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दस कुँवारियों के बारे बाईबल क्या कहती है ?

DUS KUAWARIYO KE VARE ME BIBLE KYA KEHTI HAI

दस कुँवारियों के बारे बाईबल क्या कहती है ?(DUS KUAWARIYO KE VARE BIBLE KYA KEHTI HAI ?)

हर पीढ़ी के मसीह विश्वासी पृथ्वी पर यीशु मसीह की वापसी में रुचि रखते हैं। और कोई आश्चर्य नहीं: मसीह का दूसरा आगमन हर युग में कलीसिया की आशा रहा है।

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यीशु ने खुद हमें “जागते रहने” का निर्देश दिया है और समय के संकेतों से अवगत रहने को कहा है : 👇

मत्ती 25:1-13

1“स्वर्ग का राज्य उन दस कुँवारियों की तरह होगा, जो अपने दीयों को लेकर दूल्हे से मिलने गयीं। 2 उन में से पाँच समझदार और पाँच बेवकूफ़ थीं।

3 बेवकूफ़ों ने दीयों के साथ तेल नहीं लिया। 4 लेकिन समझदारों ने अपने बर्तनों में तेल भी लिया। 5 जब दूल्हे के आने में देर हुयी तो वे ऊँघते-ऊँघते सो भी गयीं।

6 बीच रात में बड़ा हल्ला-गुल्ला हुआः ‘देखो दूल्हा आ रहा है। उससे मिलने जल्दी चलो।’ 7 तभी सभी कुँवारियाँ उठ कर अपने-अपने दीयों की बत्तियाँ ठीक करने लगीं।

8 बेवकूफ़ों ने समझदारों से कहा, ‘अपने तेल में से हमें भी कुछ दे दो क्योंकि हमारे दिये बुझ रहे हैं।’ 9 लेकिन समझदारों ने जवाब में कहा, ‘नहीं, हम नहीं देंगे, नहीं तो हम सब को यह काफ़ी नहीं होगा।

अच्छा यह है कि तुम बाज़ार जाकर तेल बेचने वालों से खरीद लो’। 10 जब वे तेल खरीदने जा रही थीं, दूल्हा आ गया। जो तैयार थीं, वे दूल्हे के साथ शादी में चली गयीं। दरवाज़ा बन्द कर दिया गया।

11 इसके बाद दूसरी कुँवारियाँ भी यह कहते हुए आयीं, ‘प्रभु दरवाज़ा खोलिए।’ 12 लेकिन उसने उत्तर दिया, “मैं तुम से सच कहता हूँ, कि मैं तुम्हें नहीं जानता।

13 इसलिए सावधान रहना, क्योंकि तुम वह समय नहीं जानते जब मनुष्य का पुत्र आएगा।

  • यह उस समय के रीति रिवाज़ की तस्वीर है। दस कुँवारियाँ दुल्हन के घर दूल्हे के आने का इन्तज़ार कर रही थीं; ताकि दूल्हे के घर शादी की दावत तक ले जाया जाए।

दूल्हा यीशु को दिखाता है। दुल्हन यीशु के सच्चे विश्‍वासियों को👉 मत्ती 9:15

  • यहाँ पढ़ने से ऐसा लगता है कि, मूर्खों के पास तेल था ही नहीं। बाईबल में तेल पवित्रात्मा को दिखा सकता है (निर्ग. 27:20)

जो लोग दावा करते हैं कि मसीही हैं – बुद्धिमानों के पास पवित्रात्मा है, मूर्खों के पास नहीं। कई बातों में दसों में समानता थी – सभी कुँवारी थीं, सब के पास दिया था। सभी के पास कुछ सच्चाई थी।

सभी सोच रही थीं कि वे दूल्हे से मिलने तैयार होंगी। सभी उन से मिलने भी गयीं। लेकिन बेवकूफ़ों के पास एक चीज़ नहीं थी – वह था तेल।

तुलना करें रोमि. 8:9; यहूदा 19. बहुत से लोग हैं, जो बाहरी रूप से मसीही हैं, भीतरी रीति से नहीं। वे ऐसे पेड़ हैं जिनमें फल नहीं लगता, ऐसे बादल की तरह हैं जो पानी नहीं बरसाते।

प्र. व. 19:6-8👇

6 फिर मुझे भीड़ का सा शोर सुनायी दिया। यह बहुत ढेर पानी और ज़बरदस्त गड़गड़ाहट की तरह शब्द था, “हालेलूयाह, हमारे शक्‍तिमान प्रभु परमेश्‍वर शासन कर रहे हैं।

7 आओ, हम खुश हों और परमेश्‍वर की बड़ाई करें, क्योंकि मेम्ने के विवाह का समय आ गया और उसकी दुल्हिन ने अपने आपको तैयार किया है ।

8 पहनने के लिए उसे अच्छे किस्म की साफ़ और चमकती हुयी मलमल दी गयी। यह अच्छी किस्म की मलमल सन्तों के धार्मिकता के काम हैं।”

ये दस कुँवारियाँ कौन हैं  ?👇

  • शायद वे अगुवे, जिनकी ज़िम्मेदारी है कि दूल्हे के लिए दुल्हिन को तैयार करें 👉मत्ती 24:45-49 के नौकर की 👉 तुलना 2 कुरि. 11:2 के पौलुस के कथन से करें),

या ये कुँवारियाँ उन लोगों की तरफ़ इशारा है जो अपने को मसीही कहते हैं। वे सोचते हैं कि वे सच्चे चर्च के सदस्य हैं। वे सोचते हैं कि मसीह के राज्य के हिस्सेदार हैं।

इस हालत में बुद्धिमान और मूर्ख में काफ़ी फ़र्क है और सच्चे तथा झूठे मसीहियों में अन्तर है। बाईबल में कुँवारा शब्द हमेशा परमेश्‍वर के सच्चे लोगों की तरफ़ इशारा नहीं है। देखें यशा. 23:12; 47:1; यिर्म. 46:11.

  • मूर्ख और बुद्धिमान में अन्तर👉 मत्ती 7:24-27 यहाँ पढ़ने से ऐसा लगता है कि, मूर्खों के पास तेल था ही नहीं। बाईबल में तेल पवित्रात्मा को दिखा सकता है (निर्ग. 27:20)।

जो लोग दावा करते हैं कि मसीही हैं – बुद्धिमानों के पास पवित्रात्मा है, मूर्खों के पास नहीं। कई बातों में दसों में समानता थी – सभी कुँवारी थीं, सब के पास दिया था। सभी के पास कुछ सच्चाई थी।

सभी सोच रही थीं कि वे दूल्हे से मिलने तैयार होंगी। सभी उन से मिलने भी गयीं। लेकिन बेवकूफ़ों के पास एक चीज़ नहीं थी – वह था तेल।

तुलना करें रोमि. 8:9; यहूदा 19. बहुत से लोग हैं, जो बाहरी रूप से मसीही हैं, भीतरी रीति से नहीं। वे ऐसे पेड़ हैं जिनमें फल नहीं लगता, ऐसे बादल की तरह हैं जो पानी नहीं बरसाते। ध्यान दें।

  • सभी सो गयी थीं – बुद्धिमान भी ऐसी सतर्क नहीं रही थीं, जैसे उन्हें रहना चाहिए था। चर्च इतिहास में इस में कोई शक नहीं, ऐसे समय थे, जब लोग ऊँघते रहे थे।

अन्त के समय में यीशु के आने के सम्बन्ध में चेतावनी और चिन्ह होंगे। उन्हीं से चर्च को सावधान होना पड़ेगा।

  • उन्हों ने चाहा था कि अपने दीयों को जलाएँ। सूखी बत्ती में आग तो लग गयी थी, लेकिन वह जलती न रही।

परमेश्‍वर के आत्मा के बिना किसी के पास भीतरी शक्‍ति या रोशनी न होगी, जो उसे मार्गदर्शन उसी तरह दे, जिस तरह सच्चे विश्‍वासी को मिलती है। बाहरी दिखावा भीतरी कमी को कभी पूरा नहीं कर सकता।

  • किसी के पास भी सीमा से बाहर परमेश्‍वर का आत्मा नहीं हो सकता। कोई भी दूसरों को आत्मा उधार नहीं दे सकता या ऐसे अनुभव को जो सच्चा है।

हर व्यक्‍ति को व्यक्‍तिगत रीति से परमेश्‍वर से ‘खरीदना’ है। तुलना करें – यशा. 55:1-3; नीति. 23:23; लूका 11:13; प्रका. 3:18. यह एक संकेत (या इशारा) देने वाली भाषा है।

पवित्रात्मा बिकता नहीं है। (तुलना करें प्रे.काम 8:18-21)। इस तेल को खरीदने के लिए पैसा नहीं देना है – इस में स्वयं को खाली करना है ( मत्ती 10:39; मत्ती16:24-26; लूका 9:23; लूका14:26, 33)।

इसीलिए बहुत कम लोग इस तरह की खरीददारी कर पाते हैं।

  • जैसा यीशु ने वायदा किया था, वह आएँगे। तब उनके लोगों के लिए एक बड़ी दावत होगी – 👉प्रका. 19:9. लेकिन अक्सर दरवाज़ा उन लोगों के लिए बन्द हो जाएगा जिन्होंने सच्चाई सुनी,

लेकिन कबूल नहीं की। तुलना करें👉 लूका 13:24-25; उत्पत्ति 7:13,16; 2 कुरि. 6:1-2; इब्रा. 3:7-11.

  • “मैं तुम्हें नहीं जानता”– यह इस बात का सबूत है कि मूर्ख कुँवारियाँ चर्च में बिना उद्धार पाए लोगों को दिखाती हैं। तुलना करें 👉मत्ती 7:23. मिलान करें यूहन्ना 10:14; 1 कुरि. 8:3; 2 तीमु. 2:19.
  • इस दृष्टान्त से एक बात यीशु खास सिखाते हैं – इसका मतलब यह नहीं कि कुछ और सीखा नहीं जा सकता। “सावधान” का मतलब है आत्मिक तैयारी।

इस दृष्टान्त में दस कुँवारियाँ सोने गयीं और उन्हें मालूम नहीं था, लेकिन उन में से पाँच दूल्हे के आगमन की घोषणा के बारे में सतर्क थीं।

परमेश्‍वर का आत्मा है जो लोगों को तैयार कर देता है। बिना उसके सिर्फ़ धर्म, कर्म के द्वारा यीशु से मिलने की तमन्ना बेकार है।

यूहन्ना 14:16-17

16 मैं पिता से बिनती करूँगा, और वह तुम्हें एक और मददगार देंगे ताकि वह हमेशा तुम्हारे साथ रहे, 17 अर्थात् सच्चाई का आत्मा, जिसे संसार पा नहीं सकता,

क्योंकि वह न तो उसे देखता है और न ही उसे जानता है। तुम उसे जानते हो, क्योंकि वह तुम्हारे साथ रहता है, और वह तुम में होगा।

  • इसका अर्थ है वह जो पास में खड़ा होकर सहायता करे। प्रायः कानूनी बातों में सहायता देने वाला, जो दूसरे के बचाव के लिये बोलता है, संभवतः एक मध्यस्थ या बिचवई।

नए नियम में यह शब्द उस दोस्त की ओर इशारा करता है, जो धार्मिकता और अपराध से सम्बंधित सभी बातों में विश्‍वासियों को सलाह देता है।

एक सहायक, जो सहायता करता और शान्ति देता है और परमेश्‍वर के स्थान पर खड़ा होता है। प्रभु यीशु मसीह पवित्र आत्मा के विषय कह रहे स्पष्ट है।

वह उसे दूसरा मददगार कहते हैं। तब तक वह स्वयं शान्ति देने वाले थे (यूनानी में यही शब्द यीशु के लिये 1 यूहन्ना 2:1 में उपयोग किया गया है। वहाँ इसे ‘वकील’ कहा गया है।

यशा. 9:6 भी देखें, जहाँ मसीह को मददगार भी कहा गया है) अब वह प्रतिज्ञा करते हैं कि अपने समान दूसरा सहायक भेजेंगे।

किंतु वह एक मित्र व्यक्‍ति हैं (यह यूनानी में अनुवादित ‘दूसरा’ शब्द से दिखता है) यूहन्ना 7:39; लूका 24:49; प्रे.काम 1:4-5, 8; 2:1-4 भी देखें।

यह दूसरा सहायक, विश्‍वासियों का मित्र, उनके साथ सदा काल तक रहेगा। वह न उन्हें छोड़ेगा और न ही त्यागेगा।

मत्ती 25:15

15 उन में से हर एक को उसकी योग्यता के अनुसार पहले को पाँच तोड़े, दूसरे को दो, और तीसरे को एक दिया। तुरन्त उसके बाद वह यात्रा पर निकल पड़ा।

  • यहाँ तोड़े योग्यताओं, आत्मिक वरदानों और स्रोतों को दिखाते हैं। परमेश्‍वर के कुछ लोगों के पास दूसरे की तुलना में ज़्यादा हैं (रोमि. 12:3-8; 1 कुरि. 12:4-11)।

लेकिन दृष्टान्त की एक खास बात यह है कि चाहे योग्यताएँ भिन्न हों, बराबर की विश्‍वासयोग्यता समान प्रतिफल लाएगी। एक तोड़ा पहले वजन की एक इकाई (34 किग्रा.) हुआ करता था।

उसके बाद उसकी कीमत करीब चौतीस किलो सोना या चाँदी हो गयी (यह एक बड़ी रकम के बराबर उस समय थी)।

मत्ती 18:24

24 जब वह अपने नौकरों के साथ अपने हिसाब किताब को करने लगा, तो एक ऐसे व्यक्‍ति को उसके पास लाया गया जो दस हजार सिक्कों का कर्ज़दार था।

  • परमेश्‍वर के खिलाफ़ हमारा गुनाह एक बड़े कर्ज़ की तरह है (मत्ती 6:12)। इस व्यक्‍ति का कर्ज़ कुछ करोड़ों का रहा होगा।

मत्ती 25:16

तब जिसको पाँच तोड़े मिले थे, उसने इस्तेमाल कर के पाँच और कमा लिए। 17 इसी तरह जिसे दो मिले थे, उसने दो और कमाए।

18 लेकिन जिसे एक मिला था, उसने जाकर मालिक के पैसे को ज़मीन में गाड़ दिया। 19 काफ़ी समय के बाद वापस लौटने पर उस मालिक ने हिसाब माँगा।

  • परमेश्‍वर जो कुछ देते हैं, उसके इस्तेमाल के तरीके अलग-अलग होते हैं। लूका 19:13-21 तुलना करें। इन नौकरों की जहाँ तक बात है,

यह आज्ञाकारिता अनाज्ञाकारिता और विश्‍वासयोग्यता अविश्‍वासयोग्यता की बात थी। “काफ़ी समय के बाद”- इन शब्दों से मसीह यह नहीं कर रहे थे कि उनका दोबारा आना नज़दीक भविष्य में होगा?

चाहे कुछ भी हो, जिस तरह से दृष्टान्त में व्यक्‍ति वापस लौटता है, वह भी लौटेंगे।

  • जब परमेश्‍वर अपने सेवकों के कार्य का न्याय करेंगे। पद 13 कहता है कि वह प्रगट करने वाला न्याय, आग का न्याय और परखे जाने का न्याय होगा।

उस दिन व्यक्‍ति ने कितना कार्य किया यह महत्वपूर्ण नहीं होगा, लेकिन वह काम किस प्रकार का है यह महत्वपूर्ण होगा।

परमेश्‍वर की आग के द्वारा परखे जाने से पहले कार्य कैसा है यह विशेष नहीं है, लेकिन आग से परखे जाने के बाद क्या रह जाता है।

अपने काम के सम्बंध में किस तरह से डरते और काँपते हुए और सावधानी के साथ परमेश्‍वर के सेवकों को अपना काम करते रहना चाहिये। ( 1 कुरिन्थ 2:2)।

  • यदि हम प्रभु के काम के नहीं, दुष्ट हैं और आलसी हैं, हमें प्रतिफल की आशा नहीं करनी चाहिए। वह ऐसे लोगों को जिन्होंने अच्छा काम नहीं किया, कभी भी शाबाशी नहीं देंगे।

मत्ती 3:10

10 अब कुल्हाड़ी पेड़ों की जड़ पर रखी हुयी है। इसलिए जो पेड़ अच्छा फल नहीं लाता, काटा और आग में डाला जाता है।

  • ये अभिषेक कैसे मिलता है अगर आप सच में अभिषेक तेल को पाना चाहते हो तो में आपको एक रास्ता बताना चाहता हूं अगर आप ये करेंगे में आपको सच कहता हूं

आप के आने वाले दिनों में ना की मशाल होगी पर आपकी कुपीयों में आपके भीतर के ज़िंदगियों में भी तेल होगा। सुनो जो भी आप कर रहे हो बात कर रहे हो सोच रहे हो देख रहे हो

चल फिर रहे हो आज एक सुरूवात करो प्रभु से ये कहिए प्रभु अगर मेरे बोलने में कुछ गलत है तो मुझे दिखा अगर मेरे सोचने में कुछ गलत है

तो मुझे दिखा और जब भी परमेश्वर पिता आपको सचेत करता है मतलब सावधान करता है। वो आपको हिलाए और कहे बेटा तुझे ऐसा नहीं करना चाहिए था और

उस समय प्रभु से माफी मांगीये और प्रभु से मदत मांगिए और कहिए प्रभु में ये दुवारा नहीं करना चाहता आप मुझ पर दया करे आप मुझे बचाएं

इस तरह से परमेश्वर आपके अंदर उस ऑयल को डालेगा वह तेल आपके अंदर काम करेगा आपको मजबूत बनाएगा।

लेकिन कुछ लोग ऐसे हैं जो सिर्फ और सिर्फ बाईबल पढ़ते रहते हैं वो संतुलन (balance ) जीवन नहीं जीते वो ये नहीं जानते कि जो वचन वे पढ़ते हैं

चन को लेकर ही आप को परमेश्वर को पुकारना है कि प्रभु तेरे कलाम में लिखा है मांगो तो तुम्हें दिया जाएगा अब हम मांगते हैं क्यों कि तूने कहा है

हम बुरे हो कर भी अपने बच्चों को अच्छी वस्तुएं देना जानते हैं तो तु स्वर्गगिय पिता होकर हमारे मांगने पर पवित्र आत्मा क्यों न देगा देख में यहां पर हूं

मुझे भर अपनी आत्मा से याशया की तरह में भी कहता हूं यहां पर हूं मुझे भेज । मेरे भाइयों मेरे बहनों जब यीशु मसीह अन्तिम समय में चेलों को दिखाई दिए बाईबल बताती है

यीशु ने उन्हें कहा मेरी प्रतिज्ञा को पूरी होने तक यरुशलेम में ठहरे रहना जब तक स्वर्ग से सामर्थ ना पाओ उन दिनों में यरुशलेम में रहना बहुत ही डेंजर काम था

क्यों की रोम सरकार सब को ढूंढ रही थी सारे लोगों को पकड़ पकड़ के मारने के लिए लेकिन उन दिनों में वे 120 चेलों ने में आपको बताना चाहता हूं एक वचन सायाद आप जान कर खुद हैरान हो जाएंगे।

यहां पढ़िए 👇

👉1 कुरिन्थ. 15:6 उसके बाद वह पाँच सौ से ज़्यादा भाइयो-बहनों को एक ही समय में दिखे, जिनमें से अधिकतर लोग अभी जीवित हैं, हालांकि कुछ मर चुके हैं।

यहां पर 500 से ज्यादा लोगों ने यीशु को आसमान स्वर्ग को जाते देखा पर परमेश्वर पिता को प्रार्थना करने के लिए उस कमरे में सिर्फ 120 चेले ही गए और 380 घर चले गए किसीको बीबी ,

बच्चों के याद आगया वे घर चले गए  लेकिन 120 लोगों ने कहा हम कीमत को चुकाने के लिए तैयार हैं यीशु मसीह के लिए।

बाईबल के इतिहास बताती है 120 चेलों ने उस कमरे में 10 दिनों तक 10 रात उन्हों ने एक ही प्रार्थना करते रहे एक ही प्रतिज्ञां को लेकर कहते थे प्रभु युहन्ना ने कहा था

और आपने भी कहा था ये तो पानी का बपतिस्मा देते हैं पर आपने कहा है पवित्र आत्मा और आग का बपतिस्मा देंगे

और बाईबल बताती है दसवीं दिन वो पवित्र आत्मा से भर गए उन्होंने बाहर जा के प्रचार किया लंगड़े चलने लगे पत्तरस की छाया से लोग ठीक हो रहे थे

पोलुश की देह को छू के लोग ठीक हो रहे थे जादू टोना खतम हो गया 50,000 किताबों को जलाएं गई उन दिनों में एक पुनरजीवन (revival) आ गया था ।

मेरे भाइयों और बहनों ये क्यों आया क्यों की अभिषेक तेल आया ! पुराने नियम के अंदर जब एक पापी याजक के पास जाता था

और याजक उस आदमी के लिए एक जानवर को काट के बलिदान कर के तेल को उस पापी इंसान के सिर पे उसके कानों पे उसके आंगुठे पे फिर पैर की टोस पर लगा ते थे ।

पहले खून (blood) आता था फिर तेल आता था वैसे ही यीशु ने जब क्रूस पर खून बहाया उसके बाद पेंटिकोस्ट के दिनों में तेल (oil) आया यदि आप सिर्फ और सिर्फ बाईबल का ज्ञान रखतें हैं

तो में आपको बताना चाहता हूं आप एक ऐसे व्यक्ति बन सकते हैं जो सब का न्याय कर सकते हैं आपको ऐसे मस्सी के आंदर लोग मिलेंगे सिर्फ लोगों को जर्ज करते हैं

ये ऐसा है वो ऐसा है कुछ विरोध से करते हैं कुछ गलत तरीके से करते हैं । सिर्फ ज्ञान रखने से आप एक फरीसी बन सकते हो आपके पास नॉलेज होगा लेकिन

अगर आपने इसी बाईबल को प्रार्थना में परमेश्वर को पुकारने के लिए इन वचनों को वोही परमेश्वर आपको पवित्र आत्मा देगा आपको तेल (oil) देगा और वो तेल आपको यीशु की तरह बनाएगा ।

  • मेरे भाइयों और बहनों ये दस कुंवारियां थी इन दसों को पता था तेल (oil) जरूरी है पांचों ने इसे गंभीरता (seriously) से लिया और पांचों ने गंभीरता से नहीं लिया जो लोग ऐसे ही बैठे रहते हैं

उनका कुछ नहीं हो पाएगा । कितनी बड़ी बात है वचन कहता है आधी कलिश्या रह गई ये बाईबल के इतिहास कह रहा है। के देखो आधे लोग रह गए।

ये एक भविष्य का चेतावनी है हमें सचेत रहना चाहिए ये तब हुआ था पर अब क्या होगा नहीं पता इसलिए हमे अपने आप पर इतना भरोसा नहीं करना चाहिए

बल्कि सचेत रह कर प्रभु के कहीं हर बात को गंभीरता से लेना चाहिए नहीं तो हम भी उन पांच कुंवारियों के तरह फ़स सकते हैं रह सकते हैं।

  • दस कुंवारियां कलिश्याओं को दर्शाती है , आग परमेश्वर का एक स्वोभाव है और तेल पवित्र आत्मा का प्रतिक है मशाल परमेश्वर पिता का कलाम मतलब बाईबल है ,

और दुल्हा यीशु मसीह है और याद रखिए ये वो कुवारियां थी जब इनको पता चला इनके पास तेल नहीं था तो जानते हैं ये किसके पास भागी ?

ये उनके पास भागी जिनके पास तेल था आप जानते हैं ये मेसेज क्या बताता है अन्तिम समय में लोग अभिषेक को पाने के लिए लोगों पर निर्भर रहेंगे बहुत सारे लोग ऐसे हैं

जो कहते हैं हमारे सिर पर हांत रखदें पर बाईबल ऐसा भी बताती है पोलुश कहता था  हांत रखने में जल्दी मत कर कभी कभी हम गलत लोगों को अभिषेक दे देते हैं।

ये बाईबल की प्रोफेटिक हिंट है लोग अभिषेक परमेश्वर से नहीं पर लोगों से जा के मांगेंगे लोगों के पीछे भागना बंद कर दीजिए । और परमेश्वर के पीछे चना सुरु कर दीजिए।

इंजील का यह अंश उस नींद के बारे में बताता है जो उस समुदाय से फैलती है जो दूल्हे के इंतजार में थक जातें है।

यह उत्सव और आनंद की रात होनी चाहिए क्योंकि वह जिसका हम इंतजार कर रहे थे वह अंत में लौट रहा है: दुल्हन, वह जो जीवन की परिपूर्णता लाती है।

लेकिन इसके बजाय, रात निराशा होती है: यह वह नहीं होगा जिसकी हमें उम्मीद थी। परमेश्वर हमारे सुची के अनुसार काम नहीं करते हैं और जब हम चाहते हैं तो दूल्हा नहीं आता है।

दीपक को चमक जारी रखने के लिए तेल की आवश्यकता होती है: यह वह तेल है जिसका उपयोग दूल्हे को प्रसन्न करने और स्वागत करने के लिए किया जाता है।

और सबसे बढ़कर, तेल वह है जो मसीहा के अभिषेक और अभिषेक करने के लिए इस्तेमाल किया जाता है, वह जिसके लिए हमारे दिलों को लगातार उम्मीद है।

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Amit kujur: नमस्ते दोस्तों मेरा नाम Amit Kujur हे ,में इंडिया के Odisha States के रहने वाला हूँ | आछा लगता हे जब इन्टरनेट के मदत से कुछ सीखते हैं और उसे website/blog के जरिये आपही जसे दोस्तों के बिच शेयर करना आछा लगता हे और मुझे भी सिखने को बोहुत कुछ मिलता हे | इसी passion को लेकर sikhnaasanhe.com website नाम का ब्लॉग बनाएं जहा हिंदी भाषा के आसान सब्दों में हार तरह के technology और skills related आर्टिकल जरिये मेरा जितना जो experience और knowledge हे शेयर करता हूँ |
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