परमेश्वर के वचन को किस तरह पढ़ने से हमें समझ में आएगा ?

परमेश्वर के वचन को किस तरह पढ़ने से हमें समझ में आएगा ?

तो चलिए आज कुछ सीखते हैं –

 

  • जिन लोगों के अंदर ये सवाल है कि हम परमेश्वर के वचन को कैसे पढ़ें या समझे तो में आपको कुछ समझाना चाहता हूं

यूहन्ना 6:35  यीशु ने उन से कहा, “जीवन की रोटी मैं हूँ। जो मेरे पास आएगा वह कभी भूखा न होगा और जो मुझ पर विश्वास करेगा, वह कभी प्यासा न होगा।

 

 

  • वह यहाँ जब अपनी तुलना रोटी से करते हैं, तो दिखाते हैं कि भोजन जो कुछ शरीर के लिये है, वही यीशु लोगों के मन, हृदय और आत्माओं के लिये हैं।

हम बिना रोटी खाए जिन्दगी नहीं जी सकते , हमें हर दिन हर वक्त रोटी कि जरूरत है। कम से कम दो बार। और प्रभु यीशु ने अपने आप को एक रोटी कि तरह प्रस्तुत किया ये बात उस भीड़ को कहा गया

जो प्रभु यीशु को मछली के लिए ढूंढ रही थी यीशु ने पांच हजार लोगों को खाना खिलाया था और ये public यीशु के पीछे आगई थी तब यीशु ने उन्हें समझाया कि असल में रोटी में हूं।

यीशु उन्हें समझा रहा था कि जैसे तुम्हें प्रति दिन रोटी कि जरूरत है वैसे तुम्हें प्रति दिन मेरे वचन कि जरूरत है।

 

  • जिन लोगों ने बाईबल को एक किताब कि तरह पढ़ा है वो कभी अपने जीवन में संतुष्ट(satisfied) नहीं हो सकते लेकिन जब उन्होंने इसे रोटी कि तरह पढ़ा है वो तृप्त हुए हैं।

आज समझ लीजिए कि अगर बाईबल सिर्फ आपके लिए एक किताब जैसी है ,आपने बपतिस्मा ले लिया है आप विश्वास करते हैं अपनी formality को पूरा करते हैं रोज एक अध्याय को पढ़

के एक साल में बाईबल को complete कर के तो मैं आप से कुछ कहना चाहता हूं आप कुछ खास नहीं सीख पाएंगे लेकिन जिस दिन आपको ये बात समझ में आएगी जैसे मुझे रोटी कि जरूरत है वैसे मुझे वचन कि भी जरूरत है

अगर में इसे नहीं खाऊंगा आत्मीक रीति से मर जाऊंगा। और अपने परमेश्वर के साथ उस जीवित संबंध नहीं रह पाऊंगा। जिस दिन आप बाईबल को इस तरह समझा उस दिन से पवित्र आत्मा

आपको बाईबल में से हर दिन वचन का रोटी खिलाएगा।

1) जब भी आप बाईबल खोलते हैं प्रार्थना से शुरू करें क्यों कि बिना प्रार्थना के पवित्र शास्त्र को समझना आसान नहीं है ; यह पवित्र आत्मा से लिखी गई है इस लिए प्रार्थना कर के बाईबल पढ़े।

और प्रार्थना में कहे पवित्र आत्मा आप ने इसे लिखा है और में जानता हूं इस समय आप मेरे अंदर रहते हैं में आप से विनती करता हूं पवित्र आत्मा जब में पढूं इसे तो आप मुझे इसे अंदर से समझाइए के ऐसा क्यों लिखा है

कब लिखा है केसे लिखा है और किन हालातों में लिखा है। ये बोलो कि पवित्र आत्मा मुझे नहीं पता पतरस एलिया और मुसा को केसे पेहेचाना , मुझे नहीं पता प्रभु ये पर्दा ऊपर से लेकर नीचे फटा ,

मुझे नहीं पता कि अन्य अन्य भाषा जो बोल रहे थे इतने सारे लोग वहां पर खड़े हुए थे ओर हर एक को अपनी भाषा सुनाई दे रही थी ये केसा है। आप जानते हो सबसे पहला प्रभु से प्रार्थना करें

वचन को पढ़ने से पहले वो आपको वचन समझाए।

 

2) दुसरी चीज बाईबल को कभी भी बीच बीच से नहीं पढ़ते उसे हमेशा संपर्क(contact) में से पढ़ते हैं। कहीं बार बाईबल को बीच बीच में पढ़ना से नुकसान दायक हो जाता है।

बहुत सारे लोग वचन का गलत इस्तमाल करते हैं। बहुत सारे लोग वचन को बीच बीच में पढ़ते हैं और उन्हें कुछ समझ नहीं आता।

आज कल देखें होंगे लोग कार बंगले पैसे को ले कर इस तरह प्रार्थना करते हैं प्रभु आपके वचन में लिखा है विश्वास करने वालों के लिए सब कुछ हो सकता है जो मनुष्य से नहीं हो सकता

वो परमेश्वर से हो सकता है प्रभु मुझे कार चाहिए लेकिन मेरे पास पैसे नहीं हैं पर ये मुझसे नहीं हो सकता पर आपसे हो सकता है पर बाईबल में क्या लिखा था ;

यीशु ने धनवान आदमी को काहा मेरे पीछे आ और वो चला गया अपने राश्तों पे तब यीशु ने काहा ऊंट का सुइं के नाके में से निकलना आसान है लेकिन धनवान कि प्रभु के राज्य में आना कठिन है

तब पतरस ने काहा प्रभु किस का उद्धार होगा तब यीशु ने कहा जो मनुष्य से नहीं हो सकता वो परमेश्वर से हो सकता है अब ये वचन किसी के उद्धार के बारे में काहा गया था लेकिन आज ये वचन काहां use हो रहा है।

ये problem है उन लोगों कि जो बाईबल को बीच बीच में से पढ़ते हैं वो परमेश्वर के संपर्क(contact) में से नहीं पढ़ते हैं कि ये वचन किस परिस्थिति में लिखा गया है

और मुझे किस परिस्थिति में इस वचन को इस्तेमाल करना चाहिए। कभी भी बाईबल को चिट्स कि तरह इस्तमाल मत कीजिए कि प्रभु बाईबल को खोलते साथ जो वचन निकला वो वचन मेरा है !

इस तरह मत पढिय़े। हमेशा बाईबल chapter by chapter line by line पढ़ी जाती है।

 

3) तीसरी बात बाईबल पढ़ते समय भागिये मत एक साल में बाईबल पढ़ के खतम करना है। ऐसा बिलकुल नहीं करनी है। ये तो ऐसा होगया बस आपको अपनी कर्तव्य(duty) पूरी करनी है अगर में कल सो गया था तो

आज दो अध्याय पूरा कर लेते हैं ये तो बस अध्याय समाप्त करना काहा जाता है। इस तरह कुछ लोग जल्बाजी में पढ़ लेते हैं👉 दूसरे दिन यीशु भीड़ को खड़ी देखी जो झील के पार खड़ी थी ऐसे आपको वचन समझ आया

इस वचन का क्या मतलब था कितनी जल्दी पढ़ते हैं पर समझमे उन्हें कुछ नहीं आता। याद रखिएगा अगर आप बाईबल को बहुत first पढ़ते हैं तो blessings खो रहे होते हैं।

मैने क्या काहा ये रोटी है आराम से पढ़िए जब आप पढ़ते हैं और उसके बारे में सोचते हैं तो आप चबाते हैं। और आप जानते हैं जब हम खाना खाते हैं उसे चबाते हैं

ओर वो खाना अंदर जाता है juices बनाता है और juices जो है हमारे पूरे मांसपेशियों में ताकत देती है जिससे शरीर चल पाती है बाईबल को सिर्फ पढिय़े मत पर इसे ध्यान से और आराम से पढ़िए।

भले ही एक अध्याय एक दिन में पढ़िए पर आराम से पढ़िए। ताकि आप समझ पाएं क्या हुआ था।

 

 

4) कभी भी बाईबल दूसरों के लिए मत पढ़िए अगर आप एक पति हैं और आप बाईबल को पढ़ रहे हैं और आपको वहां पर वचन मिला पत्नियों को अपने पति के आधीन होना चाहिए ओर आप जा कर अपने पत्नी को दिखाते हो

ये वचन तेरे लिए लिखा है इस वचन को follow कर या आप एक पत्नी हैं तो आपने बाईबल खोली और एक वचन पढ़ लिया वहां पर लिखा है

हे पतियों अपने अपने पत्नियों को अपने समान प्रेम करो ये वचन जा कर अपने पति को दिखाते हो या अगर आप मा बाप दोनों बैठ कर बाईबल में वचन पढ़ते हो हे बच्चो

अपने मा बाप का आदर करो ये अपने बच्चो को दिखाते हो आप देख रहे हैं बाईबल के page में दूसरों के photo दिखाई दे रहे हैं बाईबल दूसरों के लिए नहीं पढ़ी जाती। बहुत सारे प्रचारक भाई सनीवार को बाईबल खोलते हैं

दो चार point लिख लेते हैं और अगले दिन प्रचार करते हैं और फिर उसके बाद सोमवार , बुधवार , शुक्रवार बाईबल नहीं खुलती और जैसे उनको पता चलता है कल उनको प्रचार करना है

फिर से वो एक notes बनाते हैं या कुछ लोग Facebook what’s up group में प्रभु का वचन डालते हैं ये सारी चीजें अच्छी हैं लेकिन इन सारी चीजों में आपकी कोई उन्नति नहीं है।

पोलुस कहता है सेवा करते करते कुछ लोग पापी(back slider) हो जाते हैं। बाईबल हमेशा अपने लिए पढ़िए। जब भी बाईबल खोलते हैं प्रभु से ये मत कहिए कि प्रभु मुझे कुछ दे ताकि में लोगों को कुछ दुं नहीं

पर ये कहिए प्रभु मुझे कुछ दे ताकि में कुछ खा सकूं मुझे खोला प्रभु। अगर आप ही मरे हुए Christian हो तो किसी को केसे उठा सकते हो कहीं सारे लोगों को ये नहीं पता होता

कि वो बाईबल information पाने के लिए पढ़ रहे हैं वो दूसरों को सिखाने के लिए पढ़ते हैं। आप जानते हो वचन इस लिए पढ़ा जाता है ताकि जिंदा परमेश्वर कि आवाज़ को सुन सके।

पूरी बाईबल पवित्र आत्मा के प्रेरणा से लिखी गई है ये बाईबल सांस(breath) है परमेश्वर कि क्या आप विश्वास कर सकते हो जैसे परमेश्वर ने आदम में फूका उस में जिन्दगी आगई वैसे परमेश्वर ने हर एक वचन में फूंका है

आत्मा दिया है ताकि जब ये वचन आपके अंदर जाता है तो आपको जिन्दा कर देता है तो भायों बाईबल का लेखक(author) हमारे अंदर रहता है।

यीशु ने कभी नहीं कहा में तुम्हारे पड़ोसी से कहता हूं पर यीशु ने कहा में तुम से केहता हूं। अगर आप एक प्रचारक हैं बाईबल पढ़ते पढ़ते कुछ मिल गया तो आप कहते हो ये अच्छा वचन है मुझे प्रचार करना चाहिए ये ठीक बात है

पर क्या आप इस वचन को अपने लिए लिया आपने कुछ सीखा। आप हर एक से कहोगे प्रभु आपको भर रहा है पर आप खुद जानते हो आप अंदर से खुद empty हो। बाईबल को knowledge के लिए नहीं पर अपने लिए पढ़ा जाता है।

 

 

5) जब भी आप बाईबल पढ़ रहे हैं एक notes copy पास में रखिए जो कुछ भी आपको समझ ना आए वहां पर लिख लीजिए ये वचन मुझे समझ में नहीं आया

और जो भी उस नोट्स बुक पर question बनेगी रोज़ उस copy पर हांथ रख कर प्रार्थना करे प्रभु में विश्वास करता हूं इस में जितने भी प्रश्न हैं आज उसके उत्तर देंगे कभी कभी प्रभु आपको किसी कि प्रचार के द्वारा या विश्वासी के द्वारा या

और किसी तरह उत्तर दे सकता है। जो कुछ आप सीखते हैं बाईबल से वो लिखिए और जो नहीं समझ आया वो भी उसमे लिखे।

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