Doosht atma ke vare Bible Kya kehti he ?

दुष्ट आत्मों के बारे में बाइबल क्या शिक्षा देती है ?

 

  • आप जानते हो दुष्ट आत्माएं इंसान के अंदर क्यों रहना चाहती है। यीशु ने कहा जब एक व्यक्ति के अंदर से दुष्ट आत्मा निकलती है वो सुखी जगाओं पर जाती है।

दुष्ट आत्मा यात्रा भी करती है। सुखी जगा मतलब जहां पर कोई मनुष्य नहीं रहता पेड़ पोधें होतें हैं आपने कहीं बार सुना होगा या देखा भी होगा लोग वहां पर जा कर दुष्ट आत्माओं के द्वारा क़ब्जा (possess) हो कर आते हैं।

और ये सच्चाई है क्यों कि दुष्ट आत्माएं वहां पर रहती है। लिखा है जब दुष्ट आत्मा एक व्यक्ति में से निकलती है तो सुखी जगाओं में विश्राम ढूंडती है।

लेकिन जब उसे विश्राम नहीं मिलता तो कहती है में वापस अपने उसी घर पे जाऊंगी लेकिन अकेले नहीं अपने साथ और सात दुष्ट आत्माओं को लेकर जाऊंगी जब दुष्ट आत्मा ने देखा उसका घर सजाया सजाया हुआ है

इसका मतलब है घर में कोई वचन नहीं है और वो घर हम हैं और प्रार्थना जीवन भी सुन्य है उपवास ऐसों से होती ही नहीं है आप जानते हो जिस देह के अंदर वचन , प्रार्थना , उपवास नहीं है बल्कि

हमारा देह पवित्र आत्मा का मंदिर है और उस में दुष्ट आत्माएं वचन , प्रार्थना , उपवास नहीं देखते उनके लिए वो देह सजाया सजाया हुआ है इस लिए वो उन में वास करती है

ऐसे लोग खुद दुष्ट आत्माओं को welcome करते आओ और मुझ में वास करो। और लिखा है उस व्यक्ति कि दिशा पहले से भी बुरी होगई है ;

आप विश्वास करेंगे कुछ लोग हैं जो प्रभु में आने से पहले जितनी बुराई नहीं कि थी लेकिन प्रभु में आने के बाद ज्यादा बुराई कि है।

मसीहा में आने से पहले फिर भी ठीक थे पर मसीहा में आने के बाद जो पाप किए उनमें आठ दुष्ट आत्माएं आगई। जरा बताइए ये दुष्ट आत्माएं वापस क्यों आईं क्यों कि उन को सुखी जगाहों में विश्राम नहीं मिला

आप जानते हो परमेश्वर भी मनुष्य में विश्राम ढूंडता है और दुष्ट आत्मा भी मनुष्य में विश्राम ढूंढता है अब ये आप के उपर है कि आप किसे विश्राम करने दोगे।

  • Apne satru ko pehchane

  • परमेश्वर को हमारे अंदर विश्राम करने देना हमारे लिए अनन्त जीवन का एक चिन्ह है। पर मनुष्य के अंदर दुष्ट आत्माओं का विश्राम करना मनुष्य का विनाश का एक चिन्ह है।

और याद रखिएगा हमेशा इस बात को जिस आदमी में दुष्ट आत्मा होती है उसमें एक चीज confirm होगी उस व्यक्ति को अपने गुस्से पर control नहीं होगा। ये उसका में मुख्य चिन्ह होगा।

ऐसा वेसा गुस्सा नहीं चीजें उठाने का मन करता है उस आदमी का ऐसे व्यक्ति जो इस तरह का गुस्सा करता है ऐसों को चर्च जाने से अच्छा होगा उपवास करे। निश्चय परमेश्वर आप पे दया करेगा।

लेकिन बाईबल में एक जगह यीशु मसीह ने कहा है इस तरह कि दुष्ट आत्माएं बिना उपवास में नहीं जाती है ; इस वचन को हम यहां पाते हैं 👉 (मत्ती 17:21 फिर भी इस तरह की आत्मा बिना उपवास और प्रार्थना के नहीं निकलती है।”)

इस लिए उपवास करना चाहिए क्यों उपवास में विश्वास बढ़ता है और दुष्ट आत्मा विश्वास से निकलती है।

 

  • परमेश्वर को अपने अंदर विश्राम करने दीजिए और कहिए परमेश्वर पिता आपने मुझे अपने स्वरुप में बनाया है अब आप मुझे अपने समानता में बनाओ निकाल मेरे अंदर से

उस दुष्ट आत्मा को उठा उस कोड़े को जो आपने 2000 साल पहले मन्दिर में लिए थे अब में आप का मंदिर हूं आ और ले अपना कोड़ा निकाल हर चीज को बहार जो तुझे पसंद नहीं है ;

कहिए परमेश्वर को प्रभु 2000 साल पहले मन्दिर में गया तूने रसी के कोड़े बनाए और जो कुछ वहां पर गेरकानुनी (illegal)था तूने सब को बहार निकाला था अब में आप का मन्दिर हूं उठाओ कोड़े और जो आपको पसंद नहीं है

मेरे अंदर उसे निकालो और में यीशु के नाम से कहता हूं अगर मुझे दर्द हुआ भी तो में उफ तक नहीं करूंगा होने दे ये दर्द नहीं है ये मेरे लिए चंगाई है।

आप जानते हो परमेश्वर आपको तोड़े और अपनी तरह बनाए वो दर्द भी आपके लिए आशीष है।

  • शैतान अपने आप को शैतान के रूप में प्रगट नहीं करता है। वह अपराध दुष्टता और बुराई दिखने भी नहीं देता है। वह अपने आप को चमकता हुआ, बुद्धि से भरा और खूबसूरत दिखाता है। वह एक ईश्‍वर के रूप में आता है।

वह परमेश्‍वर के वचन के इन्कार किए जाने को ऐसा रखता है, कि वह सही लगता है। वह बुराई को अच्छाई के स्वरुप में प्रगट करता है। वह सारी दुनिया को उलट पुलट कर देना चाहता है।

वह सच को झूठ के रूप में और झूठ को सत्य के रूप में लाता है। अँधेरे को प्रकाश और रोशनी को अँधियारे के समान रखता है। उसकी मदद करने के लिए बहुत से लोग हैं। ऐसे लोगों पर परमेश्‍वर सज़ा की घोषणा करते हैं।

 

  • . शैतान उन लोगों को पकड़ सकता है जो आत्मिक रीति से सो रहे हैं या अपने में लिप्त हैं। इसलिए कि परमेश्वर के समान एक ही समय में वह सब जगह नहीं हो सकता, उसे इधर उधर भ्रमण करना पड़ता है।

हालांकि वह शेर के समान आता है, किंतु जब विश्वासयोग्य विश्वासियों का साम्हना करता है तब वह डर जाता है (याकूब 4:7) और वे उसे पैरों से रौंद सकते हैं (भजन 91:13)।

जो लोग परमेश्वरीय ताकत में शैतान का मुकाबला करते हैं, उन से शैतान डरता है। लेकिन वह उन्हीं लोगों को देख भाग खड़ा होता है, जो अपने को परमेश्वर के प्रति समर्पित करते हैं। पहले समर्पण है, फिर शैतान से मुकाबला आता है।

वह दुष्टात्माओं का प्रधान है।

  • शैतान विश्वासियों से लड़ने के लिए अकेला नहीं है। अनदेखे आत्मा के दायरे में (स्वर्गीय स्थानों – इफ़िसियों 1:3 )। तमाम दुष्ट आत्माएँ उसी की तरफ़ हैं।

शैतान शासक है और इस दुनिया का “ईश्वर” भी ये वे दुष्टआत्माएँ (गिराए गए स्वर्गदूत) हैं, जिन्होंने परमेश्वर के खिलाफ़ बगावत की थी। ये बहुत से ईश्वर हैं जिन्हें आज पूजा जा रहा है। ) इसके अलावा उसके साथ काम करने वाले दूसरे भी हैं।

 

दुष्ट आत्मा के आयतें :

2 थिस्सलुनीकियों 3:3

3 मगर प्रभु विश्वासयोग्य है और वह तुम्हें मज़बूत करेगा और शैतान से बचाए रखेगा।

1 पतरस 5:8

8 अपने आपको काबू में रखो और सचेत रहो, क्योंकि तुम्हारा दुश्मन शैतान गर्जने वाले शेर की तरह इस तलाश में रहता है, कि किसको अपना निशाना बनाए।

 

याकूब 4:7

7 इसलिए परमेश्वर के प्रति आधीन बन जाओ। शैतान का मुकाबला करो और वह तुम्हारे पास से भाग खड़ा होगा।

 

मत्ती 4:1

1 बपतिस्मे के बाद पवित्र आत्मा यीशु को जंगल में ले गया, ताकि शैतान✽ से उन की परख की जाए।

2 कुरिन्थियों 11:14

14 इस में कोई आश्चर्य नहीं क्योंकि शैतान खुद ज्योतिर्मय स्वर्गदूत का सा रूप ले लेता है।

यूहन्ना 8:44

44 तुम अपने पिता शैतान से हो, और अपने पिता की लालसाओं को पूरा करना चाहते हो। वह तो शुरुआत से खूनी है। वह सत्य पर स्थिर न रहा,

क्योंकि सत्य उसमें है ही नहीं। जब वह झूठ बोलता है, तो अपने स्वभाव ही से बोलता है, क्योंकि वह झूठा है, वरन झूठ का पिता है।

इफ़िसियों 2:2

2 पिछले समयों में तुम इस संसार के तौर तरीकों , आकाश के अधिकार के शासक (शैतान) यानि वह आत्मा जो अभी भी आज्ञा न मानने वालों में काम करता है, उसी के अनुसार जीवन जीते थे।

इफ़िसियों 6:12

12 क्योंकि हम इन्सान के विरोध में नहीं हैं परन्तु आकाश-मण्डल में प्रधानों, अधिकारियों, इस संसार के अन्धकार के हाकिमों और दुष्टता की आत्मिक सेनाओं से संघर्ष करते हैं।

दानिय्येल 10:13

13 किन्तु फारस का युवराज (स्वर्गदूत) इक्कीस दिन तक मेरे साथ लड़ता रहा और मुझे तंग करता रहा। इसके बाद मिकाएल जो एक अत्यंत महत्वपूर्ण युवराज (स्वर्गदूत) था।

मेरी सहायता के लिये मेरे पास आया क्योंकि मैं वहाँ फारस के राजा के साथ उलझा हुआ था।

2 पतरस 2:4

4 वाकई, परमेश्वर उन स्वर्गदूतों को भी सज़ा देने से पीछे नहीं हटा जिन्होंने पाप किया था। मगर उन्हें तारतरस में फेंक दिया और ज़ंजीरों से बाँधकर वहाँ घोर अंधकार में डाल दिया ताकि सज़ा पाने के समय तक वे वहीं रहें।

2 कुरिन्थियों 4:4

4 उन विश्वास न करने वालों के लिए जिन की बुद्धि को इस दुनिया के ईश्वर ने अँधा कर दिया है , ताकि मसीह जो परमेश्वर के प्रतिरूप हैं, उनके प्रकाशमय सुसमाचार का प्रकाश उन पर न चमक सके।

1 तीमुथियुस 4:1

1 लेकिन आत्मा स्पष्टता से कहता है, कि आने वाले समयों में बहुत लोग भरमाने वाली आत्माओं और दुष्टात्माओं की शिक्षाओं पर मन लगाकर विश्वास से बहक जाएँगे।

प्रकाशित वाक्य 16:14

14 वे दुष्टात्माएँ हैं जो अजीब काम करने के साथ दुनिया के शासकों के पास जाती हैं। वे सब से शक्तिशाली परमेश्वर के बड़े इन्साफ़ (न्याय) के दिन प्रभु के खिलाफ़ युद्ध करने के लिए उन्हें अरमेगादोन नाम के स्थान में इकट्ठा करती हैं।

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