Advertisement

Apni Bulahat ko kese jane ?

Apni Bulahat ko kese jane ?

• आज में आपको सम्पूर्णता (maturity) में ले जाने आया हूं ! बाईबल ऐसा बताती है एक समय था जब दाऊद की पत्नियां और दाऊद के बच्चे और ऐसा लिखा गया है पूरी इस्राएल को फिलिपियों ने लूट लिया आेर ये बात जब दाऊद को पता चली उसके बारे में ऐसा लिखा गया था उसने परमेश्वर को याद कर के हियाब बांधा था दाऊद के पास कोई व्यक्ति नहीं था उसको बताने के लिए की तेरे साथ परमेश्वर है पर दाऊद में सम्पूर्णता (mature) था । वो जनता था पुरी जिन्दगी भर लोगों पर निर्भर (dependent) नहीं रह सकता था। एक (mature) व्यक्ति का पहचान कैसे होता है आप जानते हो ? एक mature व्यक्ति उन बातों के पीछे नहीं जाता है जिन बातों का कोई फायदा (Benefit) नहीं होता । आज के समय में बहुत सारे लोग हैं उन बातों के पीछे हैं जो उनको कोई फायदा नहीं होता। पोलुस कहता है सब बातें आवश्यक है पर में सबका गुलाम नहीं बन सकता उसके सामने सौ चीजें थी लेकिन उसने दस चीजें फ़ैसला (decide) की थी में यही करूंगा ।

Advertisement

• पौलुस के जन्म को बहुत बाद, याहवे परमेश्‍वर से उसे यह बुलाहट मिली थी, ताकि वह उस उद्देश्य को पूरा करे जिसके लिए उसे जन्म से अलग किया गया था। पौलुस समझ गया कि उसके लिये परमेश्‍वर का सेवक होना, एक प्रेरित होना मात्र प्रभु की दया थी । उसका यह कहना कि मैंने सब से अधिक काम किया, अपनी बड़ाई करना नहीं था। यह परमेश्‍वर की उस कृपा की बड़ाई करना था जो परमेश्‍वर ने उसके जीवन में की थी।

• यह उसका लक्ष्य तो था, लेकिन अब तक अनुभव नहीं बना था। फ़िलिप्पी में शायद कुछ ऐसे लोग थे, जो किसी तरह की सिद्धता की कोशिश कर रहे थे। और दूसरे लोगों को नीचा समझ रहे थे (पौलुस की चिट्ठियों में वह सब कुछ हुआ करता था, जो वहाँ के लोगों की आत्मिक ज़रूरत हुआ करती थी)। अगर वहाँ सिद्धता की बात करने वाले लोग थे, तो वह उन से यह कहना चाहता था, कि वह खुद अभी तक सिद्ध नहीं है। यदि महान प्रेरित पौलुस सिद्ध नहीं बन पाया था, हमें जान लेना चाहिए कि हम भी नहीं बने हैं।

1 कुरिंथियों 1:26 👇

26 भाइयो, तुम अपने ही मामले में देख सकते हो कि परमेश्‍वर ने जिन्हें बुलाया है, उनमें ज़्यादातर ऐसे नहीं जो इंसान की नज़र में बुद्धिमान हैं, ताकतवर हैं या ऊँचे खानदान में पैदा हुए हैं।

• सोचो तुम क्यों बुलाए गए हो यह उस समय सच था, अभी भी है। भारत में परमेश्‍वर बुद्धिजीवियों और अपने को ऊँची जाति के कहने वालों में बहुत ऐसे लोग नहीं जिन्होंने मुक्‍ति पायी हो। कमज़ोर वर्ग और अशिक्षितों और छोटी जाति कहलाए जाने वालों में से अधिकतर लोगों ने मुक्‍ति पायी है। मसीह के शब्दों को जो मत्ती 11:25-26 में हैं, तुलना करें। जाति के घमण्ड को वह सही नहीं ठहराता।👇

मत्ती 11:25-26👇

25 उसी समय यीशु ने कहा, “स्वर्ग और पृथ्वी के स्वामी, पिताजी, मैं आपको इसलिए धन्यवाद देता हूँ क्योंकि आप ने इन बातों को ज्ञानियों और बुद्धिमानों से छिपा रखा है, लेकिन शिशुओं से नहीं। 26 ऐसा इसलिए हुआ क्योंकि यह एकबात आपको पसन्द आयी।

• कुरिंथियों की कलिश्या एक ऐसी कलिश्या थी जिसमे व्यभिचार करने वाले , जुआरी , एक घंटा प्रभु के साथ संगति करने वाले लोग बाहार जा के गलत लोगों के साथ संगति करते थे , पोलुस उस Back slider चर्च को लिख रहा है कि तुम जो पूरी तरह से खुदा से पीछे हट गए थे ! अभी में चर्च का पूरा कथा बताता हूं जब पोलुस कुरिंथियों के कलिश्या में सुसमाचार बता रहा था जैसे आज आपको किसीने कहा यीशु मसीह प्रभु है मुक्ति देने वाला है ठीक उसी तरह उस कलिश्या में भी पोलुस सुसमाचार देने के बाद वहां पर एक कलिश्या बना या उस कलिश्या को छोड़ कर जाने के बाद पता चला की उस कलिश्या में बहुत सारे गड़बड़ियां चल रही थी।

• पहली चीज उस कलिश्या में समुदाय झुण्ड (group community) था कोई कहता था में इसका हूं कोई कहता था में उसका हूं जिसने जिसको सुसमाचार सुनाया था वो सिर्फ उसिके साथ ही संबंध रखता था और कोई किसी के साथ भी संबंध नहीं रखना चाहता था वहां पर कोई group नहीं था। ओर ठीक उसी तरह आज के कलिश्या में भी ये problem है। एक व्यक्ति एक के साथ ही जुड़ा हुआ है यही सबसे बड़ी problem है। देखना जितने भी व्यक्ति एक ही व्यक्ति के साथ जुड़े हुए रहते हैं वोही एक व्यक्ति के लिए एक दिन कलिश्या को भी छोड़ के चले जाते हैं। पोलुस कहता है क्या पोलुस क्या आपोलुस क्या मस्सी बट गया । इस लिए मेरे भायों बहनों झुण्ड वहां होना चाहिए जहां पर यीशु मसीह को पहला स्थान दिया जाता है और उसके द्वारा समुदाय झुण्ड होना चाहिए ओर अगर मस्सी के बाहर कोई भी कलिश्या में अपना समुदाय झुण्ड बना रहा है वहां ऐसे झुण्ड नहीं होनी चाहिए । प्रभु यीशु में हमे एक झुण्ड होना है ना की अपना कोई झुण्ड ।आप किस उद्देश्यों (purpose) में झुण्ड बना रहे हैं यीशु के लिए या अपने लिए । कुछ लोग ऐसे होते हैं जैसे यीशु मसीह के साथ एक झुण्ड 3 में बटे थे और दूसरा झुण्ड 9 में बटे थे यीशु जहां कहीं जाते थे याकूब , युहन्ना , पत्तरस को ले के जाते थे ओर बाकी 9 झुण्ड को नहीं लेके जाते थे । यीशु जानते थे ये 3 झुण्ड मुझे बेहतर तरीके से जानते थे इसलिए वो उन्हें लेके जाते थे । बंधन (attachment) के बजासे झुण्ड नहीं बननी चाहिए ।

• दूसरी बात उस कलिश्या के अंदर एक आदमी का अपने सौतेली माँ के साथ चक्कर ( affair) था । पोलुस कहता है में क्या सुन रहा हूं तुम में ऐसा व्यभिचार हो रहा है जो अन्य जातियों में भी ऐसा नहीं हो रहा है। बेटा अपने मां को रखता है ।

• आेर तीसरी चीज थी प्रभु भोज में अनुशासन (discipline) नहीं था।

• आेर चौथी चीज थी उस कलिश्या के अंदर झगड़े थे।

• पर कितनी अदभुत बात है ऐसी कलिश्या के लिए पोलुस नौ वरदानों के लिए भी लिखता है । एक तरफ नौ वरदान भी था और दूसरी तरफ गुन्हा भी हो रहा था। ये बात साफ है के ऐसा भी हो सकता है कि आप सही जिन्दगी नहीं जी रहे हो फिर भी आपके अंदर से वरदान काम करेंगे क्यों की वो परमेश्वर के लोगों के लिए है आपके लिए नहीं क्यों की न्याय के दिन दंडे पड़ेंगे क्यों की तुमने वो प्रचार किया जो तुम्हारे जीवन के लिए था नहीं याद रखना परमेश्वर आपकी गलत प्रचार के वजह से कलिश्या के लोगों की (blessing) को नहीं रोकेगा। अब देखिए ऐसी कलिश्या को पोलुस कहता है हे भायों अपनी बुलाहट को तो पहचानो । आपने कभी यीशु मसीह को समय बरवाद करते हुए देखा क्यों की यीशु मसीह एक उद्देश्य ले कर आए थे। वहां यहां अपना समय बरवाद करने नहीं। आपको पता है यीशु ने कहीं बार ऐसा कहा है मेरा समय नहीं आया है कितनी बड़ी बात है उन्हें पता था मेरा जन्म ही मरने के लिए ही हुआ है। कितनी बड़ी बात है यीशु अपना जन्म के उद्देश्य को हर दिन जानते थे याद रखते थे। हर दिन यीशु जानते थे मेरा जन्म क्यों हुआ है। याशाया में एक जागा ऐसा लिखा गया है नित्य भोर वो मुझे जगाता है ताकि में शिश्य के समान ताकि उसकी सुनु आेर जब उसने मुझसे कहा तब मैने उसका विरोध नहीं किया । अब आप बताइए ये बात पुराने नियम में लिखा था यीशु के लिए लिखे गए हैं के हर सुबह परमेश्वर पिता यीशु को जगा ते थे और कुछ ऐसा बोलता था कि अगर यीशु भी चाहते थे तो विरोध कर सकते थे । ऐसा क्या कहते थे परमेश्वर पिता यीशु मसीह को जैतून के पेड़ के पास जब भी यीशु प्रार्थना करते थे हर दिन परमेश्वर पिता यीशु के कानों पे आके कहते थे वो आज तुझ पर थूकेंगे वे तुझे मारेंगे आेर यीशु ने कहा मैने कभी विरोध नहीं किया मैने स्वेकार किया। अब सुनिए जब लोग हम पर थूके तो झगड़े कर लेते हैं लड़ाइयां करते हैं पर यीशु के ऊपर रोमी फरिसी थूक रहे थे फिर भी यीशु चुप रहा ! जानते हैं कोन चुप रहते हैं , शान्त रहते हैं जिनका कोई उद्देश्य (purpose) होता है परमेश्वर के स्वर्ग के राज्य के लिए । अपनी बुलाहट को समझते हैं। आज के युवा पीढी चलती हुई प्रचार में चिट चाट करते हैं वे परमेश्वर पिता को इस तरह अपना समय देते हैं इस तरह आदर देते हैं । आज के युवा पीढ़ी को 20 मिनट नहीं मिलता प्रभु के वचन को ध्यान से सुन ने को । सोशियल मिडिया के साथ जुड़े हुए रहते हैं । सोचो क्या होगा सोशियल मिडिया को इस्तमाल करना गलत नहीं है उसका एक समय होता है।

• बाईबल ऐसा बताती है एक व्यक्ति था उसका नाम इब्राहम था और जब परमेश्वर ने उसको जब चुना उसकी उम्र 75 की थी और जैसे हुई 75 के उम्र में परमेश्वर ने उसे कहा में तुझे एक बेटा दूंगा और उससे तेरा वंश चलेगा । आप जानते हैं क्या हुआ जब परमेश्वर के इस प्रतिज्ञा को पूरी होने में 11 साल के समय लग गई थी तो जानते हैं क्या हुआ परमेश्वर पिता ने योजनाएं बनाई थी । जानते हैं इब्राहम का नहीं पर सारा का सहनशक्ति (patience) टूट गया । सारा इब्राहम के पास आके कहती है सुन परमेश्वर ने तो बच्चा ला के नहीं दिया अब एक काम कर मिस्री हाजरा के पास जा और उसमें से एक बच्चा ला आप जानते हैं हुआ क्या हाजरा गर्भवती हुई उसके बाद सारा और हाजरा के बीच परेशानियां सुरु हो गई हाजरा समझ गई बच्चा मेरे गर्भ में है अब में इन्हें अपना गुलाम बना सकती हूं जो बोलूंगी वो करेंगे क्यों उनका वारिश मेरे गर्भ में पल रहा है। सारा को दिखने लग गया है हाजरा मुखीया बन ने की कोशिश कर रही है। इस में सारा और हाजरा के बिच कलेश सुरु हो गई। सारा सोचने लगी ये तो मेरे पति इब्राहम को भी मुझसे लेलेगी बच्चा भी उसका सब कुछ उसका हो गया हमको निकलना होगा। परिवार में परेशानियां सुरु हो गई। जानते हैं इब्राहम ने परमेश्वर पिता के योजनाओं को विफल (fail) कर दिया और अपने योजनाओं में बच्चा पैदा किया आेर परमेश्वर के सामने उस बच्चे को ले कर गया और कहता है प्रभु तू इस बच्चे को आशीष दे। आप जानते हो प्रभु ने क्या कहा ये मेरा नहीं है। मेरी आशीषसें तेरे उस बेटे के साथ हैं जो मेरे प्रतिज्ञा का है।

• अब में बताना चाहता हूं आपसे बाईबल के मुताबिक़ इब्राहम का बुलाहट क्या थी ना उनके पास कोई लक्ष्य था के उनको यीशु के तरहा बनना है और ना ही उन्हें पवित्र आत्मा से भरना था पर जानते हो इब्राहम का लक्ष्य एक ही था और वो भी उसमें विफल (fail) होगया बाद में सफल हुआ और जानते हो वो लक्ष्य क्या था उसे और धिरज रखना था। पर उस समय वह पूरी तरह से अपनी बुलाहट में विफल होगया था। कहीं बार आपको पता है बहुत सारे चीजों को करने को मना करता है धीरज रखने को कहता है ! मत ले हाऊस लोन , मत कर बिज़नेस में तुझे सही मार्ग पर चलाऊंगा । पर अब हम वापस अपना काम सुरु करते हैं और ठोकरें खाते हैं और हम परमेश्वर को कहते हैं क्यों तूने मुझे आशीष नहीं दी ।

• कहीं बार जिंदगी में बड़ोगे आप परमेश्वर एक चीज कहेगा परीक्षा में खड़ा रहना सीख एक भाई प्रभु से प्रार्थना करता था धीरज दे पर इसका कोई उत्तर नहीं मिला ! परमेश्वर पिता जानते हैं इस तरह धीरज नहीं आता धीरज परीक्षा में खड़े होने से आता है इस लिए ऐसे प्रार्थना करो कि प्रभु जब भी परीक्षा आए तो मुझे खड़ा रहना सिखा । प्रार्थना से कभी धीरज नहीं आता परीक्षा में स्थिर रहने से हमें धीरज मिलती है।

• परमेश्वर का काम हमेशा धीरे होता है इसलिए प्रभु का काम धीरे धीरे होता है ; पर शैतान का काम जल्दी का होता है वोही जल्दी करने को कहता है और आपको तोड़ता (break) रहता है । परमेश्वर हमेशा आपको इंतजार करने को कहेगा । अगर आप शादी करने वाले हो तो प्रभु यीशु को तीन से चार बार पक्का (confirm) करो । यही वो आदमी है , यही वो आदमी है प्रभु से प्रार्थना करके ऐसा पूछे ; और ऐसा कहे कि ये एक जैसे बात कोई प्रभु का जन भी मुझे आके बोले तब में आगे बढुंगा के प्रार्थना प्रभु से करे ओर फिर आगे शादी के लिए बढ़े , अगर आप कोई बिज़नेस सुरु करना चाहते हैं तो सबसे पहले प्रार्थना करो और कहो प्रभु मुझे तेरी आवाज़ सुनाई नहीं देती और समझ नहीं आता मुझसे कोई आेर तरीका से बात कर और प्रभु आपसे बात करेगा। पर जलवाडी मत्त करो किसी भी काम को करने के लिए। बहुत सारे लोग हैं इन दिनों में कष्ट भुगत रहे हैं। क्यों की उन्हों ने अपने जीवन में गलत फेसला ले लिया है। जानते हो इब्राहम के एक ही बुलाहट थी और वो था धीरज रख । लेकिन वो उसमे भी फ़ैल हो गया । वैसे ही आज मस्सी लोगों को भी उनकी बुलांहट उनको पता ही नहीं है क्यों उनको बुलाया गया है। इसलिए पोलुस कहता है सुनो तुम सोचो कि तुम क्यों बुलाए गए हो ।

• आज में बताना चाहता हूं कि तुम क्यों बुलाए गए हो आज में बताना चाहता हूं यहां पर आेर मस्सी के अंदर ध्यान दीजिए इस बात को आप में से कितने लोग सारा दिन व्यस्त होते हैं सारा दिन काम करते रहते हो लेकिन जब आप सोने जाते हो आरे; याद आता मैने सारा दिन काम ही क्या किया ; आपने प्रभु का काम भी नहीं क्या । what’up , facebook जो प्रभु का काम नहीं वो मैने किया आप हमेशा संतुष्टि के साथ सोते हैं ? कि मैने आज प्रभु यीशु के लिए कुछ किया अगर नहीं करते तो सुनिए बाईबल ऐसा बताती है एक समय था जब यीशु मसीह उठाए जाने से पहले मरने वाले थे तो उसने अपने शिष्यों को पूरा हप्ता पवित्र आत्मा के बारे में बताया था और जानते हैं एक जगा उसने क्या कहा मेरा पिता किसान है में सच्ची दाख़लता हूं और तुम डालियां हो इसलिए हम डालियां है हमें दाखलता बनने की कोशिश नहीं करनी चाहिए क्यों की तू जानता है तू जड़ को नहीं जड़ तुझको सम्हालती है कभी भी अपने लिए ऊंचा विचार मत रखना। यीशु ने कहा मेरा पिता किसान है में सच्ची दाख़लता हूं और तुम डालियां हो और जो डालियां मुझ में बनी रहती है वो फल लेके आती है और फल का मतलब है परमेश्वर का स्वभाव है और जो भी लोग फल में नहीं है उसका क्या मतलब है आपको पता है फल क्यों उनके पास नहीं है और फल कोन से कोन है :- प्रेम , आंनद , शान्ति , कृपा , करुणा , दया , ये सारे पहल उन में अब सुनिए क्या तुम उस पेड़ से जुड़े हुए हों यीशु ही वह पेड़ है ; मेरा मतलब साफ है क्या आप यीशु मसीह के साथ जुडे़ हुए हो ? अगर आपका जवाब हां है तो आप के पास वो फल कहां पे है ? क्यों आप अर्जस्ट नहीं कर पाते , क्यों आप सह नहीं सकते हो , क्यों आपको सिकायते हैं दूसरों से , क्यों आप गुस्सा करते हो, क्यों आप माफी मांगने से या माफी देने से मुकरते हो , क्यों आप अपने वरदानों के बारे में बात करते हो में ये हूं या वो हूं , क्यों आप अपने धर्म के काम दिखाते हो , क्यों आप अपनी प्रशंसा करते हो या दूसरों से करवाते हो ; पूछो आपने आप से जब की यीशु ने खुद कहा सच्ची दाखलता में हूं मेरा पिता किसान है और जो डालि मुझ में बनी रहती है वो फल लेकर आती है उसके बाद लिखा है और जो फल नहीं लाता परमेश्वर मेरे पिता उसको छांट देता है निकाल देता है काट देता है फ़ेक देता है।

• उसके बाद एक आयत है में कहना चाहता हूं इब्राहम जैसे था अपनी बुलाहट में असफल (fail) होगया था ठीक उसी तरह अगर आप भी जानते ही नहीं हो आपकी बुलाहट क्या है तो आगे बढोगे कैसे ! उसके बाद यीशु एक वचन कहता है तुमने नहीं मैने तुम्हें चुना है ! अब पूछिए क्यों चुना है प्रभु ? आप जानते हो एक दिन स्वर्गीय पिता योजनाएं बनाई की मेरे चर्च में कोन कोन आएगा और उसने आपको चुना और नाम ले कर बुलाया ताकि तुम फल लाओ क्यों की यीशु एक वचन में ऐसा कहेते हैं मेरी भेड़ मेरी आवाज सुनेगी और वो भेड़ आप हैं इसलिए आपको फल लाने के लिए बुलाया गया है अपनी पवित्र बुलाहट को समझिए। तो मेरे भायों बहनों क्या है आपकी बुलाहट फल लाना और वह फल प्रभु यीशु मसीह का खुबसूरत स्वभाव है ; अपने अंदर यीशु मसीह के जीवन को ले आना यीशु का पीछा करना उसके जैसा बनना। इसे कहते हैं फल लाना।

• आपको पता है वरदान विश्वास से काम करते हैं आप खड़े हो जाओ और प्रभु पर विश्वास करो और आपके अंदर से वरदान काम करेंगे पर में बताना चाहता हूं फल विश्वास से नहीं आते ; फल उसकी उपस्थिति में बैठ कर प्रकट (reveal) होते हैं । जब यीशु इस्राएल में आया था वो सिर्फ़ और सिर्फ़ एक ही पेड़ के पास गया और लिखा है उसमें फल ढूंढ ने लग गया और जानते हो उसमें क्या लिखा था फल का समय नहीं था और यीशु ने उसे श्राप दे दिया आप जरा सोचिए उस पेड़ का फल का सिजन नहीं था उसका गलती नहीं था फिर भी उस पेड़ को श्राप मिला इसका क्या मतलब है ? इसका मतलब है आप विश्वास कर सकते हो परमेश्वर आपसे ये अपेक्षा (expect) करता है के वो जब भी आपके पास आए वो आपमें फल पाए ; ना कभी कलिश्या में कलिश्या में तो हम सब फल लाते हैं सब आत्मिक हैं आप चाहे उन पर गरम चाय भी गीरादो वो आपसे कुछ नहीं कहेंगे उल्टा बोलेंगे में साफ़ कर दूंगा या कर दूंगी । उसके बाद यीशु वचन में क्या कहा तुम्हारा फल बना रहे ।

• आप कलिश्या में पाने के लिए या मांगने के लिए नहीं बुलाए गए हैं आप यहां इस लिए आयेहो ताकि आप अपने परमेश्वर के लिए फल लाओ । अब में आपके सामने यीशु का स्वभाव ला के रखता हूं और थोड़ा खुद को जांचिए क्या ये स्वभाव आपके पास है अगर नहीं है ऐसा स्वभाव तो जरा सोचिए ये कैसे आ सकते हैं में नहीं कहता कि आप ये स्वभाव खुद से पैदा करो फिर भी ये स्वभाव प्रभु यीशु से केसे ले सकते हैं हम । बाईबल ऐसा बताती है यीशु गास्मनी में पकड़ा गया उसको खींचा गया दाड़ी पकड़ के कोर्ट से दूसरे कोर्ट तक कभी पिलातुश के पास कभी हरोड़ेश के पास उसके बाद लिखा है उसे मारा गया उसे पीटा गया उसके बाद क्रॉस पर चढ़ाया गया जैसे वो क्रॉस पर चढ़ाया गया वैसे ही एक व्यक्ति घुटनों पर आया और कहता है में निश्चय जानता हूं ये परमेश्वर का पुत्र है आप सोचो इस आदमी को पता केसे चला आप जानते हैं यीशु वो पहला व्यक्ति नहीं था जो पिलातुश के हांथो मारा गया था इससे पहले भी उसने बहुत सारे लोगों को क्रॉस पर चढ़ाया होगा या उनके हांथ खींच कर क़िले लगाते होंगे तब वो लोग उन्हें श्राप देते होंगे गालियां देते होंगे वो लोग वहां से खुद को बचाने के लिए भाग ते होंगे पर उसने अपने जीवन ऐसा व्यक्ति देखा जब यीशु मसीह के हांथो को खींच कर लकड़ी पर क़िले लगा रहे थे वो अपने बलिदान पर समर्पित था फिर भी यीशु उफ़ तक नहीं करते थे चुप रहते थे जैसे इब्राहम खुद के बेटे को मार राहा था और बेटा हांथ फेला कर बैठा था तू मुझे मार सकता है कितनी बड़ी बात है इब्राहम भी इश्हाक को मार रहा था इश्हाक भी वहां पर खड़ा हुआ था वैसे यीशु भी वहां पर खड़ा रहा उसे कहते हैं बलिदान उसके बाद क्रॉस पर चड़ाने के बाद उस आदमी ने कहा में जानता हूं ये परमेश्वर का पुत्र है । अब बताइए एक आदमी को किस चीज ने आकर्षित किया फल ने या वरदान ने ? फल ने । यीशु मसीह एक जगा पर कहता है उस दिन बहुत सारे लोग आएंगे और कहेंगे हमने तेरे नाम से चंगायां दी , दुष्ट आत्माओं को निकाला भविष्वाणियां की , पर में उन्हें कहे दूंगा में तुम्हें नहीं जानता और 25 अध्याय में लिखा है तू बीमार था और हम तुझसे मिलने आये थे अब बोलिए कितनी सोचने की बात है जिसने उसे चंगा किया था यीशु उसे नहीं पहेचानते जो उस बीमार इंसान से मिलने गया था यीशु उसे जनता है क्यों चंगा करना एक वरदान था लेकिन किसिसे मिलना एक फल था । अभी में पूछना चाहता हूं क्या आप फलवांत है ; उस पेड़ (यीशु) के साथ जुड़े हुए हो या नहीं हो वो आपको तभी पता चलेगा जब आपके साथ कोई बुरावरर्ताव करता है परमेश्वर ने कहीं बार प्रभु ने वचन में कहा है देखीं हुई वस्तुएं हिलाई जाएंगी ताकि तुम्हारा विश्वास उन पर हो जो हिलती नहीं । कहीं बार परमेश्वर कुछ लोगों को अनुमति (allow) करेगा वो आपको बुरा भला कहेंगे और जब आपको गुस्सा आएगा और प्रभु यीशु उन लोगों को नहीं आपको बताएगा देख तू मुझसे जुड़ा हुआ नहीं है । मेरे भायों बहनों खुद को पूछो आप क्या करने आए हैं आप कहीं टाइम पास तो नहीं कर रहे हो आप मानो या ना मानो आप सुभे उठ कर अपना फोन चैक करते हैं किसने क्या लिखा फिर उठ कर नाहा धो कर अपने काम पर चले जाते होंगे फिर घर आके सो जाते हैं । क्या आप यीशु मसीह से बात करते हैं के प्रभु में जहां पर काम जाता हूं वहां का बॉस झगड़ा करता है वहां के लड़कियां गंधी कपड़े पहनते ऐसी जगहा जाता हूं वहां लोग मुझे परेशान करते हैं प्रभु में दुआ करता हूं प्रभु मुझे भर ताक जब परीक्षा आए तो में परीक्षा में ना पड़ूं ।

• क्या मस्सी के अंदर येही बात है केहेने के लिए यीशु हमारे लिए मरा कितने लोग हैं जो अपने फल के द्वारा दूसरों को प्रचार करते हैं प्रभु यीशु के स्वभाव को अपने अंदर में रखते हुए दिखा कर प्रचार करता है। परमेश्वर का वचन कहता है अपने चलचलन को सुसमाचार के योग्य बनाओ । फल किसकी निशानी है जब एक पेड़ में फल आते हैं ना इसका सबूत है कि वो पक्का (mature) हो चुका है सुधर चुका है ये पता चल गया है ये मजबूत हो चुका है । जिस आदमी के अंदर पवित्र आत्मा के फल है वो आदमी का पक्का (mature) होने का निशानी है । मेरे भायों बहनों यीशु ने कहा अपने जरूरतों के लिए मत सोचो परमेश्वर पिता तुम्हें देगा यीशु के राज्य और धर्म के खोज करो अपने आप से पूछो क्या आप अपने बुलाहट के साथ जुड़ें हुए हैं । जब आप एक छोटे बच्चों से या जवान युवा युवती या बुजुर्गो से बाते करते हैं वो लोग आपमें यीशु का स्वभाव देख पाते हैं वो यीशु को आप में देख पाते हैं यीशु ने कहा में ने तुम्हें इसलिए चुना तुम फल लाओ और तुम्हारा फल बना रहे फल प्रभु यीशु का एक स्वभाव है और इसके लिए परमेश्वर के साथ समय बिताना है प्रभु आपसे नहीं कहे रहा है कि फल खुद उत्पन करो क्यों की प्रभु जानता है ये फल मुर्दों मेसे जिलाने के समान है अगर आप के पास पवित्र आत्मा नहीं है और में केहेता हूं किसी को जिंदा करो आप बोलोगे मेरे साथ मजाक कर रहे हो आप क्या है ये सब । परमेश्वर को है ये मेरे पास नहीं आएंगे तो ये मुर्दों को अपनी ताकत में से निकालना जैसे है । परमेश्वर से कहिए प्रभु जैसे इब्राहम अपनी बूलाहट में असफल हुए फिर बाद में सफल हुआ ठीक उसी तरह में भी तेरे सामने आया हूं में जानता हूं खुदा मेरी बुलाहट है फल लाना पर मेरे पास तेरा कोई फल नहीं है प्रभु में तुझे आज प्रकट (reflect) करना चाहता हूं । एक बहन जो बेचारी घर से नहीं निकल पाती थी वो घर के बाहर प्रचार नहीं कर पाती थी उस भी अपनी बुलाहट पता थी जो मेरा बच्चा मेरे साथ है ना उसको ऐसे बड़ा करूंगी की इतना ध्यान रखूंगी इतना प्रार्थना करूंगी और एक दिन वो बच्चा बड़ा हुआ और पॉलुश के साथ घूमने लग गया और वो बच्चा तीमुथियुस था । पॉलुश केहेता है जो विश्वास तेरी नानी में था तेरी मां में है वो विश्वास अब तुझ में भी है । वो हर दिन सोचती थी में घर से बाहर प्रचार नहीं कर सकती कोई बात नही में अपने बच्चा को उस तरह पालूंगी वो परमेश्वर का काम करेगा और परमेश्वर ने उसकी सुन ली थी । आप बहनों को में केहेता हूं आप प्रचार नहीं कर सकती तो ये आपका फर्स है आप अपने बच्चों को प्रभु के मार्ग में चलाना सिखाओ । आप जानते हो परमेश्वर ने आदम को पहेली बार क्या कहा था फल वंत हो जाओ। परमेश्वर की यही इच्छा है कि आपमें से प्रतेक व्यक्ति फल लाए।

हमारी बुलाहट के आयतें :👇(Hamari bulahat ke Ayete)

गलाति. 1:15👇

15 किन्तु जब परमेश्‍वर, जिन्होंने मुझे अपनी बड़ी दया से माता के गर्भ से बुलाया था,

यिर्मयाह 1:5👇

5 “मैं तुझे गर्भ में रचने से पहले ही जानता था, तेरे पैदा होने से पहले ही मैंने तुझे पवित्र ठहराया था, मैंने तुझे राष्ट्रों के लिए एक भविष्यवक्‍ता ठहराया है।”

1 कुरिंथियों 15:10👇

10 मगर आज मैं जो हूँ वह परमेश्‍वर की महा-कृपा से हूँ। और मेरे लिए उसकी महा-कृपा बेकार साबित नहीं हुई क्योंकि मैंने बाकियों से ज़्यादा मेहनत की है, फिर भी यह मेरी वजह से नहीं, बल्कि परमेश्‍वर की उस महा-कृपा की वजह से हुआ है जो मुझ पर है।

रोमियों 1: 1👇

1 मैं पौलुस, जो यीशु मसीह का एक दास हूँ, तुम्हें यह चिट्ठी लिख रहा हूँ। मुझे प्रेषित होने का बुलावा मिला है और परमेश्‍वर की खुशखबरी सुनाने के लिए ठहराया गया है।

प्रेषितों 9:15👇

15 मगर प्रभु ने उससे कहा, “तू उसके पास जा क्योंकि मैंने उसे चुना है ताकि वह गैर-यहूदियों को, साथ ही राजाओं और इसराएलियों को मेरे नाम की गवाही दे।

फिलिप्पियों 3:12👇

12 ऐसी बात नहीं कि मैं अभी से यह इनाम पा चुका हूँ या मैं परिपूर्ण हो चुका हूँ, बल्कि मैं पुरज़ोर कोशिश कर रहा हूँ ताकि मैं हर हाल में वह इनाम पा सकूँ जिसके लिए मसीह यीशु ने मुझे चुना है।

1 तीमुथियुस 6:12👇

12 विश्‍वास की अच्छी लड़ाई लड़, हमेशा की ज़िंदगी पर अपनी पकड़ मज़बूत कर जिसके लिए तुझे बुलाया गया था और जिसके बारे में तूने बहुत-से गवाहों के सामने ऐलान किया था।

फिलिप्पियों 3:14👇

14 और परमेश्‍वर ने मसीह यीशु के ज़रिए ऊपर का जो बुलावा दिया है, उस इनाम के लक्ष्य तक पहुँचने के लिए मैं पुरज़ोर कोशिश कर रहा हूँ।

इब्रानियों 3:1👇

1 इसलिए पवित्र भाइयो, तुम जो स्वर्ग के बुलावे में हिस्सेदार हो, उस प्रेषित और महायाजक यीशु पर ध्यान दो जिसे हम मानते हैं

1 थिस्सलुनीकियों 2:12👇

12 ताकि तुम्हारा चालचलन हमेशा परमेश्‍वर की नज़र में सही हो जिसने तुम्हें अपने राज और अपनी महिमा में भागीदार होने के लिए बुलाया है।

1 पतरस 5:10👇

10 मगर यह दुख तुम्हें कुछ ही समय के लिए झेलना होगा, इसके बाद परमेश्‍वर जो हर तरह की महा-कृपा करता है वह तुम्हारा प्रशिक्षण खत्म करेगा। उसने तुम्हें सदा कायम रहनेवाली महिमा पाने के लिए बुलाया है क्योंकि तुम मसीह के साथ एकता में हो। वह तुम्हें मज़बूत करेगा, शक्‍तिशाली बनाएगा और मज़बूती से खड़ा करेगा।

भजन 22:9👇

9 तूने ही मुझे माँ की कोख से बाहर निकाला, मुझे माँ की बाहों में सुरक्षा का एहसास दिलाया।

भजन 71:6👇

6 जन्म से मैं तुझ पर निर्भर रहा हूँ, तूने ही मुझे माँ की कोख से निकाला। मैं हमेशा तेरी तारीफ करता हूँ।

Advertisement
Amit kujur: नमस्ते दोस्तों मेरा नाम Amit Kujur हे ,में इंडिया के Odisha States के रहने वाला हूँ | आछा लगता हे जब इन्टरनेट के मदत से कुछ सीखते हैं और उसे website/blog के जरिये आपही जसे दोस्तों के बिच शेयर करना आछा लगता हे और मुझे भी सिखने को बोहुत कुछ मिलता हे | इसी passion को लेकर sikhnaasanhe.com website नाम का ब्लॉग बनाएं जहा हिंदी भाषा के आसान सब्दों में हार तरह के technology और skills related आर्टिकल जरिये मेरा जितना जो experience और knowledge हे शेयर करता हूँ |
Advertisement