Agar hume koi dukh de to kya karna chahiye ?

Agar hume koi dukh de to kya karna chahiye ?

 

भजन 34:18

 

18 यहोवा टूटे मनवालों के करीब रहता है, वह उन्हें बचाता है जिनका मन कुचला हुआ है।

 

  • इफ़िसियों 3:16 कि उनकी महिमा के धन के अनुसार वह ऐसा होने दें, कि तुम भीतरी जीवन में उनकी आत्मा की मदद से मज़बूत किए जाओ।

 

  • हम में से ऐसा कोई भी नहीं होगा जो अंदर से चोट ना खाया हो में आपको सच कहता हूं जुवान से लगा हुआ कोई भी चोट बहुत जल्दी ठीक हो जाता है आपने कभी देखा होगा हम जब कहते समय अपनी जुवान को काट देते हैं

पर वो कुछ समय बाद वो ठीक हो जाता है। लेकिन इस बात को ध्यान दिया है कि जब जुवान के द्वारा कुछ दिल को लगता है तो वो जल्दी ठीक नहीं होता इसलिए याकुब हमे हमेशा समझाता है अपनी जीभ को सम्हाल कर रखो।

जीभ जो है आग से भरी हुई है इस में प्राण नासक जहर से भरी हुई है इसका मतलब है कि ये आपको जीने भी नहीं देता और मरने भी नहीं देता वो उसे बीच में रख देता है।

 

  • आइये हम में से हर व्यक्ति के पास एक अंधरूनी चोट होता है कहीं बार हम अपने जीवन में अपने परिवार में या बहार वालों से या जॉब के जगा में हो सकता आपको अपने पति से या पत्नी के द्वारा ठेस पहुंची हो

उनके कुछ करने से या कहने से या लोग अपने स्वार्थ के लिए आप को ठेस पहुंचाते होंगे हम जीवन में गुजरते हैं जहां पर लोग भला बुरा कहते हैं।

जो अकेले विश्वासी होते हैं तो उनके परिवार में कितना भला बुरा कहते हैं उनके साथ बुरा बर्ताव दिखाते हैं उनका निरादर किया जाता है तो इस तरह की बातों का सामना करते हैं तो वो लोग या तो कड़वे हो जाते हैं

या तो ये लोग उनके लिए प्रार्थना करते हैं कि प्रभु उनको बदले।

 

  • तो हो सकता है last कुछ सालों से बहुत लोगों के साथ बात करना बंद कर दिया है उन्हों ने आपको ठेस पहुंचाई है या आपके पीछे कुछ बाते कही हो।

यहां पोलुस प्रार्थना करता है तुम परमेश्वर के आत्मा के सामर्थ के द्वारा तुम अंदर से ताकतवर होते जाओ परमेश्वर हमें ताकतवर बनाए।

हो सकता है आप ऐसे व्यक्ति हैं जिसे किसी व्यक्ति के द्वारा उनकी कोई ग़लत हरकत के वजह से या उनके कुछ बोल ने पर आप को ठेस लगी हो और आप कुछ प्रतिक्रिया (react) नहीं करते हो

पर अंदर से बहुत रोते हो आप disturb होते हो दिल से टूटे हुए होते हो। आप जानते हो हमारी ही तरह बाईबल में एक बेहन थी जिनका नाम हन्ना था और उन के पति ने दो शादियां कि थी और हन्ना से उसको कोई बच्चा नहीं मिला

लेकिन दूसरी वाली से उसको एक बच्चा था और हन्ना कि शोतन उसे बहुत ताने मारती थी पर हन्ना में एक अच्छी बात ये थी कि वो कभी जबाव नहीं देती थी।

हन्ना को जाभी भी कोई उसको ठेस पहुंचाते थे तब वो परमेश्वर के पास जाकर बच्चो कि तरह रोती थी ; जानते हो हन्ना अपनी शोतेन के साथ नहीं लड़ती थी ;

पर वो परमेश्वर के पास जाकर अपने दुखों को केहति थी और प्रभु उस के चोट पर शांति देते थे।

 

  • जिन लोगों को अंदर से ठेस पहुंची है और वो लोग परमेश्वर के सामने ना जा के लोगों के पास जाते हैं वो लोगों का हालत कुछ इस तरह होती है कि ;

या तो वो लोग सामने वाले का नाम खराब कर देते हैं या तो वो घर पे झगड़ा करते हैं या तो वो लोग अंदर से negative हो जाते हैं।

पर हन्ना क्यों इन बुरायों से बचती रही क्यों कि जीवन के कुछ उत्तम(principal) बातों को वो जानती थी जो कि नए नियम में लिखा था पर हन्ना पुराने नियम में पालन(follow) करती थी ;

के अपने सताने वालों के लिए प्रार्थना करो। में आपको बताना चाहता हूं जब भी आप को कोई चोट(hurt) दे तो में आपको बताता हूं और वो बातें आप कि दिमाग में घूमती रहें तो आप एक काम करे

कुछ समय के लिए लोगों से आप दूर हो जाएं कहीं अलग जा के किसी दूसरे कमरे में जाके या कहीं भी परमेश्वर से कहे प्रभु मुझे बहुत तकलीफ़ हो रही है इन लोगों के रवेय से या इन लोगों के हरकतों से में प्रार्थना करता हूं या करती हूं

प्रभु तू मुझे अंदर से मज़बूत(strong) कर और जब आप ये कहेंगे तो परमेश्वर आपको अनुग्रह देगा वो आपको सामर्थ देगा। और हमारे प्रभु यीशु ने भी लोगों के कितने ताने सुनी कोई उस झूठा नवी कहता था

कोई शैतान कोई उसे पेटू कभी तो उनके परिवार के लोग भी ये केहेते थे कि उनकी चित ठिकाने में नहीं है। पर येशु हमेशा शांत रहा। यीशु मसीह ऐसा इसलिए कर पाते थे क्यों कि प्रति दिन वो परमेश्वर के सामने खुद को उंडेलते थे।

 

  • आप जानते हो दो तरह का अनुग्रह है परमेश्वर का अनुग्रह और मनुष्य का अनुग्रह ; और मनुष्य का अनुग्रह ये है कि प्रभु आपको अच्छा पास्टर दे या आपकी जॉब चले गई है तो चार लोग आपके लिए जॉब ढूंढ रहे हैं

आपके काम हो रहे हैं इसको कहते हैं बाहर का अनुग्रह लेकिन परमेश्वर का अनुग्रह ये है कि जब आप के अंदर में गड़बड़ी हो आप टूटे हुए हो तब वो आपको आपने अनुग्रह से strong करते हैं। और ये तब होता है

जब आप परमेश्वर के पास खुद को उंडेलते हो खुद के बारे में कहते हो। हन्ना और यीशु में एक बात बहुत समान(similar) थी कि जब भी लोग उन्हें कुछ कहते थे तो ये लोगों से ध्यान हटा कर परमेश्वर के पास जाते थे

और उन बातों को जो लोगों ने उन्हें कहीं परमेश्वर के सामने उंडेलते थे और परमेश्वर उनको restore करता था। हम जब तक जिंदा है

जब तक ऐसे लोगों का सामना होता रहेगा तो क्या हम उनके नाम खराप करते रहे या जिन्दगी भर negative सोच पालते रहेंगे या ऐसे चेहरे लेके घूमते रहे या लोगों से नाराज़ी दिखाते(cut up) रहेंगे

या उनसे भागते रहे पर हम हमेशा के लिए अंदरुनी समाधान(solution) निकाले। हम केसे निर्दोष रहे ये सोचिए की में परमेश्वर के करीब केसे जाऊं ;

ये मत सोचिए कि परमेश्वर के सामने जाने के लिए बहुत मेहेनत करनी पड़ती है प्रार्थना करना पड़ता है। आप आंखे बंद करिए और परमेश्वर से बातें करे और विश्वास करे कि वो आपके सामने है

आपका यही विश्वास आपको परमेश्वर के ओर करीब ले जाएगा।

 

  • आपको पता है बाईबल में हर पत्री में ये क्यों लिखा है कि परमेश्वर की अनुग्र , दया , शांति तुम्हें बहुत आयत से मिले। आपको पता है क्यों बाईबल इतना शांति के बारे में शांति को पाने के बारे में क्यों इतना लिखा गया है ?

 

  • उसका एक कारण ये है कि परमेश्वर जानता है कि एक भटकता हुआ मन उसे नहीं समझ सकता , अगर आप योना कि किताब पढ़ेंगे तो प्रभु ने योना से कहा था नीनवे को जा तो बाईबल कहती है वो तर्शीश को चला गया

और जब वहां पर प्रभु ने तूफान को भेजा और उस नाओ में जो लोग थे उन्होंने योना को पानी में फेंका और योना जैसे ही पानी के अंदर जाते ही एक बहुत बड़ी मछली ने निगल लिया

और उसके पेट में वो तीन दिन तक जिंदा रहा फिर तीसरे दिन जब वो प्रार्थना कर के प्रभु के सामने एक बात कहता है और वो बात ये है

कि जो व्यर्थ विचारों पे ध्यान देते हैं वो अपने सृष्टि करता से भटक जाते हैं कई सारे बातें हैं जो हमारा मन भटक जाता है। योना कि किताब में कुछ शिक्षा मिलती है कि हमारा मन भटक जाता है तो हम अपने परमेश्वर से भटक जाते हैं ;

 

  • परमेश्वर जानता है कि बहुतों के मन क्यों भटकते हैं क्यों कि उनमें शांति नहीं है ; शांति हमारे मन को स्थिर कर देती है बहुत अच्छे से समझे तो शांति हमारे मन को एक जगा पर fixed कर देती है।

 

कैसे हम अपने शांति को खो देते हैं ? और कैसे हम अपने शांति को पासकते हैं ?

 

  • शांति हमें बहार नहीं मिलेगी शांति हमारे अंदर है ; हमारे अंदर से शांति केसे चले जाती है

 

i शांति तब हमारे अंदर से चले जाती है जब परमेश्वर हमसे केहता है हमने कुछ ग़लत किया है अगर आप उस पाप को confess नहीं करोगे तो आपकी शांति आपके अंदर नहीं रहेगी ;

आपका विवेक लगातार आपको तंग करता रहेगा , और एक वजह भी ये होती है कि हम अपने पाप को प्रभु के सामने नहीं माना है।

 

ii और दूसरा वजह ये भी है कि जब परमेश्वर ने इंसानों को बनाया तब परमेश्वर ने उनको अदन कि वाटिका में रखा जो उसके लिए उसका घर था और परमेश्वर ने उनसे कहा

तुम वाटिका के सारे पेड़ों के फल खा सकते हो सिवाए एक के अगर तुम उस फल को खाओगे तो उसी दिन मर जाओगे बाईबल में लिखा है कि आदम की मृत्यु 930 साल में हुई थी।

असल में उसको मरना नहीं कहा जाता है कुछ बाईबल में ऐसा अनुवाद किया गया है कि तुम परमेश्वर से अलग (separate) होजाओगे ;

आप जानते हैं ये बात जब प्रभु ने उसे कही तो वहां पर सांप आया शैतान आया उसने हवा के मन को बेहेका दिया और हवा ने उस फल को खुद भी खाया और आदम को भी खिला दिया।

उसके बाद वो एक दूसरे को नंगेपन को देख पा रहे थे आगे कि story आपको पता होगा।

 

  • अब बताना चाहता हूं कि हमारी शांति हमारे पाप को confess ना करने कि वजह से चले जाती है और दूसरी बात ये है कि हमारी जिंदगी में परमेश्वर ने इतनी चीजें दी हैं

और हम उस पर ध्यान न देकर उस चीज पर ध्यान करते हो जो चीज हमारी नहीं है हो सकता है हमारे पास जॉब नहीं है हमारे पास financial तकलीफे हैं आपके बच्चे आपकी बात नहीं मानते

आपका पति अविश्वासी है या शराबी है हो सकता है आपको चर्च जाने से रोकता है , हो सकता है आप एक student हैं आपका मन नहीं लगता पढ़ाई में आपका माइंड विचलित distract होता होगा दोस्ती यारी में फोन में मन लगता होगा ,

होसकता है आपके घर में आपके संबंध ठीक नहीं होंगे कोई भी प्रोब्लेम हो सकता है तो में आपको बताना चाहता हूं कुछ बाते शैतान आपको directly अशांति में नहीं ले जा सकता वो जानता है केसे आपको अशांति में ले जाया जा सकता है।

 

  • याद रखिएगा जैसे अदन कि वाटिका में परमेश्वर ने इतने फल दिए थे लेकिन परमेश्वर ने एक ही बात कही थी तुम सब फल खा सकते हो लेकिन एक फल छोड़ के और शैतान ने वहीं उसका ध्यान लगा दिया ;

में आपसे बताना चाहता हूं शैतान आपका ध्यान उन चीजों में नहीं लगाएगा जो आपके पास है पर वो आपका ध्यान वहां लगाएगा जो चीजें खराप है या जो चीजें आपके पास नहीं है।

में बताना चाहता हूं अगर शांति आपकी तकलीफों को देख कर चली जाती है तो में बताना चाहता हूं अगर आप आपना ध्यान अपनी तकलीफ़ से निकाले और परमेश्वर की और लगाए वही शांति आपके पास लौट आएंगी।

 

  • में कहीं बार एक चीज से बहुत डरता हूं अगर मेने ये चीज को खो दिया तो मेरा क्या होगा मुझे पता है आप भी मेरे जैसे ही सोच रखते होंगे किसी भी मामले में होसकता है

अगर अच्छी results नहीं आई तो क्या होगा मेरा प्रिय जन मुझसे दूर होगया तो क्या होगा या में अपने बॉस को खुश नहीं करूंगा तो मुझे मेरी पगार(Salary) मुझे नहीं मिलेगी या मेरी इजत चले जाएगी आदि।

तो में आपको कुछ बताना चाहता हूं जब भी मैं अपने जीवन में कुछ खोने से डरता हूं तब में एक ही बात जानता हूं और वो है कि मेरे पास वो है जो मुझे उससे बेहतर दे सकता है।

 

  • मेरे भायो बहनों अयूब एक ऐसी किताब है जो उसने अपनी सब कुछ खो दिया अपने परिवार खोया , अपनी धनसंप्ती खोया ,

अपनी सेहत खोया सब कुछ खो दिया पर अन्त में उसके किताब में लिखा है परमेश्वर ने सब कुछ वापस(restored) कर दिया। में बताना चाहता हूं

अयूब जो अपना सब कुछ खो दिया जो जितना वो पहले पक्का(mature) था उतना उससे वो दोगुना(double) mature हुआ और परमेश्वर ने उसे सब कुछ लौटा दिया।

तो कभी भी आपको कुछ खोने का डर हो जैसे कि में अपने मां बाप को खो दिया तो , अपने बच्चो को , अपने पति को , या मेरे medical report negative आए तो या में exam में फ़ैल होगया तो क्या होगा

तो में आपको बताना चाहता हूं कि हम गिर भी गए तो हमें परमेश्वर वापस खड़ा करने जानते हैं हम वापस खड़ा हो जाएंगे आपको परेशान होने कि कोई जरूरत नहीं है।

बस उन पर विश्वास रखो इंसानों या परिस्थिति पर नहीं।  क्यों कि परमेश्वर हमारे साथ है उसकी ताकत हमारी ताकत है।

  • हमें परमेश्वर से उम्मीद मिलती है कि हमारे साथ कुछ भी ऐसा नहीं होगा अगर हो भी गया तो मुझे फिकर नहीं करनी है क्यों कि मुझे restore करने वाला परमेश्वर मेरे साथ है ये चीज हमें परमेश्वर की शांति देती है।

और जब आप शांत रहते हो तो आप प्रभु को सुन पाते हो प्रभु को समझ पाते हो प्रभु के साथ चल पाते हो शांति अपने आप मे ताकत है आंनद हमारे लिए एक ताकत है।

दुनिया उसे ताकतवर केहती है जो बहुत जाड़ा अमीर है पर नहेमायाह कि किताब में लिखा है प्रभु का आंनद मेरी ताकत है बाईबल उसे ताकतवर कहती है जो बहुत आनंदित है। और आनंद जो है येशु के तरफ देखने से मिलता है।

आयतें : 👇

भजन 51:17

17 टूटा मन ऐसा बलिदान है जो परमेश्वर को भाता है,हे परमेश्वर, तू टूटे और कुचले हुए दिल को नहीं ठुकराएगा

2 राजा 22:18, 19

18 मगर तुम यहूदा के राजा से, जिसने यहोवा की मरज़ी जानने के लिए तुम्हें भेजा है, कहना, “तूने जो बातें सुनी हैं उनके बारे में इसराएल का परमेश्वर यहोवा कहता है,

19 ‘जब तूने सुना कि मैं इस जगह और यहाँ रहनेवालों को इस कदर नाश करूँगा कि वे शापित ठहरेंगे और उनकी बरबादी देखनेवाले दहल जाएँगे,

तो इस बात ने तेरे दिल पर गहरा असर किया और तूने खुद को यहोवा के सामने नम्र किया है और तू अपने कपड़े फाड़कर मेरे सामने रोया। इसलिए मैंने तेरी बिनती सुनी है।’ यहोवा का यह ऐलान है।

2 इतिहास 33:13

13 वह परमेश्वर से प्रार्थना करता रहा। परमेश्वर को उसका गिड़गिड़ाना देखकर उस पर तरस आया और उसने उसकी बिनती सुनकर उस पर रहम किया

परमेश्वर ने उसे यरूशलेम वापस लाकर उसका राज लौटा दिया। तब मनश्शे ने जाना कि यहोवा ही सच्चा परमेश्वर है।

भजन 22:24

24 क्योंकि उसने ज़ुल्म सहनेवाले का दुख नज़रअंदाज़ नहीं किया, उससे घिन नहीं की, परमेश्वर ने उससे अपना मुँह नहीं फेरा। जब उसने मदद के लिए उसे पुकारा तो उसने सुना।

भजन 34:18

18 यहोवा टूटे मनवालों के करीब रहता है, वह उन्हें बचाता है जिनका मन कुचला हुआ है।

नीतिवचन 28:13

13 जो अपने अपराध छिपाए रखता है वह सफल नहीं होगा, लेकिन जो इन्हें मान लेता है और दोहराता नहीं, उस पर दया की जाएगी।

यशायाह 57:15

15 क्योंकि जो सबसे महान है, जो सदा तक जीवित रहता है और जिसका नाम पवित्र है, वह कहता है, “भले ही मैं ऊँची और पवित्र जगह में रहता हूँ,

मगर मैं उनके संग भी रहता हूँ जो कुचले हुए और मन से दीन हैं ताकि दीन जनों की हिम्मत बँधाऊँ और कुचले हुओं में नयी जान डाल दूँ।

लूका 15:22-24

22 मगर पिता ने अपने दासों से कहा, ‘जल्दी जाओ! और सबसे बढ़िया चोगा लाकर इसे पहनाओ। इसके हाथ में अँगूठी और पाँवों में जूतियाँ पहनाओ। 23 एक मोटा-ताज़ा बछड़ा लाकर काटो कि हम खाएँ और खुशियाँ मनाएँ।

24 क्योंकि मेरा यह बेटा जो मर गया था, अब ज़िंदा हो गया है। यह खो गया था और अब मिल गया है।’ फिर वे सब मिलकर खुशियाँ मनाने लगे।

लूका 18:13, 14

13 मगर कर-वसूलनेवाला दूर खड़ा था। उसे आकाश की तरफ नज़र उठाने की हिम्मत भी नहीं हुई, बल्कि वह छाती पीटते हुए कहता रहा, ‘हे परमेश्वर, मुझ पापी पर दया कर।’

14 मैं तुमसे कहता हूँ, यह आदमी उस फरीसी से ज़्यादा नेक साबित होकर अपने घर गया। क्योंकि हर कोई जो खुद को ऊँचा करता है उसे नीचा किया जाएगा, मगर जो कोई खुद को छोटा बनाता है उसे बड़ा किया जाएगा।”

भजन 147:3

3 वह टूटे मनवालों को चंगा करता है, उनके घावों पर पट्टी बाँधता है।

यशायाह 61:1

1 सारे जहान के मालिक यहोवा की पवित्र शक्ति मुझ पर है, यहोवा ने मेरा अभिषेक किया है कि मैं दीन लोगों को खुशखबरी सुनाऊँ।

उसने मुझे भेजा है ताकि मैं टूटे मनवालों की मरहम-पट्टी करूँ, बंदियों को रिहाई का पैगाम दूँ, कैदियों को संदेश दूँ कि उनकी आँखें खोली जाएँगी

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