परमेश्वर के उपस्थिति में चलना सीखो

 

 

  • यीशु का यह वायदा है कि वह एक ही समय में सभी जगह होंगे। सारी दुनिया में एक ही समय में लाखों जगह लोग उनके नाम से इकट्ठे होते हैं और वहाँ यीशु की मौज़ूदगी होती है। तुलना करें

👉 28:20. ऐसा सिर्फ़ परमेश्वर ही से संभव है। यीशु इस बात से पूरी तरह आश्वासित थे कि यीशु खुद परमेश्वर हैं। देखें 👉 फ़िलि. 2:6; लूका 2:11.

 

 

मत्ती 1:23

 

23 “देखो, एक कुँवारी गर्भवती होगी

और उसके एक बेटा होगा।

उसका नाम ‘इम्मानुएल’,

जिसका मतलब है ‘परमेश्वर हमारे साथ’

रखा जाएगा।”

 

  • यहाँ आखिरी पद में प्रतिज्ञा यह है कि इम्मानुएल युग के अन्त तक प्रभु के लोगों के साथ रहेंगे।

 

 

  • संसार की दौलत से कहीं अधिक बढ़कर हमारे साथ परमेश्वर की उपस्थिति है। यदि वह हमारे साथ हैं तो वह हमारी ज़रूरतों को पूरा करेंगे और भीतर उनकी उपस्थिति से हम सभी परिस्थितियों में सन्तुष्ट रहेंगे।

परन्तु यदि विश्वासी गुनाह करे, तो क्या परमेश्वर उन्हें त्याग नहीं देंगे? क्योंकि वह कहते है कि मैं तुम्हें नहीं छोडूँगा, तो अवश्य ही नहीं छोड़ेंगे। इसका मतलब यह नहीं कि वे गुनाह करने के लिये आज़ाद हैं।

उसके विपरीत प्रभु उन्हें आज़ाद करते है कि वे पवित्र बनें👉 (रोमि. 6:1-2; 15:18)। किंतु क्या विश्वासी उन्हें छोड़ नहीं सकते? वे ऐसा नहीं करना चाहते हैं और न ही करते हैं

 

 

उत्पत्ति 17:1 जब अब्राहम निन्यानवे वर्ष का हुआ, यहोवा ने उससे बात की। यहोवा ने कहा, “मैं सर्वशक्तिमान परमेश्वर हूँ। मेरे उपस्थिति में चल और सिद्ध होता जा।

 

 

  • परमेश्वर जब इब्राहीम के साथ चले थे तब इब्राहीम की उम्र 75 थी लेकिन इस वचन में इब्राहीम की उम्र 99 है और परमेश्वर एक बूढे व्यक्ति के ज़िन्दगी में जाहिर होता है और उसे कहता है

मेरे साथ मेरे उपस्थिति में चल और सिद्ध होता जा। अगर तू मेरे साथ चलेगा बहुत सारे दोष से बच जाएगा।

 

 

क्यों परमेश्वर को इब्राहीम को ऐसी शब्दों का प्रयोग कर के कहना पड़ा था  ?

 

  • जब परमेश्वर आपको कहे मेरी उपस्थिति में चल इसका अर्थ है परमेश्वर कहता है मुझे उपस्थिति जान कर ज़िन्दगी जी। आप कहीं बार घरो में देखे होंगे कि बेटा हो या बेटी अपने मा के साथ जादा friendly होते हैं

लेकिन अपने पापा के साथ वो हमेशा सोच समझ कर चलते होंगे क्यों हम भी जानते हैं कि पापा लोक घर के head होते हैं ये घर के बड़े होते हैं।

आप देखे होंगे अगर आप घर पर टीवी देखते समय कुछ ऐसा गलत चीज टीवी पर आ जाए और अचानक आपके पापा आते हों तो आप क्या करोगे आप चैनल बदल दोगे क्यों ?

क्यों कि अब आपके पापा आपके पास होते हैं। ठीक उसी तरह कितने लोग परमेश्वर को उपस्थिति जान कर ऐसी ज़िन्दगी जी रहे हैं कि परमेश्वर मुझे देख रहा है।

 

 

  • जरा सोचिए वो बादल जो इस्राइली के आगे आगे चलता था वो परमेश्वर पिता का चिन्ह था। परमेश्वर हमेशा ये विश्वास दिलाता था कि देखो मैं बादलों के द्वारा तुम्हारे पास हूं मैं तुम्हें मार्ग दिखाऊंगा।

 

 

  • आज में आपसे ये बात समझाना चाहता हूं कि क्यों परमेश्वर ने अब्राम से ये बाते कही ; आप जानते होंगे अब्राम से बहुत ही सरल बातों से कही थी अपना घर छोड़ ,

कुटूम छोड़ जहां में बोलू वहां चला जा और परमेश्वर उसको वहां से आगे ले गया ओर जैसे लूत उससे अलग हुआ प्रभु ने इब्राहीम से कहा अपनी आंखे उठा और जहां तक देख सकता है देख ये जमीन तेरी है।

 

  • बाईबल बताती है कि परमेश्वर ने उसे जब वो जमीन दी उसके बाद वचन केहता है उस जमीन पर अकाल आया मतलब वहां पर खाना बन्द हो गया बहुत मेहेंगा हो गया और इब्राहीम को ऐसा पता चला कि मिस्र में बहुत खाना है

बाईबल में लिखा है इब्राहीम वहां से हट कर मिस्र चला गया और वहां पर उसने कुछ ऐसा देखा कि वहां के लोग कुछ इस तरह के थे कि औरतों को ग़लत नजर से देखते थे अगर कोई औरत अपने पति के साथ थे

तो उनके पति को मार के उनके पत्नियों को रख लेते थे। और  इब्राहीम जैसे रोटी के लिए मिस्र में दाखिल हो गया वो जान गया यहां के लोग ऐसा करते हैं।

तब उसने सारा से कहा अगर वो तुझ से पूछे कि में कौन हूं तो केह देना कि में तेरा भाई हूं ताकि तेरी वजह से मेरी ज़िन्दगी बच जाए ओर आप जानते हैं सारा ने ऐसा ही किया।

 

 

  • ओर एक समय ऐसा भी आया कि जब इब्राहीम और सारा वापस वहां से आए तो जब परमेश्वर ने इब्राहीम से को वादा किया था कि वो उससे बच्चा देंगे लेकिन फिरसे इब्राहीम को निरासा ने घेर लिया

इब्राहीम देखने लग गया कि अब बच्चा नहीं हो रहा है तब सारा ने उसे एक सलाह दी तू एक काम कर हमारे घर में एक महिला नौकर है उसका नाम हाजिरा है तू उसके साथ संबंध रख और तू वहां से एक बच्चा पैदा कर

और इब्राहीम ने उसकी बातें मान ली , और कहीं साल परमेश्वर उसकी इस गलती कि वजह से बात नहीं कि ऐसे ओर भी इब्राहीम की गलतियां हुई थी उन के बारे में बाईबल में लिखा गया है।

कोई संदेह नहीं है कि इब्राहीम विश्वास के पिता थे वो दुसमनों से प्रेम करते थे लुत भले ही स्वार्थी था फिर भी उसे इब्राहीम प्यार करते थे बहुत सारे विशिष्ट गुण से भरे हुए थे

लेकिन यहां पर में  उनके खूबियों के लिए नहीं उनके कमियों के बारे में बताना चाहता हूं जिस के लिए  प्रभु को केहना पड़ा इब्राहीम मेरी उपस्थिति में चल।

 

 

  • आप जानते हो जब परमेश्वर ने देखा ये व्यक्ति मेरी जमीन को छोड़ कर आगे चला गया वहां पर झूठ बोलने लग गया उसके बाद इसने अपनी पत्नी कि बात मानी और वहां से बच्चा पैदा हुआ और बाईबल में ऐसा लिखा है अब्राम बहुत सारी गलती कर चुके थे तब परमेश्वर प्रकट हो कर उसे कहता है इब्राहीम मेरी उपस्थिति में चल और सिद्ध होता जा। क्या अर्थ है इन शब्दों का ?

 

 

  • परमेश्वर इब्राहीम से ये कहना चाहता था कि तुमने हमेशा लोगों की बात मानी है तूने हमेशा लोगों कि सोची है लेकिन अब तुझे इस बात कि परवा करनी चाहिए कि में क्या बोल रहा हूं मेरी इच्छा क्या है

ठीक उसी तरह हम भी इब्राहीम के जैसे बड़ी बड़ी गंभीर गलतियां कर चुके हैं आपको भी पता है कभी हम गलत इंसान से शादी कर ली कभी गलत फ़ैसला कर के business कर लिया

परमेश्वर से बिना सलहा लिए चर्च शुरू कर लिया ऐसी गलतियां कर लिया है जिसकी वजह से समस्या सालों तक सामना करना पड़ा उस का चुकता करना पड़ गया।

 

 

  • अगर आप प्रभु कि उपस्थिति में नहीं चलेंगे ये गलतियां भी नहीं रुकेंगी एक से दो उससे भी ज्यादा चक्कर(affair) रखते हैं लड़का हो या लड़की शादी सुदा आदमी हो या औरत ये सारे आज कल यही गुन्हाओं में पड़ते हैं

कभी आपने सोचा है बार बार उन्ही गुन्हाओं में क्यों गिरते हैं ; कहीं बार आपने सोचा है मैने जो decision लिए हैं उनके फल क्यों नहीं मिलते मुझे जरा सोचिए बहुत सारे लोग दूसरों के गवाहियों को सुन कर उन्हें लगता है

हमारे साथ भी परमेश्वर ऐसा समझौता (deal) करेगा पर में आपको समझाना चाहता हूं कि परमेश्वर का समझौता (dealing) हर एक के साथ अलग होती है।

आप समझ जाओ कि परमेश्वर कुछ चीजें आपको नहीं दी उसके पीछे कारण ये नहीं था कि वो आपको नहीं देना चाहता है ; पर वो आपको कुछ और सिखाना चाहता है कुछ और देना चाहता है जैसे बाईबल में इतिहास में भी लिखा है

अयूब के समय एक तूफान आया और यहोवा उसमें था और यहोवा ने मुझसे बातें कि लेकिन बाईबल में लिखा है एलिया के टाइम पे भी एक तूफान आया पर एलिया कहता है

उसमें परमेश्वर नहीं था वही चीज दोनों के साथ हुई लेकिन परमेश्वर एक में था और एक में नहीं था।

 

  • परमेश्वर का कहेने का मतलब इब्राहीम से क्या था कि उनके उपस्थिति में चलना इसका मतलब था तू सारा कि परवाह करता है तू ये नहीं देख रहा है कि जिस जमीन पर मैने तुझे रुकवाया था मैने तुझे खाना देने कि ताकत रखता हूं

बाईबल कहती है भले सारे संसार में अकाल आए पर हमारे खेतों पर मेहे बरसेगा ; बाईबल कहती है जब इसहाक बनजर जमीन पर जोता बोया वो फलवांत हुआ।

हर एक को ये कहना चाहता हूं कि हमारा घर का पता(address) सिर्फ हमारा नहीं है वो सिर्फ एक घर भी नहीं है जहां हम रहते हैं पर हमारा असली पता(address) ये होना चाहिए कि हर वक्त हमें परमेश्वर के उपस्थिति में रहना है

इसका मतलब है कि हमारे घर में सिर्फ हम नहीं पर परमेश्वर भी उपस्थित रहते हैं और ये जान कर हमें भी परमेश्वर के उपस्थिति को समझना है और वैसे जीना चाहिए जैसे वो हैं

और हमें देखते हैं। उनकी मर्जी को उनके आज्ञां को मानकर चलना होगा।

 

 

  • जब आप सुभे उठते हैं पहली प्रार्थना ये करे की प्रभु आज मेरा विवेक इस बात पर पक्का होजाए कि परमेश्वर तू मेरे साथ है ओर में पूरा दिन इस विश्वास से जियों कि में और तू एक हैं प्रभु तू मेरे साथ है

और जब आप ये विश्वास करोगे प्रभु आपके साथ है तब में आपको ये कहना चाहता हूं कि आपका हर शब्द , हर सोच , हर काम(act) जो आप करते हो ये जान के करेंगे कि परमेश्वर मेरे साथ है

क्या उनको अच्छा लगेगा। इसी से दिव्य ज्ञान मिलती है।

 

 

  • अगर आप कुछ ऐसा business करना चाहते हैं जिसमें आपको पता होगा उसमें चीटिंग होती है झूठ बोलना पड़ता है हेरा फेरी करना पड़ता है।

ऐसा काम शुरू करने वाले हो जिस में आपको गुन्हा ही करना पड़ेगा तो आप ये business करोगे नहीं ना। लेकिन जरा सोचिए आप ये विश्वास करते हैं कि प्रभु आपके साथ है और आप प्रभु को देखेंगे

और आपको उनकी सलहा भी मिल जाएगी कि वो इस business के बारे में क्या कहता है। जो लोग परमेश्वर के उपस्थित नहीं रहते हैं वो लोग बेवकूफ होते हैं।

लेकिन जो लोग परमेश्वर के साथ उपस्थिति रहते हैं वो लोग बुद्धिमान व्यक्ति होते हैं क्यों कि वो चलते चलते प्रभु के साथ उसके मरजियों को जानना शुरू कर देते हैं।

99 उम्र में परमेश्वर प्रकट हो कर ये कहते हैं कि मेरी उपस्थिति में चल। तो सवाल ये है कि आपका मन और विवेक के साथ परमेश्वर के साथ जुड़े हुए हैं ?

जब आप जुड़े हुए रहते हैं आपका मन और विवेक लगा हुआ रहता है परमेश्वर के साथ तब परमेश्वर आपको step by step सिखाता है कहां बैठना है कहां नहीं बैठना , कहां बात करनी है कहां शांत रहना है ,

 

कहां पर पैसे invest करना है और कहां पर invest नहीं करना है , किससे बात करनी चाहिए किससे बात नहीं करनी चाहिए , marriage कैसे handle करनी है वो आपको सारी चीजों का बुद्धि देता है।

 

  • जरा सोचिए आप परमेश्वर कि उपस्थिति में जीवन जीते हैं। आज हमें लोगों कि बड़ी फिकर रहती लोग क्या सोचते हैं लोग क्या कहते हैं मेरे बारे में यीशु ने काहा येही वो लोग होते हैं

जिन के अंदर बीच फलवंत नहीं होता यीशु ने काहा ये वो जमीन है जो बीज गिरा थोड़ा फलवांत हुआ पर झाड़ियों ने दबोज दिया पतरस ने पूछा यीशु से इसका अर्थ क्या है ?

यीशु ने कहा संसार कि चिन्ता ने वचन को दबा दिया है। संसार क्या सोचता है संसार क्या बोलता है ये वो लोग हैं जब हम बीमार होते हैं हमको गोली नहीं देने आते हैं और हम उनकी चिन्ता करते हैं

कि ये क्या कहेंगे समाज क्या कहेगा दुनिया क्या कहेगी। यीशु मसीह ऐसा नहीं जीते थे उनके दिमाग में हमेशा ये चलता था कि मेरे स्वर्गीय पिता मेरे बारे में क्या सोचते हैं वो क्या बोलते हैं मेरे बारे में।

परमेश्वर इसी कारण इब्राहीम का गलती देख देख कर अंत में ये कहते हैं कि तू मेरी उपस्थिति में चल में क्या चाहता हूं में क्या बोलता हूं में क्या तेरे बारे में सोचता हूं इसे पहचान।

और देखिए 99 उम्र में वो प्रभु के साथ चलना शुरू किया और 100 के उम्र में परमेश्वर ने उसे एक बच्चा दिया।

 

परमेश्वर कि उपस्थिति कि आयतें : 👇

 

मत्ती 18:20 क्योंकि जहाँ कहीं मेरे नाम से दो या तीन लोग इकट्ठे होते हैं, वहाँ उनके बीच मैं हूँ।”

 

 

मत्ती 28:20 जो आज्ञाएँ मैंने दी हैं, उन्हें मानना सिखाओ । देखो, जब तक कि दुनिया का अन्त न हो, मैं तुम्हारे साथ हूँ ।

 

 

निर्गमन 13:21 यहोवा उनके आगे-आगे चलकर उन्हें रास्ता दिखाता रहा। वह दिन के वक्त बादल के खंभे से उन्हें रास्ता दिखाता और रात के वक्त आग के खंभे से उन्हें उजाला देता था, इसलिए वे दिन और रात दोनों समय सफर कर सके।

 

 

निर्गमन 40:34  इसके बाद बादल भेंट के तंबू पर छाने लगा और पवित्र डेरा यहोवा की महिमा से भर गया।

यहोशू 1:5 तेरे जीवन-भर कोई तुझे हरा नहीं पाएगा। जैसे मैं मूसा के साथ था वैसे ही तेरे साथ रहूँगा। मैं तेरा साथ कभी नहीं छोड़ूँगा और न ही तुझे त्यागूँगा।

 

 

यहोशू 1:17 जिस तरह हमने मूसा की हर बात मानी थी हम तेरी बात भी मानेंगे। तेरा परमेश्वर यहोवा हमेशा तेरे साथ रहे, जैसे वह मूसा के साथ था।

 

 

यशायाह 63:9 जब-जब वे तकलीफ में थे, उसे भी तकलीफ हुई और उन्हें बचाने के लिए उसने अपना दूत भेजा। उसने प्यार और करुणा की वजह से उन्हें छुड़ाया, प्राचीन समय से उन्हें गोद में लेकर फिरता रहा।

 

 

निर्गमन 3:12 तब परमेश्वर ने उससे कहा, “मैं तेरे साथ रहूँगा। मैं तुझसे एक वादा करता हूँ जिसके पूरे होने पर तुझे यकीन हो जाएगा कि मैंने ही तुझे भेजा है।

मेरा वादा है कि तू इसराएल को मिस्र से निकाल लाने में ज़रूर कामयाब होगा और वहाँ से निकलने के बाद तुम लोग इसी पहाड़ पर मुझ सच्चे परमेश्वर की सेवा करोगे।”

 

यहोशू 3:7 यहोवा ने यहोशू से कहा, “आज से मैं तुझे सब इसराएलियों की नज़रों में ऊँचा उठाऊँगा ताकि वे जान लें कि मैं तेरे साथ हूँ, ठीक जैसे मैं मूसा के साथ था।

 

 

निर्गमन 14:31 उन्होंने देखा कि यहोवा ने कैसे अपनी महाशक्ति से मिस्रियों को कड़ी सज़ा दी। और लोग यहोवा का डर मानने लगे और उन्होंने यहोवा और उसके सेवक मूसा पर विश्वास किया।

 

 

 

यूहन्ना 1:18 किसी इंसान ने परमेश्वर को कभी नहीं देखा। इकलौते बेटे ने ही हमें पिता के बारे में समझाया, जो एक ईश्वर है और पिता के बिलकुल पास है।

 

 

यूहन्ना 14: 6 यीशु ने उससे कहा, “मैं ही वह राह, सच्चाई और जीवन हूँ। कोई भी पिता के पास नहीं आ सकता, सिवा उसके जो मेरे ज़रिए आता है।

 

 

इब्रानियों 13:5  तुम्हारे जीने का तरीका दिखाए कि तुम्हें पैसे से प्यार नहीं और जो कुछ तुम्हारे पास है उसी में संतोष करो। क्योंकि परमेश्वर ने कहा है, “मैं तुझे कभी नहीं छोड़ूँगा, न कभी त्यागूँगा।”

 

 

यूहन्ना 14:18 मैं तुम्हें अनाथ न छोड़ूँगा, मैं तुम्हारे पास आता हूँ।

 

 

मत्ती 28:20 और उन्हें वे सारी बातें मानना सिखाओ जिनकी मैंने तुम्हें आज्ञा दी है। और देखो! मैं दुनिया की व्यवस्था के आखिरी वक्त तक हमेशा तुम्हारे साथ रहूँगा।”

 

 

यशायाह 41:10  तू चिंता मत कर, मैं तेरे साथ हूँ। तू भयभीत मत हो, मैं तेरा परमेश्वर हूँ। मैं तुझे सुदृढ़ करुँगा। मैं तुझे अपने नेकी के दाहिने हाथ से सहारा दूँगा।

 

 

यहोशू 1:9  याद रखो, कि मैंने तुम्हें दृढ़ और साहसी बने रहने का आदेश दिया था। इसलिए कभी भयभीत न होओ, क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे साथ सभी जगह रहेगा, जहाँ तुम जाओगे।”

 

 

निर्गमन 23:27  तुम्हारे वहाँ पहुँचने से पहले, मैं वहाँ के लोगों में अपना डर फैला दूँगा। जिन लोगों से तुम्हारा सामना होगा उनके बीच मैं खलबली मचा दूँगा और तुम्हारे सभी दुश्मनों को ऐसा हरा दूँगा कि वे तुम्हारे सामने से भाग खड़े होंगे।

 

व्यवस्थाविवरण 31:7-8  फिर मूसा ने यहोशू को बुलाया और सभी इसराएलियों के सामने उससे कहा, “तू हिम्मत से काम लेना और हौसला रखना,

क्योंकि तू ही इन लोगों को उस देश में ले जाएगा जिसे देने के बारे में यहोवा ने इनके पुरखों से शपथ खायी थी और तू ही इन लोगों को वह देश विरासत में देगा।

8 यहोवा खुद तेरे आगे चलेगा और तेरे साथ-साथ रहेगा। वह तेरा साथ कभी नहीं छोड़ेगा और न ही तुझे त्यागेगा। इसलिए तू डरना मत और न ही खौफ खाना।”

 

निर्गमन 33:14  तब परमेश्वर ने उससे कहा, “मैं खुद तेरे साथ जाऊँगा और तुझे चैन दूँगा।”

 

यशायाह 63:9  जब-जब वे तकलीफ में थे, उसे भी तकलीफ हुई और उन्हें बचाने के लिए उसने अपना दूत भेजा। उसने प्यार और करुणा की वजह से उन्हें छुड़ाया, प्राचीन समय से उन्हें गोद में लेकर फिरता रहा।

 

व्यवस्थाविवरण 31:6  तुम हिम्मत से काम लेना और हौसला रखना। उन जातियों से बिलकुल न डरना और न ही उनसे खौफ खाना क्योंकि तुम्हारा परमेश्वर यहोवा तुम्हारे साथ चलेगा। वह तुम्हारा साथ कभी नहीं छोड़ेगा और न ही तुम्हें त्यागेगा।”

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