशु मसीह ने अपना नम्रता दिखाई परमेश्वर पिता के सामने ।

किसी के हांत्त जोड़ना पैर धोना प्रेम करना अच्छी बात है क्यों कि ये बाईबल पे लिखा है पर ।

  • हमारे बदन से नहीं दिखता के हम कितने नम्र है पर हमारे विचारों से मालूम पड़ता है कि हम कितने ईमानदार है ।

आप जानते हो यहुदा ने यीशु के गालों पर चूमा था उसका क्या मतलब था उसने क्या सोच कर ऐसे नम्रता भरा  चूमन्न किया उसके विचारों में यीशु के लिए क्या था प्रेम था या सिक्के !

पर एक जगा ऐसा भी लिखा है मरियम मैग्डलीन ने यीशु को कहां चूमा था यीशु के पैरों पर उनके विचार क्या थे यीशु के प्रति प्रेम था उनके मन में सिक्के नहीं थी

वो यीशु को अपना प्रभु मान कर पैर पकड़े हुए बैठी थी। अभी में आपसे कुछ कहना चाहता हूं आप किस मकसद ले के प्रभु यीशु के पीछे चल रहे हैं यीशु चाहिए या यीशु मसीह से कुछ चाहिए ।

पोलुस हमेशा यीशु की ओर दौड़ता था यीशु के जैसे बनने को पर कुछ पाने के मकसद से नहीं उसने यीशु से हमेशा प्रेम किया ।

एलिया ने भी हमारे समान दुःख सुखी भोगने वाला व्यक्ति था पर वो भी परमेश्वर के सामने पहले जाता था इसलिए यीशु के पास पहले जाए और कहो

प्रभु आपने जो दिया उसके लिए धन्यवाद और जो आपने नहीं दिया उसके लिए भी धन्यवाद । क्यों की तूने अपनी इच्छा पूरी की ।

  • कितने लोगों ने इस बात को अनुभव किया के आप कन्फ्यूज़न थे और प्रार्थना किए और परमेश्वर ने आपको मार्गदर्शन किया और कहा क्या करना चाहिए।

आप जानते हैं प्रार्थना ना करना एक घमंड है और प्रार्थना करना एक नम्रता है जो प्रार्थना नहीं करते वो प्रभु को ये दिखाते हैं

कि में तेरे बगैर भी जी सकता हूं और जो प्रार्थना करते हैं प्रभु को ये दिखाते हैं में कमजोर व्यक्ति हूं मुझे आपकी जरूरत है ।

घमंड के आयते : 👇(Ghamand kya hota hai ?)

भजन 101:5

5 जो कोई चोरी-छिपे अपने पड़ोसी को बदनाम करता है, उसे मैं खामोश कर दूँगा। घमंड से चढ़ी आँखें और मगरूर दिल मैं बरदाश्‍त नहीं करूँगा।

1 पतरस 5:5

5 इसी तरह जवानो, मैं तुमसे गुज़ारिश करता हूँ कि बुज़ुर्गों के अधीन रहो। और तुम सब एक-दूसरे के साथ नम्रता से पेश आओ क्योंकि परमेश्‍वर घमंडियों का विरोध करता है, मगर नम्र लोगों पर महा-कृपा करता है।

याकूब 4:6

6 मगर परमेश्‍वर जो महा-कृपा हमें देता है वह हमारी इस फितरत से कहीं महान है। इसलिए शास्त्र कहता है, “परमेश्‍वर घमंडियों का विरोध करता है, मगर नम्र लोगों पर महा-कृपा करता है।”

भजन 138:6

6 यहोवा ऊँचे पर निवास करता है, फिर भी वह नम्र लोगों पर गौर करता है, मगर मगरूरों को सिर्फ दूर से जानता है।

निति 8:‍13

13 यहोवा का डर मानना, बुराई से नफरत करना है। गुरूर, घमंड, बुरी राह और झूठी ज़बान से मुझे नफरत है।

निति 16 : 18,19

18 विनाश से पहले घमंड और ठोकर खाने से पहले अहंकार होता है। 19 घमंडियों के साथ लूट बाँटने से अच्छा है, दीन लोगों के बीच नम्र बने रहना।

2 कुरिन्थ. 10:18

18 क्योंकि जो अपनी बड़ाई करता है वह नहीं, लेकिन जिसकी बड़ाई प्रभु करते हैं, वही स्वीकार किया जाता है।

यूहन्ना 5:44

44 तुम कैसे विश्‍वास कर सकते हो? तुम तो एक दूसरे से इज़्ज़त चाहते हो, लेकिन वह इज़्ज़त जो सर्वश्रेष्ठ परमेश्‍वर की ओर से है, नहीं चाहते।

भजन 10:4

4 दुष्ट अपनी हेकड़ी की वजह से परमेश्‍वर की खोज नहीं करता, वह मन में यही कहता है, “कोई परमेश्‍वर नहीं।”

लूका 16:15

15 तब यीशु ने उन से कहा, “तुम लोगों के सामने बहुत धार्मिक बनने की कोशिश करते हो, लेकिन परमेश्‍वर तुम्हारे मन को जानते हैं। जिसे यह दुनिया इज़्ज़त देती है, वह परमेश्‍वर की निगाह में घिनौना है।

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Amit kujur: नमस्ते दोस्तों मेरा नाम Amit Kujur हे ,में इंडिया के Odisha States के रहने वाला हूँ | आछा लगता हे जब इन्टरनेट के मदत से कुछ सीखते हैं और उसे website/blog के जरिये आपही जसे दोस्तों के बिच शेयर करना आछा लगता हे और मुझे भी सिखने को बोहुत कुछ मिलता हे | इसी passion को लेकर sikhnaasanhe.com website नाम का ब्लॉग बनाएं जहा हिंदी भाषा के आसान सब्दों में हार तरह के technology और skills related आर्टिकल जरिये मेरा जितना जो experience और knowledge हे शेयर करता हूँ |

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