Bible hume Nakaratmak soch ke vare me kya kehti he ?

बाईबल हमें नकारत्मक सोच के बारे में क्या शिक्षा देती है ?(Bible hume Nakaratmak soch ke vare me kya kehti he ?)

नकारत्मक सोच से हमें आजादी कैसे मिल सकता है ?

 

मरकुस 5:36 

36 जो बात वे कह रहे थे , उस को येशु ने अनसुना करके , आराधनालय के अधिकारी से कहा ; मत डर ; केवल  विश्वास रख।”

 

  • बहुत सारे लोगों को ये विश्वास ही नहीं होता कि उनके साथ कुछ अच्छा होने वाला है। हमारे विचार में कितनी शक्ति है हम जो सोचते हैं उस को taste भी करते हैं।

आज इस बात को ध्यान से समझिए कि जो विचार हम को अंदर में नहीं लेना है और अगर हम ले चुके हैं तो हमारी हालत क्या होती है।

आप को पता है येशु मस्सी को मरना था तो वो चाहतो तो 18 साल या 15 साल के उम्र में मर कर जा सकते थे लेकिन क्यों उन्हों ने 30 साल तक जिंदा रहे कर बिताए !

क्यों कि वो ये दिखाना चाहते थे कि देखो मेरे बच्चों में तुम्हारे लिए मरूंगा लेकिन में पूरा सीखाता हूं कि कैसी जिंदगी जिओ।

  • जानते हो depression और निराशा (discouragement), में क्या अंतर है ?

Discourage आदमी को हम समझा सकते हैं ; पर जो आदमी depression में चला जाता है उस को आप कितना भी समझाओ उसके अंदर आपकी कोई बात जाता ही नहीं है उस आदमी का माइंड block ही रहता है।

आपको पता है येशु ने उनकी बातों को क्यों अनसुना किया क्यों कि यीशु को पता था अगर इन शब्दों को अपने माइंड पे ले लिया जाए तो ये शब्द प्राण नासक जहर कि तरहा काम करेगी। याकुब में लिखा है

जुबान प्राण नासक जहर है। Negative चीजों कि सबसे गंदी बात यह है कि वो आपके अंदर घुस के आपको मरने भी नहीं देती है और वो आपको मारती भी है। Negative बातें आप कि आत्मा को मारती है।

इसलिए बाईबल कहती है केन कि रास्ते पर मत चलो। हमे येशु मस्सी के जीवन जीने के तरीकों से कुछ सीखना चाहिए ; यहां पर देखिए येशु कैसे negative बातों को अंदर नहीं लिया और हमे येशु मस्सी के जैसे जीवन जीना चाहिए।

और आप जब तक जिंदा हो आपके जीवन में ऐसे व्यक्ति होंगे आपको बुरा भला कहेंगे । Difficult situation आएंगे पर आप तय करोगे कि आप किस तरफ जाओगे कोन सा रास्ता चुनोगे।

हमारे शब्दों में इतनी ताकत है कि एक आदमी कि लक्ष्य (goal) को बदलने का भी ताकत रखता है। क्या सोच रहे हो किसने आपको बुरा कहा है आप उस बात को पकड़ कर बैठे हो ; सोचो कि आप क्या सोच रहे हो।

  • अब बाईबल में ऐसा लिखा है एक आदमी कि बेटी मरी नहीं है वो सिर्फ बीमार है और जब येशु के पास ये केस आता है तब उस आदमी ने कहा प्रभु तू चल और मेरी बच्ची को चंगा कर

और जैसे येशु वहां जा रहे थे और थोड़ी देर हो गया एक आदमी दूर दूर से आके ये कह रहा था कि सुन अब गुरु को कस्ट मत दे क्यों कि बच्ची मर चुकी है

और जब येशु ने ये बात सुनी उन्हों ने अनसुना कर दिया अब प्रभु यीशु जानते थे कि इस जगा पर कुछ कहना जरूरी है। और जानते हो यीशु क्या सोच रहे हैं में तो अपनी रक्षा कर सकता हूं

लेकिन उस आदमी के लिए यीशु ने एक वचन दिया और वो है मत डर ; केवल  विश्वास रख और उस आदमी ने उस वर्ड को पकड़े रखा।

 

  • अब में ये समझाना चाहता हूं जब भी आप के लाइफ में कोई situation होती है घर के अंदर बाजू में आप सब जानते हो हम सब के जीवन में कुछ हालात है क्या आप को पता है हर दिन आपको choose करना है कि आप किस तरफ जाएंगे।

पुराने नियम में मूसा कि किताब में लिखा है सुनो मेंने तुम्हारे सामने जीवन भी रखा है मेने तुम्हारे सामने मौत भी रखा है और में चाहता हूं तुम जीवन को चुनलो।

बाईबल की सुरवात भी ऐसी है कि परमेश्वर ने चाहा कि हम ज्ञान के वृक्ष को मत खाए याद रखिए कि आपकी सुबह कुछ निर्णय के साथ होनी चाहिए।

किस तरफ जाना चाहेंगे एक तरफ घर का नकारात्मक माहौल है हर आदमी परेशान करने कि कोशिश कर रहा है , नौकरी पे जाएंगे वहां पर सही माहौल नहीं है ,

पैसों कि तकलीफ है , कहीं बार ऐसा होता है कि आप बीमार होते हो ठीक होते हो फिर बीमार होते हो। में आपको ये कहने कि कोशिश कर रहा हूं आप अपनी माइंड को किस चीज में डालने कि कोशिश करते हैं।

रोमियो में लिखा गया है जिस सांचे में तुम डाले जाते हो तुम वहीं से निकलते हो। आप जानते हो अधिकतर लोग क्या choose करते हैं ?

 

  • क्या आप जानते हैं सवाल पूछना ग़लत नहीं है। लेकिन सवाल किस आत्मा से पूछे जाते हैं ये जरूरी है। येशु मस्सी ने सवालों के उत्तर दिया कहीं बार नहीं दिया।

और येशु मस्सी ने सवालों के जवाब दिया तो इसलिए दिया क्यों कि जरूरी था। और कहीं बार उन्होंने उत्तर नहीं देना भी सही समझा।

 

  • पुराने नियम में एक भविष्यदक्ता थे और उनका नाम है हबक्कूक इस किताब में एक सवाल है और वो सवाल ये है कि दुष्ट लोग फलते फूलते क्यों है ?

और शायद ये सवाल हमारा भी होसकता है। हबक्कूक कहता है जो लोग ईमानदारी में चलते हैं और हम तकलीफों में हैं और वो लोग जो चीटिंग करते हैं सब प्रकार के ग़लत काम करते हैं वो फूलते फलते है।

हबक्कूक कि अन्त कि किताब में लिखा है कि चाहे अंजीर के पेड़ पर फूल न लगें और अंगूरों की बेल पर अंगूर न आएँ, चाहे जैतून की फसल न आए और खेत में अनाज न उगे,

चाहे बाड़े से भेड़-बकरियाँ गायब हो जाएँ और छप्पर में गाय-बैल न रहें,  फिर भी मैं यहोवा के कारण खुशी मनाऊँगा, अपने उद्धारकर्ता, अपने परमेश्वर के कारण मगन होऊँगा। इस वचन को हम यहां पाते हैं

👉हबक्कूक 3:17,18👇

17 चाहे अंजीर के पेड़ पर फूल न लगें और अंगूरों की बेल पर अंगूर न आएँ, चाहे जैतून की फसल न आए और खेत में अनाज न उगे, चाहे बाड़े से भेड़-बकरियाँ गायब हो जाएँ और छप्पर में गाय-बैल न रहें,

18 फिर भी मैं यहोवा के कारण खुशी मनाऊँगा, अपने उद्धारकर्ता, अपने परमेश्वर के कारण मगन होऊँगा।

 

  • अब बताइए हबक्कूक सक में आ के अन्त कि किताब में यकिन से कैसे भरगया। यहां पर जब हबक्कूक सवाल पे सवाल पूछता है और यहां पर परमेश्वर का अद्भुत जवाब है

उन्होंने हबक्कूक को कहा सुन में तुम्हारे समय में ऐसा काम करने को जा रहा हूं कि कोई विश्वास ही नहीं करेगा और परमेश्वर पिता ने कहा एक आदमी आएगा वो तुम्हें बांध के लेके जाएगा ;

और तुम सब मुझे सिर्फ ऐसे ही जानते हो कि में प्रेमी हूं मैं दयालु हूं में कभी कदम ही नहीं उठाता।  क्या आप को पता है पतरस में लिखा है तुम उसे हे पिता कहते हो जो हर एक का न्याय भी करता है।

आप जानते हैं यिर्मयाह ने भी यही सवाल पूछा था ; और परमेश्वर ने यिर्मयाह को उत्तर में कहते हैं यदि तू चलती हुई सैना के साथ नहीं चल सकता तो तू दौड़ने वाले घोड़ों के साथ कैसे भागेगा।

इसका मतलब है जब तू थोड़ी थोड़ी बात बरदास नहीं कर सकता तो तू बड़ी बड़ी बात कैसे बरदास कर पाएगा।

 

; आप जानते हैं परमेश्वर ने दुष्टों को इस दुनिया में क्यों रखा है ; आप जानते हैं पुराने नियम के अंदर एक समय था जब परमेश्वर मुसा को कहते हैं

जा मेरे लोगों को निकाल के ला आप इस बात को ध्यान से समझिए फिरोन के मन को क्यों परमेश्वर ने कठोर किया था ? ताकि फिरोन के मन कठोर होने के द्वारा परमेश्वर अपनी सामर्थ को दिखा सके।

जब परमेश्वर मुसा को फिरोन के पास भेजते हैं तब मुसा फिरोन से कहता है मेरे लोगों को जाने दे तब परमेश्वर फिरोन का मन को कठोर करता है वो कहता है नहीं में उन्हें जाने नहीं दूंगा तब परमेश्वर मुसा के द्वारा अपनी सामर्थ को दिखाते हैं।

प्रभु मुसा से कहते हैं भेज मेंढ़क और परमेश्वर मेंढ़कों के द्वारा अपनी सामर्थ दिखाई ,

और दूसरी बार जब मुसा जाता है और कहता है मेरे लोगों को जाने दे फिर परमेश्वर ने फिरोन के मन को कठोर किया और फिर एक बार मुसा के द्वारा परमेश्वर ने अपनी सामर्थ आग के गोले भेजने के द्वारा दिखाई।

इसी तरह परमेश्वर दुष्टों का इस्तमाल कर के अपनी सामर्थ को दिखाई है। क्या आप जानते हो परमेश्वर ने दुष्टों को इस पृथिवी पर क्यों रखा है हमें अनुशासन(discipline) सिखाने के लिए।

 

  • अब में आप से कुछ बताना चाहता हूं आपके जीवन में कोई तो ऐसा होगा जो उसका मूड बार बार बदलता रहता है आपके लिए जिसका व्यवहार आपके प्रति कभी भी एक जैसा नहीं रहता आपको पता है

परमेश्वर ने उस आदमी को आपके जीवन में क्यों रखा है difficult पति difficult  पत्नी या तो फिर difficult परिस्थिति (situation)। परमेश्वर एक आदमी को तो रखता है और उसका मूड आपके प्रति समय समय पर बदलता है

और उसके द्वारा परमेश्वर आपको तोड़ता है। अब यहां पर आप उस व्यक्ति का विरोध कर रहे हैं कि आप इस चीज को समझ कर ले रहे हैं कि इस व्यक्ति को परमेश्वर ने ठहराया है

मुझे ठीक करने के लिए मुझे अनुशासन(discipline) सिखाने के लिए पूछो अपने आप को । इसलिए पतरस कहता है आओ उसके हांत के नीचे आ जाएं ताकि वो जिस समय पर तुमको उठाए।

आपकी और मेरी जीवन में परमेश्वर कई बार ऐसी चीजों को लाएगा allow करेगा ताकि हम अनुशासन(discipline) सीखे। आपको पता है इस दुनिया का सबसे कठिन काम कोनसा है वचन पढ़ना ,

प्रार्थना करना , चर्च जाना उससे भी आसान है लेकिन इस दुनिया में सबसे कठिन चीज ये है किसी व्यक्ति के कठिन बात को सुनना और उस बात को अंदर लेना इसलिए बाईबल कहती है सुनना तो बली चढ़ाने से उत्तम है।

 

  • आप बिमार है या नहीं जानना चाहते हैं तो हॉस्पिटल जाते हैं और वहां डॉक्टर आपका चेकप करते हैं ठीक उसी तरह यहां परमेश्वर आपका spiritual check up करते हैं।

जब भी आप को कोई सुनाए तब आप केसे उन को reply देते हो तब ही आप का spiritual check up होता है। आप किस तरह reply देते हो चिला के reply करते हो तो आप समझ लो

कि आप spirituali बीमार हो इीलिए येशु मस्सी ने एक वचन में ऐसा कहा है में पापियों को बुलाने आया हूं वेद भले चंगो के लिए नहीं है बीमारों के लिए है।

में आप से फिर से एक बार यह समझाना चाहता हूं अभी भी आशा है हमारा वेद ज़िंदा है। ये सब से बड़ी hope है कि हम अगर बीमार भी है तो हमें tenssion लेने कि कोई जरूरत नहीं है।

हम परमेश्वर के बनाए हुए हैं वो हमे सही ईलाज करेगा।

 

  • पता है एक सच्चा विश्वासी कभी भी नहीं चाहेगा कि उसके घर में झगड़े हो और उसका चिन्ह है ; वो व्यक्ति हर बात में adjust कर लेता है ताकि उसके घर में शांति बनी रहे।

एक वचन में येशु ने कहा है 👉 मत्ती 5: 4 धन्य हैं वे जो दुख मनाते हैं क्योंकि वे शान्ति पाएँगे। एक बात समझाना चाहता हूं कि आप अपने घमंड को ज्यादा अहमियत देते हैं कि अपने रिश्ते को।

हमें कुछ मिले या ना मिले कोई बात नहीं है बाईबल हमें क्या सिखाती है आपस में संगती ढूंढो। तो भयो बहनों discipline बाल बनाने में नहीं है ;

discipline white shirt पहनने में नहीं है पर सच्चा discipline ये है कि आप किसी कि बुरी बातें सुन लेते हो और कोमलता से उत्तर देते हो। इसलिए बाईबल में लिखा है तुम्हारी कोमलता सब मनुष्य में प्रकट हो प्रभु निकट है।

 

 

नकारत्मक सोच के आयतें :👇

 

याकूब 1:2-4

 

2 मेरे भाइयो, जब तुम तरह-तरह की परीक्षाओं से गुज़रो तो इसे बड़ी खुशी की बात समझो।  3 क्योंकि तुम जानते हो कि तुम्हारा परखा हुआ विश्वास धीरज पैदा करता है।

4 मगर धीरज को अपना काम पूरा करने दो ताकि तुम सब बातों में खरे और बेदाग पाए जाओ और तुममें कोई कमी न हो।

 

मत्ती 5:11, 12

 

11 सुखी हो तुम जब लोग तुम्हें मेरे चेले होने की वजह से बदनाम करें, तुम पर ज़ुल्म ढाएँ और तुम्हारे बारे में तरह-तरह की झूठी और बुरी बातें कहें।

12 तब तुम मगन होना और खुशियाँ मनाना इसलिए कि स्वर्ग में तुम्हारे लिए बड़ा इनाम है। उन्होंने तुमसे पहले के भविष्यवक्ताओं पर भी इसी तरह ज़ुल्म ढाए थे।

 

इब्रानी 12:20

 

20 क्योंकि वे इस आज्ञा से बहुत डर गए थे: “अगर कोई जानवर भी इस पहाड़ पर जाए, तो उसे पत्थरों से मार डाला जाए।”

 

इब्रानी 13:6

 

6 इसलिए हम पूरी हिम्मत रखें और यह कहें, “यहोवा मेरा मददगार है, मैं नहीं डरूँगा। इंसान मेरा क्या कर सकता है?”

मत्ती 15:10-11

10 भीड़ को बुलाकर यीशु ने कहा, “सुनो और समझो।

11जो इन्सान के मुँह में जाता है वह उसे अशुद्ध नहीं करता है। लेकिन जो कुछ मुँह से बाहर आता है, वह उसे अशुद्ध करता है”

 

मरकुस 7:14-15

 

14 पूरी भीड़ से यीशु ने कहा, “हर एक जन जो मेरी बात को सुने वह समझे,

15 बाहर से आदमी के भीतर जाने वाली कोई चीज़ आदमी को अशुद्ध नहीं कर सकती। लेकिन जो चीज़ें आदमी के भीतर से निकलती हैं, वे ही उसे अशुद्ध करती हैं।

 

2 तीमुथियुस 3:1-5

 

1 यह भी जान लो, कि अन्त के दिनों में बहुत विपत्ति के दिन आयेंगे। 2 लोग स्वयं से प्रेम करने वाले और धन के लोभी, अपनी ही डींग हाँकने वाले, घमण्डी, परमेश्वर के विरोध में कहने वाले,

माता-पिता की बात टालने वाले, धन्यवाद न देने वाले और अशुद्ध, 3 स्वभाविक प्रेम रहित, क्षमा न करने वाले, बदनामी करने वाले, बिना सयंम के, निर्दयी और अच्छाई के विरोधी होंगे।

4 विश्वासघाती, ज़िद्दी, घमण्डी और परमेश्वर को चाहने के बजाए सुखविलास की खोज करने वाले होंगे। 5 धर्मी दिखेंगे, किन्तु इसकी शक्ति का इन्कार करने वाले होंगे। ऐसे लोगों से दूर रहना।

नीतिवचन 12:22

 

22 ऐसे होठों से यहोवा घृणा करता है जो झूठ बोलते हैं, किन्तु उन लोगों से जो सत्य से पूर्ण हैं, वह प्रसन्न रहता है।

निर्गमन 20:7

 

7“तुम्हारे परमेश्वर यहोवा के नाम का उपयोग तुम्हें गलत ढंग से नहीं करना चाहिए। यदि कोई व्यक्ति यहोवा के नाम का उपयोग गलत ढंग से करता है तो वह अपराधी है और यहोवा उसे निरपराध नहीं मानेगा।

2 पतरस 2:17-18

 

17 ये लोग ऐसे कुओं के समान हैं, जो सूखे होते हैं। ऐसे बादल जिन्हें हवा उड़ा ले जाती है। उनके लिए अँधियारे का कालापन हमेशा के लिए आरक्षित है।

18 जब वे बढ़ा-चढ़ा कर बेकार की बातें करते हैं, वे बड़ी बेशर्मी के साथ शरीर की इच्छा से उन लोगों को फँसा लेते हैं, जो इन बुराई में रहने वालों से बच निकले हैं।

 

मत्ती 5:22

 

22 लेकिन मैं तुम से यह कहता हूँ कि जो कोई अपने भाई (या बहन) से क्रोधित रहेगा वह स्वर्ग की अदालत में सज़ा के लायक होगा। जो कोई अपने भाई को नालायक कहे

वह स्वर्ग की अदालत में सज़ा के लायक होगा। जो किसी को बेवकूफ़ कहे वह नरक की आग के खतरे में होगा।

यूहन्ना 9:28-29

 

28 तब वे उसे बुरा-भला कह कर बोले, “तुम ही उसके शिष्य हो, हम तो मूसा के शिष्य हैं।

 

29 हम जानते हैं कि परमेश्वर ने मूसा से बातें की परन्तु इस मनुष्य को नहीं जानते कि कहाँ से आया है।”

 

प्रेरितों के काम 11:2-3

 

2 जब पतरस यरुशलेम आया तो खतना किए हुए विश्वासियों ने उसकी खिलाफ़त यह कहते हुए की,

3 कि “तुम खतना रहित लोगों में जा मिले और उनके साथ खाया-पीया।”

फ़िलिप्पियों 2:14-15

 

14 बिना वादविवाद और शिकायत (कुड़कुड़ाहट) के हर काम को किया करो।

15 ताकि तुम दुष्ट और भ्रष्ट पीढ़ी में परमेश्वर की निर्दोष और ईमानदार सन्तान बने रहो और जीवन के वचन (संदेश) को थाम कर इस संसार में रोशनी के समान चमको।

 

नीतिवचन 16:28

 

28 आग लगानेवाला झगड़े करवाता है और बदनाम करनेवाला जिगरी दोस्तों में फूट डाल देता है।

 

याकूब 3:16

 

16 क्योंकि जहाँ जलन और झगड़े होते हैं, वहाँ गड़बड़ी और हर तरह की बुराई भी होगी।

नीतिवचन 14:30

 

30 शांत मन से शरीर भला-चंगा रहता है, लेकिन जलन हड्डियों को गला देती है।

 

गलातियों 5:19-21

 

19 शरीर के काम तो साफ दिखायी देते हैं। वे हैं, नाजायज़ यौन-संबंध, अशुद्धता, निर्लज्ज काम,

 

20 मूर्तिपूजा, जादू-टोना, दुश्मनी, तकरार, जलन, गुस्से से भड़कना, झगड़े, फूट, गुटबंदी,

 

21 ईर्ष्या, पियक्कड़पन, रंगरलियाँ और ऐसी ही और बुराइयाँ। मैं इन बुराइयों के बारे में तुम्हें खबरदार कर रहा हूँ, जैसे मैंने पहले भी किया था कि जो लोग ऐसे कामों में लगे रहते हैं वे परमेश्वर के राज के वारिस नहीं होंगे।

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